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रिपोर्ट कार्ड: एसपी सिंह बघेल बोले- चार बार एमपी रहा, लेकिन दिल्ली में रुका सिर्फ 23 दिन, फोन भी खुद उठाता हूं

Ashish Tiwari आशीष तिवारी
Updated Fri, 23 Feb 2024 01:51 PM IST
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सार
भाजपा में पिछड़े वर्ग के बड़े नेता एसपी सिंह बघेल जब भाजपा में शामिल हुए तो दस साल में पार्टी ने पांच बार उन्हें चुनावी मैदान में उतार दिया। मोदी सरकार में मंत्री बनने से पहले वह अपने बतौर सांसद के कार्यकाल में महज 23 दिन ही दिल्ली रुके। अमर उजाला डॉट कॉम ने केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल से विस्तार से बात की। पेश हैं बातचीत के अंश।
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Interview: SP singh Baghel said, Been MP four times, but stayed in Delhi only for 23 days
SP Singh Baghel - फोटो : Amar Ujala/Rahul Bisht

विस्तार

कभी उत्तर प्रदेश पुलिस में सब इंस्पेक्टर रहे और बाद में मुलायम सिंह यादव के सुरक्षा अधिकारी बने एसपी सिंह बघेल इस वक्त केंद्र में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री हैं। भाजपा में पिछड़े वर्ग के बड़े नेता एसपी सिंह बघेल समाजवादी पार्टी से भी सांसद रहे। लेकिन जब भाजपा में शामिल हुए तो दस साल में पार्टी ने पांच बार उन्हें चुनावी मैदान में उतार दिया। बघेल कहते हैं कि मोदी सरकार में मंत्री बनने से पहले वह अपने बतौर सांसद के कार्यकाल में महज 23 दिन ही दिल्ली रुके। उनका दावा है कि आने वाले अगले दो रविवार को छोड़ दें, तो बीते 26 साल से ऐसा कोई भी रविवार नहीं रहा जब वह अपने लोकसभा क्षेत्र में ना रहे हों। सिर्फ अपनी लोकसभा ही नहीं, बल्कि अपने पाल गडरिया समुदाय के देशभर के सभी गांवों का नाम जुबानी याद रखते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2025 में टीबी मुक्त भारत को लेकर वह न सिर्फ आशान्वित हैं, बल्कि पूरी तैयारी से लगे हैं। आने वाले लोकसभा चुनाव में राज्यमंत्री बघेल किन तैयारी और मुद्दों के साथ जनता के बीच जाने वाले हैं। पेश हैं बातचीत के अंश।

सवाल: अब तो चुनाव बिल्कुल सिर पर हैं। क्या तैयारी चल रही हैं आपकी?

जवाब: मैं तो पांच साल चुनाव लड़ता हूं। जिस दिन जीत का प्रमाण पत्र लेता हूं, उसी दिन से लेकर अगले चुनाव तक लगातार 365 दिन सबसे संपर्क करता रहता हूं। इसलिए चुनाव सिर पर होने का लोड बिल्कुल नहीं है। अब तो मोदी कैबिनेट में मंत्री हूं इसलिए दिल्ली रुकना पड़ता है। पिछले चार बार के कार्यकाल में मैं सिर्फ 23 रात ही दिल्ली में रुका था। अब जब हर समय अपनी जनता के बीच में रहूंगा, तो चुनाव की तारीख नजदीक आना या सिर पर आने जैसा बोझ नहीं लगता है।

सवाल: आप तो सांसद, मंत्री भी थे। फिर आपको विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव के खिलाफ लड़ने उतार दिया गया। आप चुनाव बहुत लड़ते हैं।

जवाब: यह तो मेरा सौभाग्य है कि भाजपा में आने के बाद 10 साल में पांच चुनाव मुझे नेतृत्व ने लड़वाए। मैं भाजपा से पहले समाजवादी पार्टी में एमपी रहा। फिर विधायक रहा। प्रदेश सरकार में मंत्री रहा। राजनीति में आने से पहले उत्तर प्रदेश पुलिस में सब इंस्पेक्टर था। मुलायम सिंह यादव का सुरक्षा अधिकारी रहा। मुलायम सिंह के परिवार से करीबी नाता भी रहा और फिर सियासत में आमना सामना भी हुआ। पार्टी जो आदेश देती है उसका पालन करता हूं। हार जीत अपनी जगह। लेकिन इन दस सालों में पांच बार चुनावी मैदान में उतरने से हर बार पता चल जाता है कि मुझे मेरी जनता और मेरे समाज का वोट खूब मिलता है।

