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Karnataka DJ Ban: विधानसभा में डीजे संगीत पर बहस, सरकार करवाना चाहती है बैन, भाजपा से मांगा समर्थन

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Sandhya Kumari Updated Wed, 18 Mar 2026 02:42 PM IST
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सार

कर्नाटक में संतोष लाड ने त्योहारों में डीजे बैन प्रस्ताव रखा, शिवराज तंगडगी समर्थन में, भाजपा ने आपत्ति जताई, ध्वनि प्रदूषण और संस्कृति पर बहस तेज हुई।

Karnataka  Legislative Assembly Debate on DJ Music in the Government Seeks to Impose Ban demand bjp support
कर्नाटक विधानसभा - फोटो : ANI
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विस्तार

कर्नाटक विधानसभा में आद पूरे राज्य में सांस्कृतिक और धार्मिक त्योहारों के दौरान डीजे के इस्तेमाल पर बहस हुई। कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार इस पर बैन लगाने के लिए आदेश लाना चाहती है। इसके लिए उसने विपक्षी भाजपा का समर्थन मांगा। 

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विधानसभा में तालुका और जिला स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए सरकारी समर्थन पर चर्चा के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए, श्रम मंत्री संतोष लाड ने कहा कि विभिन्न जयंतियों के दौरान डीजे पर संगीत बजाने का प्रचलन बढ़ता जा रहा है। 

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देवी-देवताओं की शोभायात्र में गंदे गाने बजते हैं 

संतोष लाड ने कहा जयंती समारोहों के दौरान तेज आवाज में संगीत बजा कर आयोजन एक बड़ी समस्या बन गया है। आज, हमारे देवी-देवताओं की शोभायात्रा तब तक आगे नहीं बढ़ती जब तक डीजे पर अशिष्ट गाने न बजाए जाएं।


उन्होंने तर्क दिया कि तेज संगीत बजाना हमारी सांस्कृतिक का हिस्सा नहीं है और उन्होंने इस पर पूरी तरह से बैन लगाने की अपील की। उन्होंने आगे कहा इसके बजाय सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना चाहिए। इसके लिए 5 लाख रुपये से लेकर 25 लाख रुपये तक का फंड दिया जा सकता है। फिलहाल, बजट करोड़ों में चला जाता है क्योंकि कुछ कलाकार बहुत ज्यादा फीस लेते हैं।

भाजपा से समर्थन की मांग

कन्नड़ और संस्कृति मंत्री शिवराज तंगडगी ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया और कहा कि अगर भाजपा सहयोग करती है तो सरकार इस पर कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा डीजे संगीत कई तरह की समस्याएं पैदा कर रहा है। अगर भाजपा सहयोग करती है, तो हम इस पर बैन लगाने का आदेश जारी करेंगे।

हालांकि, BJP विधायक एस.एन. चन्नबसप्पा ने इस चर्चा पर आपत्ति जताते हुए कहा कि विधानसभा को मंत्रियों की निजी पसंद-नापसंद पर बहस करने की ज़रूरत नहीं है। चन्नबसप्पा ने पहले सांस्कृतिक त्योहारों के आयोजन पर सवाल उठाए थे। 

आईटी और बीटी मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा कि डीजे संस्कृति नई चीज है। इस पर बजाए जाने वाले गानों पर ध्यान देना चाहिए। 

चन्नबसप्पा का अज़ान पर बैन लगाने का आग्रह

इसी बीच, चन्नबसप्पा ने खड़गे से अज़ान पर बैन लगाने का आग्रह किया, यह दावा करते हुए कि सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा रखी है। खड़गे ने जवाब दिया कि सुप्रीम कोर्ट ने केवल अजान और भजनों सहित सभी प्रकार की ध्वनियों के लिए स्वीकार्य डेसिबल सीमाएं निर्धारित की हैं। भाजपा विधायक ने कहा कि अगर सरकार इस बात की पुष्टि करती है कि उसने अदालत के निर्देशों को लागू किया है, तो वह इस स्पष्टीकरण को स्वीकार कर लेंगे।

भाजपा के रिष्ठ विधायक एस. सुरेश कुमार ने कहा कि आइटम गाने और डीजे कर्नाटक की सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने ये भी कही कि तेज संगीत कई लोगों पर बुरा असर डाल सकता है। यह बच्चों के कानों के लिए खराब है। ध्वनि प्रदूषण पर रोक लगनी ही चाहिए।



 
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