{"_id":"6a058e677def01365e0013d5","slug":"is-this-your-change-stalin-questions-cm-vijay-over-delayed-women-s-assistance-scheme-2026-05-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"तमिलनाडु में महिला योजना पर सियासत: '₹2500 का वादा.. ₹1000 भी नहीं दे पा रही सरकार', स्टालिन का CM विजय पर तंज","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
तमिलनाडु में महिला योजना पर सियासत: '₹2500 का वादा.. ₹1000 भी नहीं दे पा रही सरकार', स्टालिन का CM विजय पर तंज
चेन्नई, एएनआई
Published by: रिया दुबे
Updated Thu, 14 May 2026 02:27 PM IST
विज्ञापन
सार
तमिलनाडु के सीएम विजय ने सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों, पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनर्स के महंगाई भत्ते (DA) में 2% बढ़ोतरी की घोषणा की है। डीए अब 58% से बढ़कर 60% हो गया है और यह 1 जनवरी 2026 से लागू माना जाएगा।
एमके स्टालिन ने विजय पर साधा निशाना
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
सीएम विजय ने तमिलनाडु के सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों, पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 2 प्रतिशत बढ़ोतरी का एलान किया। इस बढ़ोतरी के बाद डीए 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गया है। सरकार ने इसे 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना है।
राज्य के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि इस फैसले से करीब 16 लाख सरकारी कर्मचारी, शिक्षक, पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनर्स लाभान्वित होंगे।
सरकार ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय कर्मचारियों का डीए 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत किए जाने के बाद तमिलनाडु सरकार ने भी अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स को समान लाभ देने का निर्णय लिया है।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली सरकार कर्मचारियों और शिक्षकों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्ध है, जो राज्य में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और सार्वजनिक सेवाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सरकार के अनुसार, डीए बढ़ोतरी से राज्य के खजाने पर सालाना करीब 1,230 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इसके बावजूद कर्मचारियों और पेंशनर्स के हितों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त राशि आवंटित करने का फैसला लिया गया है।
उन्होंने आगे कहा कि विधानसभा में एक दिन पहले ही सरकार ने दावा किया था कि द्रविड़ मॉडल सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाएं जारी रहेंगी। स्टालिन ने तंज कसते हुए कहा कि ₹2,500 प्रति माह देने का वादा करने वाली सरकार अब ₹1,000 की राशि देने में भी देरी कर रही है। क्या यही आपका बदलाव है?
Trending Videos
राज्य के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि इस फैसले से करीब 16 लाख सरकारी कर्मचारी, शिक्षक, पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनर्स लाभान्वित होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सरकार ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय कर्मचारियों का डीए 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत किए जाने के बाद तमिलनाडु सरकार ने भी अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स को समान लाभ देने का निर्णय लिया है।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली सरकार कर्मचारियों और शिक्षकों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्ध है, जो राज्य में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और सार्वजनिक सेवाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सरकार के अनुसार, डीए बढ़ोतरी से राज्य के खजाने पर सालाना करीब 1,230 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इसके बावजूद कर्मचारियों और पेंशनर्स के हितों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त राशि आवंटित करने का फैसला लिया गया है।
महिला योजना पर सियासत
वहीं तमिलनाडु में 'कलाइग्नार मगलीर उरिमाई थोगई' की मई महीने की किस्त में देरी को लेकर सियासत तेज हो गई है। डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने मुख्यमंत्री विजय पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि हर महीने 15 तारीख तक दी जाने वाली ₹1,000 की सहायता राशि अब तक क्यों जारी नहीं की गई।स्टालिन ने क्या सावल पूछे?
स्टालिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि मई महीने की राशि 15 तारीख तक लाभार्थी महिलाओं के खातों में पहुंच जानी चाहिए थी। पहले से चल रही योजना को जारी रखने में अब देरी क्यों हो रही है? आखिर किस तरह का पुनर्गठन किया जा रहा है?उन्होंने आगे कहा कि विधानसभा में एक दिन पहले ही सरकार ने दावा किया था कि द्रविड़ मॉडल सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाएं जारी रहेंगी। स्टालिन ने तंज कसते हुए कहा कि ₹2,500 प्रति माह देने का वादा करने वाली सरकार अब ₹1,000 की राशि देने में भी देरी कर रही है। क्या यही आपका बदलाव है?
डीएमके लेकर आई थी यह योजना
दरअसल, कलाइग्नार महिला अधिकार सहायता योजना पिछली डीएमके सरकार द्वारा शुरू की गई थी और इसका नाम दिवंगत डीएमके नेता व पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि के नाम पर रखा गया था। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹1,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है।विजय सरकार ने जारी किए निर्देश
वहीं, विजय सरकार ने स्पष्ट किया है कि लाभार्थी महिलाओं को मई महीने की किस्त जल्द जारी की जाएगी। सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि योजना के पुनर्गठन के लिए कुछ समय की आवश्यकता है, लेकिन मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने निर्देश दिया है कि मई महीने की ₹1,000 की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जल्द जमा कराई जाए।टीवीके ने क्या किया था वादा?
गौरतलब है कि अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव से पहले विजय की पार्टी टीवीके ने अपने चुनावी वादों में 60 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं को हर महीने ₹2,500 सहायता राशि देने का एलान किया था। अब योजना की राशि जारी होने में हुई देरी को लेकर विपक्ष सरकार को घेर रहा है।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन