कल्याण दुष्कर्म: विधान परिषद की उपसभापति नीलम गोरे ने की फांसी की मांग, रेलवे को दिए निर्देश
महाराष्ट्र के कल्याण रेलवे स्टेशन पर 14 वर्षीय लड़की से दुष्कर्म मामले में विधान परिषद उपसभापति नीलम गोरे ने आरोपी के लिए मृत्युदंड की मांग की। सरकार ने पीड़िता की सहायता, सुरक्षा बढ़ाने और पॉक्सो अदालतों को सक्रिय करने का आश्वासन दिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में कल्याण रेलवे स्टेशन पर एक चौदह वर्षीय लड़की से दुष्कर्म के मामले में विधान परिषद की उपसभापति नीलम गोरे ने आरोपी को मृत्युदंड देने की मांग की है। उन्होंने घटना स्थल का दौरा किया और रेलवे प्रशासन को ऐसे अपराधों को रोकने के लिए अपने अधिकार क्षेत्र में सभी खतरनाक, खाली इमारतों को तुरंत ध्वस्त करने का निर्देश दिया। गोरे ने पीड़िता की मां से भी मुलाकात की और राज्य सरकार की मनोबल योजना के तहत वित्तीय सहायता सुनिश्चित करने का वादा किया। शिवसेना ने नाबालिग की पूरी शिक्षा का खर्च उठाने की जिम्मेदारी लेने की बात कही है।
आरोपी की पहचान कल्याण के परशुरामवाड़ी निवासी सौरभ संतोष सोनावणे के रूप में हुई है। उसकी उम्र 21 साल बताई जा रही है। आरोप है कि उसने शनिवार शाम नाबालिग लड़की को रेलवे स्टेशन पर लाकर दुष्कर्म किया। गोरे के कार्यालय से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, उसने स्टेशन क्षेत्र के पास एक टूटी फूटी इमारत के अंदर चाकू और कटर से लड़की को प्रताड़ित भी किया।
आरोपी के लिए मृत्युदंड की मांग
अधिकारियों के अनुसार, पुलिस ने घटना के पांच घंटे के भीतर आरोपी का पता लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया। गोरे ने सोमवार को कल्याण रेलवे पुलिस स्टेशन में रेलवे पुलिस आयुक्त राकेश कलासागर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आरोपी के लिए मृत्युदंड की मांग के लिए न्यायिक स्तर पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। गोरे ने कल्याण में पत्रकारों से कहा, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे हमेशा कहते हैं कि 'महिलाओं के अधिकार का मतलब महिलाओं का सम्मान' है। उनके रुख के अनुरूप, राज्य में महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पॉक्सो अदालतों का संचालन और सुरक्षा उपाय
गोरे ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार राज्य में यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मामलों की सुनवाई करने वाली शेष अदालतों को तुरंत चालू करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि राज्य में स्वीकृत एक सौ चालीस पॉक्सो अदालतों में से अड़तीस पहले ही काम करना शुरू कर चुकी हैं। शेष अदालतें न्यायाधीशों के उपलब्ध होते ही चालू कर दी जाएंगी। राज्य सरकार उनके लिए सभी आवश्यक बुनियादी ढांचा प्रदान करेगी। उन्होंने रेलवे क्षेत्र में सुरक्षा खामियों को दूर करने के लिए अधिकारियों को सर्चलाइट और अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाकर रेलवे यार्ड को तुरंत सुरक्षित करने का निर्देश दिया।
अपराधियों पर कार्रवाई और संयुक्त गश्त
विधान परिषद की उपसभापति ने पुलिस विभाग को कोविड-19 महामारी के दौरान पैरोल पर रिहा किए गए अपराधियों की एक व्यापक सूची तैयार करने का आदेश दिया। उन्होंने ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। गोरहे ने रेलवे और राज्य पुलिस द्वारा संयुक्त गश्त बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने समर्पित महिला सतर्कता समितियों के गठन पर भी बल दिया। इन उपायों का उद्देश्य रेलवे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।