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संसद डायरी: भारतीय रेलवे में बढ़े नॉन-एसी कोच, सरकार दे रही 45 प्रतिशत तक सब्सिडी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: Rahul Kumar Updated Wed, 18 Mar 2026 04:58 PM IST
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सार

भारतीय रेलवे में यात्रियों को सस्ती यात्रा उपलब्ध कराने के लिए सरकार बड़ी सब्सिडी देती है। सरकार के मुताबिक, हर यात्री को टिकट पर औसतन करीब 45 प्रतिशत तक की छूट मिलती है, जिससे यात्रा किफायती बनी रहती है।

Parliament Diary: Non-AC Coaches Rise in Indian Railways, Govt Offers Up to 45 per cent Subsidy
रेलवे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

भारतीय रेलवे यात्रियों को किफायती यात्रा उपलब्ध कराने के लिए नॉन-एसी जनरल और स्लीपर कोच की संख्या बढ़ा रहा है। सरकार के अनुसार, किराए को कम रखने के लिए प्रति यात्री औसतन करीब 45 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है। रेल मंत्रालय के मुताबिक, कुल कोचों में करीब 70 प्रतिशत जनरल और स्लीपर क्लास के हैं। इसके अलावा, 2024-25 में लगभग 1,250 नए जनरल कोच जोड़े गए हैं और 2025-26 में करीब 860 और कोच जोड़े जाने की योजना है।

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नेटवर्क का 99 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा बिजली से चल रहा
रेलवे हर साल यात्रियों को करीब 60,000 करोड़ रुपए की सब्सिडी देता है। वहीं, मुंबई जैसे उपनगरीय इलाकों के लिए करीब 3,000 करोड़ रुपए की अतिरिक्त सब्सिडी दी जाती है।रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि माल ढुलाई (फ्रेट) में भी बड़ा इजाफा हुआ है। यह 2013-14 के 1,055 मिलियन टन से बढ़कर अब लगभग 1,650 मिलियन टन हो गया है, जिससे भारतीय रेलवे दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा फ्रेट कैरियर बन गया है। उन्होंने कहा कि रेलवे का विद्युतीकरण तेजी से बढ़ा है और अब लगभग 47,000 किलोमीटर ट्रैक इलेक्ट्रिफाई हो चुका है, यानी नेटवर्क का 99 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा बिजली से चल रहा है।
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ट्रैक निर्माण में भी तेजी आई है। पहले जहां करीब 15,000 किलोमीटर ट्रैक बनाए गए थे, वहीं अब यह बढ़कर करीब 35,000 किलोमीटर हो गया है। सुरक्षा के लिहाज से भी रेलवे ने बड़ा काम किया है। रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) और रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) की संख्या करीब 4,000 से बढ़कर 14,000 हो गई है। वहीं, ऑटोमैटिक सिग्नलिंग 1,500 किलोमीटर से बढ़कर 4,000 किलोमीटर से ज्यादा हो गई है । रेल मंत्री ने बताया कि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, जिसके तहत ट्रैक और ट्रेन (रोलिंग स्टॉक) की मेंटेनेंस, नई तकनीक और कर्मचारियों की ट्रेनिंग पर खास ध्यान दिया जा रहा है।

एलएचबी कोच बढाए
उन्होंने यह भी कहा कि एलएचबी कोच (ज्यादा सुरक्षित कोच) की संख्या तेजी से बढ़ी है और हाल के वर्षों में करीब 48,000 कोच जोड़े गए हैं। इसके अलावा, लोकोमोटिव (इंजन) की संख्या करीब 12,000 तक पहुंच गई है और वैगन (माल ढुलाई डिब्बे) की संख्या 2 लाख से ज्यादा हो गई है।सरकार ने परियोजनाओं की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नीति आयोग और वित्त मंत्रालय के साथ मिलकर एक मजबूत सिस्टम बनाया है। रेल मंत्री ने बताया कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) में भी तेजी से काम हुआ है। अब तक करीब 2,800 किलोमीटर कॉरिडोर तैयार हो चुका है, जहां रोजाना लगभग 480 मालगाड़ियां चल रही हैं।

