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Jordan: इस्राइल-हमास युद्ध से जॉर्डन के राजा व्यथित, राजदूत बोले- तत्काल युद्धविराम और बंधकों की रिहाई जरूरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Wed, 08 Nov 2023 12:50 PM IST
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सार
इस्राइल और हमास का हिंसक संघर्ष एक महीने से अधिक समय से जारी है। संघर्ष विराम की तमाम अपीलों के बीच भारत में जॉर्डन के राजदूत ने अपने देश की स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा, सभी देशों के अपने हित होते हैं।
जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला और भारत में जॉर्डन के राजदूत मोहम्मद सलाम जमील एएफ अल-कायद (फाइल)
- फोटो : social media
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विस्तार
इस्राइल और हमास के हिंसक संघर्ष में 11 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। गाजा पट्टी में इस्राइली सेना (IDF) लगातार हमास के आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के दावे कर रही है। इसी बीच भारत में जॉर्डन के राजदूत मोहम्मद सलाम जमील एएफ अल-कायद ने कहा, "जॉर्डन की स्थिति हर किसी के लिए बहुत स्पष्ट है। हम युद्ध को तुरंत रोकने का आह्वान करते हैं।"
बंधकों की रिहाई की मांग
गाजा में हिंसक संघर्ष और नागरिकों के हताहत होने का जिक्र करते हुए उन्होंने इस्राइली सेना की तरफ से हो रही बमबारी रोकने की अपील की। राजदूत मोहम्मद सलाम जमील ने कहा, जॉर्डन युद्धविराम का आह्वान करता है। हम सभी बंधकों को रिहा करने की मांग का भी समर्थन करते हैं।
हिंसक संघर्ष पर जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय का बयान
जॉर्डन की स्थिति साफ करते हुए उन्होंने कहा, "महामहिम राजा अब्दुल्ला द्वितीय ने भी मारे जा रहे लोगों को लेकर दुख प्रकट किया है।" उन्होंने नागरिकों पर बमबारी को रोकने की अपील करते हुए कहा, 10,000 से अधिक लोग मारे गए हैं, जिनमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल हैं। इसलिए हमें इस युद्ध को तुरंत रोकना चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव पेश
राजदूत मोहम्मद सलाम जमील ने कहा जॉर्डन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रस्ताव प्रस्तुत किया है... हमने अपने राजदूत को इस्राइल से वापस बुला लिया। यह एक स्पष्ट संकेत था कि हम निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि बमबारी के दौरान युवाओं और बच्चों की हत्या हो रही है। समग्र रूप से फलस्तीनी राष्ट्र को मारा जा रहा है। इस्राइली सेना अस्पतालों, स्कूलों, हर चीज पर बमबारी कर रही है। इसलिए जॉर्डन चुप नहीं रह सकता।
जॉर्डन ने रॉयल फोर्स एयरक्राफ्ट से भिजवाई मदद
उन्होंने कहा कि मंगलवार को रॉयल फोर्स एयरक्राफ्ट ने जॉर्डन के अस्पताल, फील्ड अस्पताल में सहायता पहुंचाई। ऐसा करने वाला जॉर्डन पहला देश है। राजदूत ने साफ किया कि युद्ध और गाजा पट्टी में चल रहे नरसंहार के प्रति जॉर्डन की स्थिति के बीच रॉयल फोर्स एयरक्राफ्ट स्पष्ट संदेश है।
भारत उभरती ताकत, युद्ध रोकने में भूमिका अहम
पश्चिम एशिया (मध्य पूर्व) में हिंसा के मामले में जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला के साथ पीएम मोदी की टेलीफोन पर बातचीत हुई है। इस पर राजदूत मोहम्मद सलाम जमील ने बताया, प्रधानमंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था और मानवीय सहायता समेत कई मुद्दों पर किंग अब्दुल्ला से बात की है। उन्होंने भारत को दुनिया में एक उभरती हुई शक्ति बताया और कहा, भारत कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों में शामिल हो रहा है। इस्राइल और हमास के संघर्ष के बीच युद्धग्रस्त इलाके से जान बचाकर भागे लोगों की मदद के लिए मानवीय सहायता भी भेज चुका है। राजदूत के अनुसार, "मुझे लगता है कि समस्या को हल करने में भारत अहम भूमिका निभा सकता है। इससे गाजा में मारे जा रहे लोगों की जान बचाने में भी मदद मिलेगी।"
संयुक्त राष्ट्र में भारत और जॉर्डन के रूख अलग!