सवाल: यादव परिवार से आपका बहुत करीबी रिश्ता रहा है। आप और आपकी जनता उसे कैसे देखती है। सियासत में कोई असर पड़ता है क्या?

जवाब: मेरी सियासत में इसका क्या असर पड़ेगा। मैंने पहले भी बताया कि मैं समाजवादी पार्टी से तीन बार एमपी रहा। उस दौर में मैं सपा से जीता, जब हमारी लोकसभा जलेसर के सभी लगते हुए क्षेत्र में भाजपा जीतती थी। बाद में जब परिसीमन हुआ तो जलेसर लोकसभा सीट एक तरह से शून्य हो गई और वह आसपास की लोकसभा क्षेत्र में मिला दी गई। ऐसे में मेरे लिए सियासी तौर पर आगे आना ही था। क्योंकि मेरे क्षेत्र के लोग और मेरे समाज के लोगों का मुझ पर भरोसा था इसलिए मैंने समाजवादी पार्टी के परिवार के लोगों से सियासी मैदान में भिड़ने की तैयारी की। मेरी जनता को मुझ पर भरोसा था इसलिए मैं फिर लोकसभा पहुंच गया।

सवाल: आगरा आपका लोकसभा क्षेत्र है। आप जब 2019 में सियासी मैदान में उतरे थे तो कुछ वादे भी किए होंगे। क्या पूरे हो गए सभी वादे?

जवाब: मैं आपको बताऊं निजी तौर पर मैंने आगरा से कोई वादा किया ही नहीं। हां, एक वादा जरूर किया था कि मैं हर वक्त अपनी लोकसभा सीट के प्रत्येक व्यक्ति और प्रत्येक घर के लिए खड़ा मिलूंगा। सुख-दुख शादी ब्याह समेत हर छोटे से छोटे और बड़े से बड़े कार्यक्रम में अपने स्थानीय लोगों के साथ एक पैर से खड़ा रहूंगा। बस यह वादा किया था और वही निभा रहा हूं। मेरे और जनता के बीच में कोई तीसरा व्यक्ति न हो, इसलिए मेरा कोई प्रतिनिधि ही नहीं है। हर रविवार को आगरा में जनता से मिलता हूं। अपना फोन खुद उठाता हूं। अब सिर्फ आगरा ही नहीं राजस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में जो हमसे उम्मीद रखते हैं, मैं उनकी सबकी मदद करता हूं l

सवाल: आपने ऊपर उत्तर प्रदेश समेत अलग-अलग राज्यों का जिक्र किया। क्या बघेल एसपी सिंह जातिगत समीकरणों के लिहाज से इसे अपने लिए मुफीद मानते हैं?

जवाब: देखिए, लोगों को उम्मीद है। इसलिए लोग संपर्क करते हैं। मेरा तो बस इतना काम है, जो मुझसे मदद मांगता है मैं उसके लिए हर संभव प्रयास करके मदद करता हूं। बीते 26 साल से ऐसी कोई रविवार नहीं आया, जब लोगों के लिए मौजूद न रहा हूं। बस आने वाले दो रविवार जरूर में नहीं पहुंच पा रहा हूं। इसलिए मैं शुक्रवार को ही आगरा पहुंच जाऊंगा। यही मेरा जनता से कमिटमेंट है और यही मेरा वादा भी है। अब आप चाहे इसे जातिगत समीकरणों से जोड़ें या व्यक्तिगत समीकरणों से।

सवाल: आपके पास इस वक्त स्वास्थ्य मंत्रालय जैसा महत्वपूर्ण विभाग है। केंद्र सरकार का फोकस भी स्वास्थ्य योजनाओं को लेकर है। अभी और क्या-क्या किया जाना है चिकित्सा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में?

