{"_id":"664861369f4c5a5e8306ac8b","slug":"isro-chief-s-somnath-said-temples-should-have-libraries-to-attract-youth-2024-05-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"ISRO: युवाओं को मंदिर लाने के लिए इसरो प्रमुख ने बताया नायाब तरीका, बोले- इससे समाज बदल जाएगा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
ISRO: युवाओं को मंदिर लाने के लिए इसरो प्रमुख ने बताया नायाब तरीका, बोले- इससे समाज बदल जाएगा
Sat, 18 May 2024 01:35 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: नितिन गौतम
Updated Sat, 18 May 2024 01:35 PM IST
सार
इसरो प्रमुख ने कहा कि 'मंदिर सिर्फ पूजा के स्थान नहीं होने चाहिए, जहां बड़े बुजुर्ग भगवान के नाम का जाप करने आएं बल्कि उन्हें ऐसी जगह बनना चाहिए, जो समाज में बदलाव लेकर आएं।'
विज्ञापन
इसरो चीफ एस सोमनाथ
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इसरो के चेयरमैन एस सोमनाथ ने देश के युवाओं को मंदिरों से जोड़ने के लिए एक नायाब तरीका बताया है। उन्होंने दावा किया कि इस तरीके से समाज में बड़ा बदलाव आएगा। दरअसल एस सोमनाथ ने कहा कि मंदिरों में लाइब्रेरी खोलनी चाहिए ताकि ज्यादा से ज्यादा संख्या में युवा मंदिर आएं। एस सोमनाथ को तिरुवनंतपुरम के श्री उदियनुर देवी मंदिर में एक कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। इसी दौरान उन्होंने ये सुझाव दिया।
'मंदिर सिर्फ पूजा के स्थान नहीं होने चाहिए'
इसरो प्रमुख ने कहा कि 'मंदिर सिर्फ पूजा के स्थान नहीं होने चाहिए, जहां बड़े बुजुर्ग भगवान के नाम का जाप करने आएं बल्कि उन्हें ऐसी जगह बनना चाहिए, जो समाज में बदलाव लेकर आएं।' एस सोमनाथ ने मंदिर प्रबंधन समिति से अपील की कि युवाओं को मंदिर लाने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। इसरो चीफ ने कहा 'मैं उम्मीद कर रहा था कि इस अवार्ड समारोह में बड़ी संख्या में युवा भी आएंगे, लेकिन किन्हीं कारणों से यह संख्या कम है। मंदिर समिति को ऐसे कदम उठाने चाहिए, जिनसे युवा भी मंदिर आएं। मंदिरों में लाइब्रेरी बनाना कैसा रहेगा?'
समाज में लाया जा सकता है बड़ा बदलाव
इसरो प्रमुख ने कहा 'ऐसी पहल की जानी चाहिए कि युवा मंदिर आएं, जहां वे पढ़ सकें, विभिन्न मुद्दों पर बहस कर सकें और अपना करियर भी बना सकें। अगर मंदिर समितियां इस दिशा में आगे बढ़ती हैं तो इससे समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।' एस सोमनाथ ने इसरो के पूर्व प्रमुख जी माधवन नायर से यह अवार्ड लिया। कार्यक्रम में पूर्व मुख्य सचिव के जयकुमार और विधायक वीके प्रशांत समेत कई अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
'मंदिर सिर्फ पूजा के स्थान नहीं होने चाहिए'
इसरो प्रमुख ने कहा कि 'मंदिर सिर्फ पूजा के स्थान नहीं होने चाहिए, जहां बड़े बुजुर्ग भगवान के नाम का जाप करने आएं बल्कि उन्हें ऐसी जगह बनना चाहिए, जो समाज में बदलाव लेकर आएं।' एस सोमनाथ ने मंदिर प्रबंधन समिति से अपील की कि युवाओं को मंदिर लाने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। इसरो चीफ ने कहा 'मैं उम्मीद कर रहा था कि इस अवार्ड समारोह में बड़ी संख्या में युवा भी आएंगे, लेकिन किन्हीं कारणों से यह संख्या कम है। मंदिर समिति को ऐसे कदम उठाने चाहिए, जिनसे युवा भी मंदिर आएं। मंदिरों में लाइब्रेरी बनाना कैसा रहेगा?'
विज्ञापन
समाज में लाया जा सकता है बड़ा बदलाव
इसरो प्रमुख ने कहा 'ऐसी पहल की जानी चाहिए कि युवा मंदिर आएं, जहां वे पढ़ सकें, विभिन्न मुद्दों पर बहस कर सकें और अपना करियर भी बना सकें। अगर मंदिर समितियां इस दिशा में आगे बढ़ती हैं तो इससे समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।' एस सोमनाथ ने इसरो के पूर्व प्रमुख जी माधवन नायर से यह अवार्ड लिया। कार्यक्रम में पूर्व मुख्य सचिव के जयकुमार और विधायक वीके प्रशांत समेत कई अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन