सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Indian Army snipers get latest Sako TRG-42 rifles

बढ़ेगी ताकत: एलओसी पर भारतीय जवानों को मिली आधुनिक स्नाइपर राइफल, इसका निशाना सटीक और घातक

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amit Mandal Updated Mon, 28 Mar 2022 07:26 PM IST
विज्ञापन
सार

2018 और 2019 के बीच एलओसी और आईबी पर स्नाइपिंग की घटनाओं की संख्या में अचानक बढ़ोतरी हुई, जिसके बाद सेना को और मजबूती देने का फैसला लिया गया। स्नाइपर्स को अब इन राइफलों के साथ ट्रेनिंग दी जा रही है।   

Indian Army snipers get latest Sako TRG-42 rifles
सेना को आधुनिक स्नाइपर राइफलें मिलीं - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर तैनात सैनिकों के लिए फिनलैंड से आयात नवीनतम स्नाइपर राइफलें शामिल की हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नवीनतम स्नाइपर राइफल को सेना में शामिल किया गया है। जवान अब इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। ये साको .338 टीआरजी-42 (Sako TRG-42) स्नाइपर राइफल्स हैं। साको .338 टीआरजी-42 स्नाइपर राइफल्स पहले से मौजूद हथियारों के मुकाबले बेहतर रेंज वाली हैं और इनकी मारक क्षमता भी बेहतर है। उन्होंने कहा कि नियंत्रण रेखा पर तैनात स्नाइपर्स को नई राइफलों से प्रशिक्षित किया जा रहा है।

Trending Videos


स्नाइपर्स को और अधिक घातक बनाने के लिए उठाया कदम
अधिकारी ने कहा कि यह कदम नियंत्रण रेखा पर स्नाइपर्स को और अधिक घातक बनाने के लिए उठाया गया है। अधिकारी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा और अंतर्राष्ट्रीय सीमा (आईबी) के साथ आगे के इलाकों में गश्त कर रहे सैनिकों के लिए स्नाइपिंग एक बड़ी चुनौती रही है। 2018 और 2019 के बीच एलओसी और आईबी पर स्नाइपिंग की घटनाओं की संख्या में अचानक बढ़ोतरी हुई, जिससे सशस्त्र बलों को बेहतर स्नाइपर राइफलों को शामिल करने और इस तरह के हमलों के खिलाफ अपने स्नाइपर्स को प्रशिक्षित करने का कदम उठाना पड़ा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इससे पहले बदली गई थीं रूस की राइफलें
साको राइफल्स ने बेरेटा की .338 लापुआ मैग्नम स्कॉर्पियो टीजीटी और बैरेट की .50 कैलिबर एम95 की जगह ले ली है, जिन्हें 2019 और 2020 में भारतीय सेना में शामिल किया गया था। इटली और अमेरिका में बनी इन राइफलों ने पुराने रूसी हथियारों ड्रैगुनोव की जगह ली थी। 1990 के दशक में पहली बार खरीदे गए ड्रैगुनोव धीरे-धीरे समकालीन स्नाइपर राइफल्स से पीछे हो गए हैं। नई राइफलें बेहतर दृष्य देने के साथ सटीकता से एक किलोमीटर से अधिक की स्ट्राइक रेंज प्रदान करते हैं। साको टीआरजी-42 स्नाइपर राइफल एक बोल्ट-एक्शन स्नाइपर राइफल है जिसे फिनिश बंदूक निर्माता साको (SAKO) द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है।

इस राइफल को शक्तिशाली .338 लापुआ मैग्नम आकार के कारतूसों को फायर करने के लिए डिजाइन किया गया है। अधिकारी ने कहा कि बिना गोला-बारूद के 6.55 किलोग्राम वजनी स्नाइपर राइफल की प्रभावी रेंज 1500 मीटर है। यह दुनिया भर में सबसे सटीक और भरोसेमंद हथियारों में से एक माना जाता है।  
 

Indian Army snipers get latest Sako TRG-42 rifles
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed