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भाषण में धमकी का मामला: अभिषेक ने दी आवाज का नमूना देने के आदेश को चुनौती, कलकत्ता हाईकोर्ट कब करेगा सुनवाई?
Tue, 07 Jul 2026 11:44 PM IST
Devesh Tripathi
पीटीआई, कोलकाता
पीटीआई, कोलकाता
Published by: Devesh Tripathi
Updated Tue, 07 Jul 2026 11:44 PM IST
सार
टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने आवाज का नमूना देने के निचली अदालत के आदेश को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी है। यह मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए कथित धमकी भरे बयान से जुड़ी पुलिस जांच से संबंधित है। हाईकोर्ट ने पहले उन्हें सीमित अवधि के लिए दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम राहत देते हुए जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया था।
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टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद अभिषेक बनर्जी की आवाज का नमूना देने के निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर कलकत्ता हाईकोर्ट शुक्रवार को सुनवाई करेगा। यह याचिका पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कथित तौर पर धमकी भरे बयान देने के मामले से जुड़ी है।
अभिषेक बनर्जी के वकील ने निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग की। इस पर न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस सांसद को इस मामले में 31 जुलाई तक किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई से पहले ही अंतरिम संरक्षण दिया जा चुका है।
अभिषेक बनर्जी को किन शर्तों पर मिली थी अदालत से राहत?
राज्य सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त महाधिवक्ता राजदीप मजूमदार ने अदालत को बताया कि अभिषेक बनर्जी को यह राहत इस शर्त पर दी गई थी कि वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे। ऐसे में उन्हें बिधाननगर अदालत के आदेश के अनुसार अपनी आवाज का नमूना देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी को मामले की जांच के लिए अभिषेक बनर्जी की आवाज का नमूना चाहिए।
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डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने उप-मंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी (एसडीजेएम) अदालत के उस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उन्हें 8 जुलाई को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश होकर अपनी आवाज का नमूना देने का निर्देश दिया गया था। यह मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान उनके कथित धमकी भरे बयानों की पुलिस जांच से जुड़ा है।
कलकत्ता हाईकोर्ट कब करेगा मामले की सुनवाई?
न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने मामले की सुनवाई शुक्रवार को करने का निर्देश दिया। कलकत्ता हाईकोर्ट ने 21 मई को इस मामले में दर्ज प्राथमिकी के संबंध में अभिषेक बनर्जी को 31 जुलाई तक किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई से संरक्षण दिया था। उस समय हाईकोर्ट ने उन्हें जांच में सहयोग करने और अदालत की अनुमति के बिना विदेश नहीं जाने का भी निर्देश दिया था।
अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से पहले अप्रैल में एक जनसभा के दौरान प्रतिद्वंद्वी दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ की गई कथित टिप्पणियों को लेकर दर्ज प्राथमिकी रद्द करने की भी मांग की है। दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को हुआ था।
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अभिषेक बनर्जी के वकील ने निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग की। इस पर न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस सांसद को इस मामले में 31 जुलाई तक किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई से पहले ही अंतरिम संरक्षण दिया जा चुका है।
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अभिषेक बनर्जी को किन शर्तों पर मिली थी अदालत से राहत?
राज्य सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त महाधिवक्ता राजदीप मजूमदार ने अदालत को बताया कि अभिषेक बनर्जी को यह राहत इस शर्त पर दी गई थी कि वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे। ऐसे में उन्हें बिधाननगर अदालत के आदेश के अनुसार अपनी आवाज का नमूना देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी को मामले की जांच के लिए अभिषेक बनर्जी की आवाज का नमूना चाहिए।
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डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने उप-मंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी (एसडीजेएम) अदालत के उस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उन्हें 8 जुलाई को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश होकर अपनी आवाज का नमूना देने का निर्देश दिया गया था। यह मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान उनके कथित धमकी भरे बयानों की पुलिस जांच से जुड़ा है।
कलकत्ता हाईकोर्ट कब करेगा मामले की सुनवाई?
न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने मामले की सुनवाई शुक्रवार को करने का निर्देश दिया। कलकत्ता हाईकोर्ट ने 21 मई को इस मामले में दर्ज प्राथमिकी के संबंध में अभिषेक बनर्जी को 31 जुलाई तक किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई से संरक्षण दिया था। उस समय हाईकोर्ट ने उन्हें जांच में सहयोग करने और अदालत की अनुमति के बिना विदेश नहीं जाने का भी निर्देश दिया था।
अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से पहले अप्रैल में एक जनसभा के दौरान प्रतिद्वंद्वी दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ की गई कथित टिप्पणियों को लेकर दर्ज प्राथमिकी रद्द करने की भी मांग की है। दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को हुआ था।