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पुणे में बुजुर्ग से ₹10.74 करोड़ ठगे: CBI अधिकारी बन किया डिजिटल अरेस्ट; सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर गिरफ्तार

Thu, 13 Aug 2026 09:26 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, पुणे।
पीटीआई, पुणे। Published by: राकेश कुमार Updated Thu, 13 Aug 2026 09:26 PM IST
सार

82 वर्षीय पुणे निवासी को सीबीआई अधिकारी बनकर डराया गया और उनसे ₹10.74 करोड़ ट्रांसफर करवाए गए। जांच में रकम के 5,436 बैंक खातों तक पहुंचने की जानकारी सामने आई। अब तक पुलिस ₹1.34 करोड़ फ्रीज कर चुकी है और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रोहन जाधव समेत आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है।
 

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Pune Digital Arrest Scam Social Media Influencer Held in Rs 10.74 Crore Fraud
पुणे डिजिटल अरेस्ट केस - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पुणे में डिजिटल अरेस्ट ठगी के एक मामले में पुलिस ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रोहन जाधव को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में पुणे के एक 82 वर्षीय निवासी से ₹10.74 करोड़ की रकम ठगी गई। पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी। जाधव पुणे के पिंपल निलख का रहने वाला है। वह इंस्टाग्राम पर रील बनाने के लिए जाना जाता है। उसे साइबर पुलिस थाने के अधिकारियों ने गिरफ्तार किया।
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क्या था ठगी का पूरा तरीका?
23 जनवरी से 31 जनवरी 2026 के बीच अज्ञात लोगों ने 82 वर्षीय शिकायतकर्ता के आधार कार्ड का इस्तेमाल कर केनरा बैंक में एक खाता खोला। इसके बाद आरोपियों ने बुजुर्ग को फोन किया और खुद को सीबीआई अधिकारी बताया। इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि यह बैंक खाता जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल से जुड़े मामलों से संबंधित है।
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आरोपियों ने दावा किया कि इस खाते का इस्तेमाल अवैध लेनदेन के लिए किया जा रहा है। उन्होंने बुजुर्ग और उनके परिवार के सदस्यों को गिरफ्तार करने की धमकी दी। इसके बाद आरोपियों ने उनका पैसा ‘सुरक्षित’ रखने के बहाने उन्हें अपनी सारी निवेश राशि कुछ बैंक खातों में भेजने के लिए मजबूर किया।
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मामले से जुड़ी मुख्य बातें
  • शिकायतकर्ता की उम्र 82 साल है।
  • आधार कार्ड से केनरा बैंक में खाता खोला गया।
  • आरोपियों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया।
  • खाते को नरेश गोयल से जुड़े मामलों से जोड़ा गया।
  • बुजुर्ग और उनके परिवार को गिरफ्तारी की धमकी दी गई।
  • कुल ₹10,74,65,000 ट्रांसफर करवाए गए।

5,436 बैंक खातों तक कैसे पहुंची रकम?
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ठगी की रकम बाद में 5,436 बैंक खातों में भेजी गई। 30 जनवरी 2026 को 75 लाख रुपये यस बैंक के एक खाते में जमा किए गए। इसके बाद यस बैंक से 6.5 लाख रुपये बैंक ऑफ महाराष्ट्र के तीन खातों में ट्रांसफर किए गए। तकनीकी विश्लेषण, साइबर अपराध पोर्टल से मिली जानकारी और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपियों का पता लगाया।

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अब तक किन आरोपियों की गिरफ्तारी हुई?
पुलिस ने इस मामले में जाधव से पहले चार लोगों को गिरफ्तार किया था। जिसमें हर्षद सुभाष धंतोले (24),समर्थ सुरेश देशमुख (24), अमर अत्तरगी (24) और प्रणव करनसिंह आर्य शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, छत्रपति संभाजीनगर के रहने वाले जाधव, धंतोले और देशमुख का मुख्य सहयोगी था। पुलिस का यह भी कहना है कि वह हांगकांग में मौजूद संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय संचालकों के संपर्क में था।

रोहन जाधव तक पुलिस कैसे पहुंची?
पुलिस ने रोहन जाधव के बैंक लेनदेन, वित्तीय गतिविधियों और दूसरे आरोपियों से उसके संबंधों की जांच की। इसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, अब तक ठगी की रकम में से ₹1.34 करोड़ फ्रीज किए जा चुके हैं। मामले की आगे की जांच जारी है।
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