जेल में प्रज्वल रेवन्ना के पास फोन मिलने पर बवाल: पुलिस बोली- सील पैकेट में है मोबाइल, जांच से खुलेगा राज?
पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के पास बंगलूरू सेंट्रल जेल में मिले मोबाइल फोन को लेकर पुलिस ने वीडियो मिलने की खबरों को खारिज किया है। पुलिस अभी फोन का पासवर्ड और इस्तेमाल करने वाले की पहचान भी जांच रही है। आखिर फोन में क्या है? जांच के बाद क्या सामने आएगा? आइए, विस्तार से जानते हैं...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बंगलूरू पुलिस ने पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के पास से कथित तौर पर मिले मोबाइल फोन में कई वीडियो होने की खबरों को गलत बताया है। इलेक्ट्रॉनिक सिटी डिवीजन के डीसीपी एम. नारायण ने कहा कि फोन समेत जब्त किए गए सामान को सीलबंद रखा गया है, इसलिए फिलहाल उसके अंदर मौजूद सामग्री के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। पुलिस अधिकारी ने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्टों में फोन में बड़ी संख्या में वीडियो होने का दावा किया गया है, लेकिन यह सही नहीं है।
क्या मोबाइल फोन की जांच FSL में होगी?
डीसीपी के मुताबिक, मोबाइल फोन, चार्जर और पेन ड्राइव को पंच गवाहों की मौजूदगी में सील किया गया था। इसके बाद इन्हें जांच अधिकारियों को सौंप दिया गया। अब इन सामानों को फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी यानी FSL भेजा जाएगा। पुलिस का कहना है कि तकनीकी जांच पूरी होने तक फोन के कंटेंट को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
क्या पुलिस को अभी फोन का मालिक पता नहीं चला है?
पुलिस ने बताया कि फिलहाल यह भी स्पष्ट नहीं है कि मोबाइल फोन किसका था और उसका इस्तेमाल कौन कर रहा था। डीसीपी नारायण के अनुसार, प्रज्वल रेवन्ना ने फोन का पासवर्ड नहीं दिया है। पुलिस पासवर्ड हासिल करने और फोन का इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति की पहचान करने की कोशिश कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि फोन का इस्तेमाल प्रज्वल ने किया था या राय नाम के किसी अन्य व्यक्ति ने।
क्या जेल में प्रतिबंधित सामान मिलने की जांच जारी है?
डीसीपी ने बताया कि 11 अगस्त को सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) ने बंगलूरू सेंट्रल जेल में प्रतिबंधित और अनधिकृत सामान की तलाश के लिए छापा मारा था। इस दौरान हाई सिक्योरिटी जेल-3 के एक कमरे से नीले रंग का Redmi मोबाइल फोन, सफेद चार्जर, नोटों का एक पैकेट और काले रंग की पेन ड्राइव मिली। पुलिस के मुताबिक, इन सभी सामान को प्रतिबंधित सामग्री मानते हुए परप्पना अग्रहारा पुलिस थाने को सौंपा गया और कर्नाटक प्रिजन एक्ट तथा BNS के तहत मामला दर्ज किया गया।
क्या जेल में 80 मोबाइल मिलने की खबर भी गलत है?
डीसीपी नारायण ने उन मीडिया रिपोर्टों को भी खारिज किया, जिनमें छापेमारी के दौरान 80 मोबाइल फोन जब्त किए जाने की बात कही गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब्त किए गए सामान में एक मोबाइल फोन शामिल था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मोबाइल जेल के अंदर कैसे पहुंचा और इसे वहां कौन लेकर आया।
क्या जामर के बावजूद फोन में सिग्नल आ रहा था?
पुलिस के मुताबिक, जेल में 3G और 5G जामर लगे होने के बावजूद जब्त Redmi फोन में सिग्नल मिल रहा था। डीसीपी ने कहा कि तकनीक के विकास के कारण कुछ मामलों में सिग्नल पकड़े जा सकते हैं। पुलिस इस मामले में फोन बनाने वाली कंपनी को भी पत्र लिखकर सुरक्षा व्यवस्था में संभावित सेंध की जानकारी देगी।
क्या SIM कार्ड भी फर्जी नामों पर खरीदे गए थे?
डीसीपी ने बताया कि जांच में सामने आया है कि SIM कार्ड जिन नामों पर खरीदे गए थे, वे नाम फर्जी थे। पुलिस ने कहा कि ऐसे मामलों में बड़ी संख्या में SIM कार्ड फर्जी या मृत व्यक्तियों के नाम पर खरीदे जाने के मामले सामने आए हैं। जांच एजेंसियों को उन दुकानों से जुड़े कुछ सुराग मिले हैं, जहां से ये मोबाइल फोन खरीदे गए थे।
क्या प्रज्वल रेवन्ना और राय से अभी पूछताछ होगी?
पुलिस ने बताया कि फिलहाल प्रज्वल रेवन्ना और राय से पूछताछ नहीं हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, पहले फोन से जुड़ा तकनीकी डेटा हासिल किया जाएगा। इसके बाद जांच अधिकारी नोटिस जारी करेंगे और न्यायिक अदालत से अनुमति लेकर आगे की कार्रवाई करेंगे।