जवाब: हर मंत्रालय में विकास तो एक सतत प्रक्रिया है, जो होता रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन चिकित्सा और स्वास्थ्य के लिए बिल्कुल स्पष्ट है। 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाना है। आप देखिएगा दुनिया की एक गंभीर बीमारी देश से अगले साल तक खत्म हो चुकी होगी। इसके अलावा बदलती हुई जीवन शैली और उसके परिणाम स्वरूप होने वाली बीमारियों की समय से पहले की रोकथाम को लेकर कदम उठाए जा रहे हैं। हाइपरटेंशन, टीबी, कैंसर समेत अन्य बीमारियों की रोकथाम और उनके बेहतर इलाज के लिए एम्स जैसे बड़े अस्पताल खोले जा रहे हैं। आयुष्मान कार्ड योजना से साढ़े छह करोड़ लोग इलाज करा चुके हैं। 33 करोड लोगों का कार्ड बन चुका है। यह बहुत बड़ी योजना है।

सवाल: लेकिन अस्पताल खोलने के साथ-साथ चिकित्सकों की भी बहुत आवश्यकता है। वह किस तरीके से पूरे होंगे। अभी भी देश में डॉक्टरों की कमी है।

जवाब: केंद्र सरकार ने एमबीबीएस के लिए 112 फीसदी सीटें बढ़ा दी हैं। पोस्ट ग्रेजुएट सीट्स के लिए 127 फीसदी सीटें बढ़ा दी गई हैं। देश में 1,56,000 से ज्यादा हेल्थ और वैलनेस सेंटर है। 2014 तक सात ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज थे, जो अब तीन गुना बढ़कर 22 हो गए हैं। बीते 10 सालों में 370 मेडिकल कॉलेज की जगह पर 735 मेडिकल कॉलेज बनाए गए हैं। आप देखते जाइएगा, इस तरह से चिकित्सा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमारा देश आगे बढ़ रहा है, वह एक दिन दुनिया में सबसे ऊंचे पायदान पर होगा। नरेंद्र मोदी सरकार की पूरी कोशिश है कि हम चिकित्सा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर करें,  ताकि लोगों को कोई दिक्कत न हो।

सवाल: आखिरी सवाल बतौर आगरा के सांसद आपके वह पांच वादे क्या हैं, जो अब आप अपनी लोकसभा की जनता से करना चाहते हैं।

जवाब: मेरा पहला वादा, यही है कि मैं आगरा की जनता के लिए हमेशा की तरह उपलब्ध रहूंगा। दूसरा वायदा, यह है कि आगरा में डोमेस्टिक एयरपोर्ट चालू हो सके। ताकि अभी आगरा से जितने शहर जुड़े हैं, इसके बजाय पूरे देश से बेहतर कनेक्टिविटी हो। कोशिश यह भी है कि आगरा का ताजमहल रात के दस बजे तक कृत्रिम रोशनी में खुला रहे। ताकि देश और विदेश से आने वाले पर्यटक रात को उसका दीदार कर सके और आगरा में रुकें।

तीसरा वादा, यह है कि आगरा में यमुना जी पर बैराज बन सके। इससे आगरा क्षेत्र में गिरे हुए जलस्तर का न सिर्फ सुधार होगा, बल्कि उसका किसानों समेत स्थानीय जनता को बहुत फायदा होगा। हालांकि योगी सरकार ने रबर डैम के लिए डीपीआर का काम शुरू कर दिया है। उम्मीद है जल्द ही यह बन जाएगा।

चौथा वादा, मेरा आगरा की जनता से यही है कि जिस तरीके से अहमदाबाद में रिवर फ्रंट तैयार हुआ है, दुनिया के अलग-अलग देशों में नदियों के किनारे रिवर फ्रंट तैयार होते हैं। उसी तर्ज पर आगरा में भी यमुना किनारे एक ऐसा ही खूबसूरत रिवर फ्रंट तैयार हो।

पांचवा वादा, यह है कि स्मार्ट सिटी के तौर पर आगरा में मेट्रो की सुविधा हो, जिसकी हमारी लोकसभा क्षेत्र की जनता के लिए दरकार है।

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