ट्रेनों में अधिकारी नियमों के तहत ही यात्रा कर रहे: वैष्णव
भारतीय रेल की सबसे आलीशान ट्रेन पैलेस ऑन व्हील्स और महाराजा एक्सप्रेस में रेलवे अधिकारियों की मुफ्त यात्रा को लेकर संसद में स्थिति स्पष्ट की गई है। लोकसभा में तमिलनाडु के सांसद वीएस माथेश्वरन के सवाल के लिखित जवाब में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे अधिकारी अपने परिवार के साथ ट्रेनों में केवल रेलवे सर्वेंट (पास) नियम, 1986 के तहत ही यात्रा करने के हकदार हैं।

सांसद माथेश्वरन ने इन ट्रेनों के लाखों रुपये के भारी-भरकम किराये का हवाला देते हुए 2012 से अब तक मुफ्त यात्रा करने वाले अधिकारियों के नाम और इसके पीछे के तर्क पर सवाल उठाया था। जवाब में मंत्री ने स्पष्ट किया कि हर यात्रा निर्धारित नियमों के दायरे में ही होती है। इसके साथ ही उन्होंने करूर स्टेशन पर चल रहे विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि अमृत भारत योजना के तहत वहां लिफ्ट और एस्केलेटर का काम प्रगति पर है।

अंतरिक्ष में भारत के 129 ट्रैक करने योग्य कचरे के टुकड़े: जितेंद्र सिंह
अंतरिक्ष में मौजूद भारतीय मलबे को लेकर केंद्र सरकार ने लोकसभा में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि मार्च 2026 तक भारतीय उपग्रह मिशनों से उत्पन्न 129 ट्रैक करने योग्य अंतरिक्ष मलबे कक्षा में मौजूद हैं। निम्न पृथ्वी कक्षा (एलईओ) और भूस्थिर पृथ्वी कक्षा (जीईओ) में क्रमशः 23 और 26 निष्क्रिय उपग्रह हैं। इसके अलावा पीएसएलवी (40), जीएसएलवी (4) और एलवीएम3 (3) के रॉकेट के अवशेष कक्षा में मौजूद हैं। पीएसएलवी सी3 रॉकेट के अवशेष के कक्षा में टूटने से उत्पन्न मलबा (33) भी मौजूद हैं। मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि मलबे मुक्त अंतरिक्ष मिशन (डीएफएसएम) के तहत 2024 में शुरू की गई पहल का लक्ष्य 2030 तक शून्य कचरा सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि इसरो अब मिशन डिजाइन के दौरान ही अतिरिक्त ईंधन की व्यवस्था कर रहा। साथ ही स्पैडेक्स मिशन और रोबोटिक आर्म जैसी आधुनिक तकनीकों के जरिये इस मलबे को हटाने और सुरक्षित डॉकिंग की दिशा में भारत ने बड़ी सफलता हासिल की है।
 

पायरेसी पर प्रहार: 3100 टेलीग्राम चैनल और 800 वेबसाइटें बंद
केंद्र सरकार ने फिल्म पायरेसी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 3,142 टेलीग्राम चैनल और 800 वेबसाइटों को ब्लॉक कर दिया है। बुधवार को लोकसभा में लिखित प्रश्न के उत्तर में सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने बताया कि सिनेमैटोग्राफ (संशोधन) अधिनियम, 2023 के तहत यह कदम उठाया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अवैध रिकॉर्डिंग और प्रसारण पर तीन साल तक की जेल और निर्माण लागत का 5% तक जुर्माना हो सकता है।

राजस्थान और छत्तीसगढ़ में लगेंगे नए यूरेनियम प्लांट: केंद्र
 देश की परमाणु शक्ति को बढ़ाने के लिए राजस्थान के रोहिल और छत्तीसगढ़ के जाजवाल में यूरेनियम खनन और प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किए जाएंगे। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में बताया कि यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) की ओर से संचालित इन प्रोजेक्ट को वैधानिक मंजूरी मिलने का इंतजार है। ये पहल विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप स्वदेशी खनन क्षमता को मजबूत करेंगी। एनएफसी और बार्क के जरिये ईंधन निर्माण और परमाणु कचरा प्रबंधन को भी उन्नत बनाया जा रहा है।

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