ओडिशा के DGP पर सस्पेंस बरकरार: विनयतोष मिश्रा संभालेंगे अतिरिक्त प्रभार; चयन पर कोर्ट में क्यों अटका मामला?
वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विनयतोष मिश्रा 16 अगस्त से ओडिशा के डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे। मौजूदा डीजीपी के सेवानिवृत्त होने के बाद मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गृह विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। वहीं, नियमित डीजीपी के चयन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विनयतोष मिश्रा 16 अगस्त से ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे। मौजूदा डीजीपी वाई बी खुरानिया के 16 अगस्त को सेवानिवृत्त होने के बाद मिश्रा को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस संबंध में जारी आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक, वह अगले आदेश तक डीजीपी (पुलिस बल प्रमुख) का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गृह विभाग के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
वाई बी खुरानिया की सेवानिवृत्ति के बाद क्या होगा?
अधिसूचना में कहा गया है कि मौजूदा डीजीपी वाई बी खुरानिया के 16 अगस्त को सेवानिवृत्त होने के बाद सीआईडी, क्राइम ब्रांच के डीजीपी विनयतोष मिश्रा डीजीपी (पुलिस बल प्रमुख) का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे। यह जिम्मेदारी 16 अगस्त से अगले आदेश तक जारी रहेगी। मिश्रा 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और कुछ महीनों बाद सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने वाले थे। सूत्रों के अनुसार, पुलिस नेतृत्व में निरंतरता बनाए रखने के लिए उन्हें यह अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।
विनयतोष मिश्रा ने अतिरिक्त प्रभार मिलने पर क्या कहा?
विनयतोष मिश्रा ने अतिरिक्त प्रभार के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कानून को सही तरीके से लागू करते हुए लोगों को न्याय दिलाने की पूरी कोशिश करने की बात कही। मिश्रा ने यह भी कहा कि साइबर अपराध और नशीले पदार्थ ओडिशा पुलिस के सामने प्रमुख चुनौतियां हैं।
कौन हैं विनयतोष मिश्रा?
विनयतोष मिश्रा का जन्म 3 नवंबर 1966 को बिहार के मधुबनी जिले में हुआ था। उन्होंने इंजीनियरिंग में बीएससी की डिग्री हासिल की है। इसके अलावा उनके पास मास्टर डिग्री इन पुलिस मैनेजमेंट (MDPM) भी है। वह 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और फिलहाल डीजीपी, सीआईडी, क्राइम ब्रांच के पद पर कार्यरत हैं।
क्या नियमित DGP के चयन पर भी उठ रहे हैं सवाल?
विनयतोष मिश्रा की अंतरिम नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब नियमित डीजीपी के चयन को लेकर न्यायिक जांच का मामला सामने है। डीजीपी पद के लिए उम्मीदवारों के चयन में कथित अनियमितताओं को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को 18 अगस्त तक इस मामले में अंतिम निर्णय नहीं लेने का निर्देश दिया है।
क्या मिश्रा की जिम्मेदारी अगले आदेश तक जारी रहेगी?
आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, विनयतोष मिश्रा 16 अगस्त से डीजीपी (पुलिस बल के प्रमुख) का अतिरिक्त प्रभार अगले आदेश तक संभालेंगे। उनकी यह जिम्मेदारी वाई बी खुरानिया के सेवानिवृत्त होने के बाद ओडिशा पुलिस के नेतृत्व में निरंतरता बनाए रखने के लिए होगी।