IndiGo: दिसंबर की अफरा तफरी के बाद कंपनी का वादा,10 फरवरी से फ्लाइट नहीं होगी लेट;क्या खरा उतरेगी एयरलाइन?
इंडिगो ने कहा, 10 फरवरी के बाद उसकी ओर से किसी भी उड़ान को रद्द नहीं किया जाएगा। कंपनी में पायलटों की पर्याप्त संख्या उपलब्ध हो गई है, जिसके चलते उड़ान संचालन में स्थिरता आ चुकी है और सेवाएं सामान्य पटरी पर लौट रही हैं।
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दिसंबर में इंडिगो एयरलाइन की अंदरूनी अव्यवस्थाओं ने यात्रियों की मुश्किलें काफी बढ़ा दी थीं। फ्लाइट कैंसलेशन और देरी का ऐसा दौर चला कि कई विमानों को उड़ान भरने के बजाय जमीन पर ही खड़ा रहना पड़ा, जिससे आम यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि अब इंडिगो ने हालात सुधरने का दावा किया है। एयरलाइन कंपनी ने सरकार को भरोसा दिलाया है कि उसकी उड़ान सेवाएं पूरी तरह से सामान्य हो रही हैं और संचालन को स्थिर रखने के लिए आवश्यक इंतजाम कर लिए गए हैं। एयरलाइन कंपनी ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को बताया है कि 10 फरवरी के बाद उसकी ओर से किसी भी उड़ान को रद्द नहीं किया जाएगा। कंपनी में पायलटों की पर्याप्त संख्या उपलब्ध हो गई है, जिसके चलते उड़ान संचालन में स्थिरता आ चुकी है और सेवाएं सामान्य पटरी पर लौट रही हैं।
दरअसल, दिसंबर 2025 की शुरुआत में इंडिगो को गंभीर परिचालन संकट का सामना करना पड़ा था। कंपनी 1 से 9 दिसंबर के बीच कुल चार हजार 290 उड़ानें रद्द कर दीं। इसकी मुख्य वजह पायलटों की कमी रही, जो नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियमों के लागू होने के बाद सामने आई थी। ये नियम नवंबर से प्रभावी हुए थे। इन नियमों का मकसद क्रू मेंबर्स के लिए पर्याप्त आराम और काम के घंटे तय करना है। लेकिन इंडिगो ने इन नियमों का पालन नहीं किया। इसके चलते पूरा ऑपरेशन प्रभावित हो गया।
देशभर में फ्लाइट ऑपरेशन रुकने से यात्रियों की परेशानी को देखते हुए डीजीसीए ने इंडिगो को राहत देते हुए कुछ एफडीटीएल नियमों को 10 फरवरी तक के लिए अस्थायी रूप से रोक दिया।लेकिन अब इंडिगो ने डीजीसीए को भरोसा दिलाया कि कंपनी ने सब कुछ ठीक कर लिया है। 10 फरवरी तक उसे 2,280 कैप्टन की जरूरत है, जबकि उसके पास 2,400 कैप्टन उपलब्ध हैं। इसी तरह 2,050 फर्स्ट ऑफिसर की आवश्यकता के मुकाबले 2,240 मौजूद हैं। इन आंकड़ों के आधार पर डीजीसीए ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा कि इंडिगो अब स्थिर संचालन के लिए तैयार है और आगे किसी भी उड़ान के रद्द होने की संभावना नहीं है।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय का कहना है, दिसंबर में इंडिगो को आई दिक्कत क्रू मैनेजमेंट में खामियों, कम ऑपरेशनल बफर और सिस्टम की कमजोरियों का नतीजा थीं। इन्हीं कारणों से नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने में परेशानी हुई। हालात को काबू में लाने के लिए सरकार ने 6 से 30 दिसंबर के बीच इंडिगो को अस्थायी छूट दी थी। इस दौरान इंडिगो के ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर और प्रमुख एयरपोर्ट्स पर निरीक्षक और पैसेंजर हेल्प टीमें भी तैनात की गईं। हालांकि इस अवधि के दौरान इंडिगो ने डीजीसीए को रोजना, साप्ताहिक और 15 दिन की रिपोर्ट देनी पड़ी। इन रिपोर्ट में इंडिगो उड़ानों के रद्द होने की स्थिति, क्रू की उपलब्धता, स्टैंडबाय क्रू का उपयोग, पायलटों की संख्या, ट्रेनिंग और भर्ती योजनाएं, फ्लीट की स्थिति और सुधार से जुड़ी कार्य योजनाएं शामिल थीं। सरकार की लगातार निगरानी और एयरलाइन द्वारा किए गए सुधारों के बाद अब संचालन में स्थिरता आई है और सेवा की विश्वसनीयता में भी सुधार देखा गया है।
डीजीसीए ने यह भी कहा कि आगे भी इंडिगो पर कड़ी नजर रखी जाएगी। खासतौर पर ड्यूटी रोस्टर की वास्तविक स्थिति, क्रू की उपलब्धता, ऑपरेशनल बफर की पर्याप्तता, सिस्टम की मजबूती और एफडीटीएल नियमों के पालन की नियमित समीक्षा की जाएगी। वहीं, इंडिगो ने दावा किया है कि मौजूदा नेटवर्क के हिसाब से उसके पास क्रू की संख्या पर्याप्त है। 6 दिसंबर 2025 को दी गई एफडीटीएल से जुड़ी छूट हटने के बाद भी संचालन प्रभावित नहीं होगा। यह खबर यात्रियों के लिए राहत की मानी जा रही है, क्योंकि दिसंबर में हुई अव्यवस्थाओं से हजारों लोग प्रभावित हुए थे। अब सबकी नजर इस पर है कि 10 फरवरी के बाद इंडिगो अपने दावों पर कितना खरा उतरती है।