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Tehreek-e-Taliban Hindustan: आईएसआई से जुड़े बड़े नेटवर्क का खुलासा, TTH बना नया खतरा, कई राज्यों में कार्रवाई

आईएएनएस, नई दिल्ली Published by: Pavan Updated Tue, 23 Jun 2026 03:45 PM IST
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सार

अधिकारियों का मानना है कि टीटीएच और टीटीपी के बीच संबंध दिखाकर पाकिस्तान एक बड़ा प्रचार अभियान चलाने की तैयारी में है। इसके जरिए यह संदेश देने की कोशिश की जा सकती है कि पाकिस्तान में टीटीपी द्वारा किए जा रहे हमलों के पीछे भारत का हाथ है। बता दें कि हाल के वर्षों में टीटीपी के हमलों में पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

ISI-backed TTH emerges as new security challenge after nationwide crackdown
कई राज्यों में टीटीएच के नेटवर्क का खुलासा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने हाल ही में देश के कई राज्यों में कार्रवाई करते हुए एक ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसके तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और उसके कथित सहयोगी शहजाद भट्टी से जुड़े बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि इस नेटवर्क के जरिए तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (टीटीएच) नामक संगठन खड़ा करने की कोशिश की जा रही थी।


कई राज्यों में फैला था नेटवर्क
सुरक्षा एजेंसियों ने मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में कार्रवाई कर कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि इन मॉड्यूल्स को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई थीं। कुछ लोगों को संवेदनशील सैन्य और सरकारी प्रतिष्ठानों के बारे में जानकारी जुटाने का काम सौंपा गया था, जबकि कुछ सदस्य पेट्रोल बम हमले, गोलीबारी और अन्य हिंसक गतिविधियों की तैयारी में लगे थे।
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टीटीएच को लेकर एजेंसियां सतर्क
अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआत में टीटीएच को केवल प्रचार के लिए बनाया गया एक काल्पनिक संगठन माना जा रहा था। लेकिन हालिया जांच में संकेत मिले हैं कि यह संगठन वास्तव में तैयार किया जा रहा है और इसकी जिम्मेदारी शहजाद भट्टी को दी गई है, जो दुबई और पाकिस्तान से सक्रिय बताया जाता है। खुफिया अधिकारियों का मानना है कि टीटीएच को पाकिस्तान के तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। साथ ही इसे भारत के भीतर पैदा हुआ एक स्थानीय संगठन दिखाने की रणनीति पर भी काम हो रहा है।

हिंदू और मुस्लिम युवाओं की भर्ती का प्रयास
जांच एजेंसियों के अनुसार, शहजाद भट्टी सोशल मीडिया, वैचारिक प्रचार और आर्थिक लालच का इस्तेमाल कर युवाओं की भर्ती कर रहा था। चौंकाने वाली बात यह है कि नेटवर्क कथित रूप से हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के युवाओं को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रहा था। अधिकारियों का कहना है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा था ताकि टीटीएच को पूरी तरह भारतीय संगठन के रूप में पेश किया जा सके और इसके विदेशी संबंधों पर पर्दा डाला जा सके।

सिर्फ आतंक नहीं, कई अवैध गतिविधियों की योजना
जांच में सामने आया है कि टीटीएच की योजना केवल आतंकवादी हमलों तक सीमित नहीं है। एजेंसियों के अनुसार यह नेटवर्क नशीले पदार्थों की तस्करी, हथियारों की सप्लाई, ऑनलाइन कट्टरपंथी प्रचार, नकली मुद्रा और दस्तावेजों के कारोबार तथा देशभर में अलग-अलग मॉड्यूल खड़े करने की दिशा में भी काम कर रहा था। अधिकारियों का कहना है कि यही वजह है कि टीटीएच को एक बेहद खतरनाक और बहुआयामी नेटवर्क माना जा रहा है।

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सुरक्षा एजेंसी ने कहा- खतरा अभी टला नहीं
हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने कई मॉड्यूल्स को ध्वस्त कर दिया है और कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, लेकिन अधिकारियों का मानना है कि टीटीएच परियोजना अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। उनके अनुसार आईएसआई और शहजाद भट्टी इस योजना को आगे बढ़ाने की कोशिश जारी रख सकते हैं। इसलिए सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी और कार्रवाई कर रही हैं ताकि इस नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जा सके।
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