उन्होंने इस्राइल और हमास के युद्ध के बीच संयुक्त राष्ट्र महासभा में जॉर्डन की तरफ से पेश मसौदा प्रस्ताव पर मतदान पर भी बयान दिया। बता दें कि जॉर्डन के प्रस्ताव पर वोटिंग के दौरान भारत ने इससे दूरी बनाते हुए अनुपस्थित रहना चुना। इस पर राजदूत मोहम्मद सलाम जमील ने कहा, "यह भारत का फैसला है। हम इसका सम्मान करते हैं। हम इसमें हस्तक्षेप नहीं करते हैं। भारत ने उस प्रस्ताव से दूर रहने का फैसला किया है। यह भारत पर निर्भर है। हम हस्तक्षेप नहीं करते हैं। संयुक्त राष्ट्र जैसे मंच पर सभी देश अपने हितों के हिसाब से अपने रुख रखते हैं।
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बंधकों की रिहाई की मांग
गाजा में हिंसक संघर्ष और नागरिकों के हताहत होने का जिक्र करते हुए उन्होंने इस्राइली सेना की तरफ से हो रही बमबारी रोकने की अपील की। राजदूत मोहम्मद सलाम जमील ने कहा, जॉर्डन युद्धविराम का आह्वान करता है। हम सभी बंधकों को रिहा करने की मांग का भी समर्थन करते हैं।
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हिंसक संघर्ष पर जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय का बयान
जॉर्डन की स्थिति साफ करते हुए उन्होंने कहा, "महामहिम राजा अब्दुल्ला द्वितीय ने भी मारे जा रहे लोगों को लेकर दुख प्रकट किया है।" उन्होंने नागरिकों पर बमबारी को रोकने की अपील करते हुए कहा, 10,000 से अधिक लोग मारे गए हैं, जिनमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल हैं। इसलिए हमें इस युद्ध को तुरंत रोकना चाहिए।
#WATCH | Delhi: On the Israel-Hamas conflict, Mohamed Salam Jameel A.F. El-Kayed, Jordanian Ambassador to India says, "We've submitted the resolution for the General assembly... We withdrew our ambassador from there. It was a clear sign that we condemn all this bombardment and… pic.twitter.com/XR8ZY0hszC
— ANI (@ANI) November 8, 2023
संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव पेश
राजदूत मोहम्मद सलाम जमील ने कहा जॉर्डन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रस्ताव प्रस्तुत किया है... हमने अपने राजदूत को इस्राइल से वापस बुला लिया। यह एक स्पष्ट संकेत था कि हम निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि बमबारी के दौरान युवाओं और बच्चों की हत्या हो रही है। समग्र रूप से फलस्तीनी राष्ट्र को मारा जा रहा है। इस्राइली सेना अस्पतालों, स्कूलों, हर चीज पर बमबारी कर रही है। इसलिए जॉर्डन चुप नहीं रह सकता।
जॉर्डन ने रॉयल फोर्स एयरक्राफ्ट से भिजवाई मदद
उन्होंने कहा कि मंगलवार को रॉयल फोर्स एयरक्राफ्ट ने जॉर्डन के अस्पताल, फील्ड अस्पताल में सहायता पहुंचाई। ऐसा करने वाला जॉर्डन पहला देश है। राजदूत ने साफ किया कि युद्ध और गाजा पट्टी में चल रहे नरसंहार के प्रति जॉर्डन की स्थिति के बीच रॉयल फोर्स एयरक्राफ्ट स्पष्ट संदेश है।
भारत उभरती ताकत, युद्ध रोकने में भूमिका अहम
पश्चिम एशिया (मध्य पूर्व) में हिंसा के मामले में जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला के साथ पीएम मोदी की टेलीफोन पर बातचीत हुई है। इस पर राजदूत मोहम्मद सलाम जमील ने बताया, प्रधानमंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था और मानवीय सहायता समेत कई मुद्दों पर किंग अब्दुल्ला से बात की है। उन्होंने भारत को दुनिया में एक उभरती हुई शक्ति बताया और कहा, भारत कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों में शामिल हो रहा है। इस्राइल और हमास के संघर्ष के बीच युद्धग्रस्त इलाके से जान बचाकर भागे लोगों की मदद के लिए मानवीय सहायता भी भेज चुका है। राजदूत के अनुसार, "मुझे लगता है कि समस्या को हल करने में भारत अहम भूमिका निभा सकता है। इससे गाजा में मारे जा रहे लोगों की जान बचाने में भी मदद मिलेगी।"
#WATCH | Delhi: On PM Modi's telephonic conversation with Jordan's King Abdullah, Mohamed Salam Jameel A.F. El-Kayed, Jordanian Ambassador to India says, "Yes, the conversation took place and the Honorable Prime Minister has talked to His Majesty about so many issues, of course,… pic.twitter.com/cTL2eiR2VT
— ANI (@ANI) November 8, 2023
संयुक्त राष्ट्र में भारत और जॉर्डन के रूख अलग!
उन्होंने इस्राइल और हमास के युद्ध के बीच संयुक्त राष्ट्र महासभा में जॉर्डन की तरफ से पेश मसौदा प्रस्ताव पर मतदान पर भी बयान दिया। बता दें कि जॉर्डन के प्रस्ताव पर वोटिंग के दौरान भारत ने इससे दूरी बनाते हुए अनुपस्थित रहना चुना। इस पर राजदूत मोहम्मद सलाम जमील ने कहा, "यह भारत का फैसला है। हम इसका सम्मान करते हैं। हम इसमें हस्तक्षेप नहीं करते हैं। भारत ने उस प्रस्ताव से दूर रहने का फैसला किया है। यह भारत पर निर्भर है। हम हस्तक्षेप नहीं करते हैं। संयुक्त राष्ट्र जैसे मंच पर सभी देश अपने हितों के हिसाब से अपने रुख रखते हैं।