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Baramati Plane Crash: क्या अजित पवार विमान हादसे की CBI जांच कराएगी सरकार? CM फडणवीस ने अमित शाह को पत्र लिखा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई / नई दिल्ली। Published by: Himanshu Singh Chandel Updated Wed, 18 Mar 2026 03:09 PM IST
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सार

बारामती विमान हादसे को लेकर जांच की मांग तेज हो गई है। विधायक रोहित पवार की अपील पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। इसमें हादसे से जुड़े कई गंभीर सवाल उठाए गए हैं, जैसे विमान की सुरक्षा, पायलट बदलाव, तकनीकी गड़बड़ी और लैंडिंग के फैसले। आइए इस पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं।

Baramati Plane Crash Ajit Pawar Death Maharashtra CM Fadnavis to Home Minister Amit Shah know details in hindi
बारामती विमान हादसा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

बारामती विमान हादसे को लेकर अब सियासी हलचल तेज हो गई है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर विस्तृत और पारदर्शी जांच की मांग की है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब इस हादसे को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं और विपक्ष भी जांच को लेकर दबाव बना रहा है।
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दरअसल, एनसीपी-एससी के विधायक रोहित पवार की मांग पर मुख्यमंत्री ने यह पहल की है। रोहित पवार ने 4 मार्च 2026 को एक पत्र भेजकर इस पूरे हादसे की गंभीर जांच कराने की अपील की थी। इसके बाद फडणवीस ने अमित शाह को लिखे पत्र में कहा कि इस दुर्घटना में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित दादा पवार और चार अन्य लोगों की मौत हुई थी, इसलिए इसकी जांच पूरी तरह निष्पक्ष और समयबद्ध होनी चाहिए।
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क्या विमान ऑपरेटर और सुरक्षा रिकॉर्ड पर सवाल हैं?
पत्र में यह भी कहा गया है कि विमान चलाने वाली कंपनी एम/एस वीएसआर वेंचर्स के सुरक्षा रिकॉर्ड पर सवाल उठ रहे हैं। बताया गया है कि 2023 में भी इसी ऑपरेटर से जुड़ा एक हादसा सामने आया था। साथ ही अंतरराष्ट्रीय एविएशन नियामकों की ओर से भी कुछ सुरक्षा संबंधी टिप्पणियां सामने आई थीं, जिससे नियामक निगरानी और नियमों के पालन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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क्या पायलट और फ्लाइट नियमों का पालन हुआ था?
इस हादसे में पायलट की तैनाती को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं। जानकारी के अनुसार आखिरी समय में पायलट बदले गए थे। साथ ही यह भी जांच की मांग की गई है कि क्या फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन के नियमों का पालन हुआ था या नहीं। क्रू की रिपोर्टिंग प्रक्रिया और उनकी तैयारी को लेकर भी संदेह जताया गया है।

क्या विमान की तकनीकी स्थिति और डेटा में गड़बड़ी थी?
पत्र में विमान की मेंटेनेंस हिस्ट्री और उसकी तकनीकी स्थिति की जांच की मांग की गई है। इसमें तकनीकी लॉग, सुरक्षा सिस्टम और मरम्मत एजेंसियों की भूमिका की भी जांच जरूरी बताई गई है। इसके अलावा एयर ट्रैफिक कंट्रोल रिकॉर्ड, फ्लाइट रडार डेटा और ट्रांसपोंडर सिग्नल में अंतर जैसी बातों को भी गंभीर माना गया है। कॉकपिट रिकॉर्डिंग को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

क्या लैंडिंग के दौरान फैसले सही थे?
सबसे अहम सवाल लैंडिंग के समय लिए गए फैसलों पर उठ रहे हैं। कम विजिबिलिटी के बावजूद लैंडिंग की कोशिश क्यों की गई, रनवे का चुनाव कैसे हुआ, गो-अराउंड का फैसला क्यों नहीं लिया गया और वैकल्पिक एयरपोर्ट पर जाने का विकल्प क्यों नहीं अपनाया गया। इन सभी पहलुओं की जांच की मांग की गई है। साथ ही यह भी कहा गया है कि पूरे मामले में नियामक एजेंसियों की निगरानी कितनी मजबूत थी, इसकी भी जांच होनी चाहिए।

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