केरल में अमित शाह ने फूंका चुनावी बिगुल: विजयन सरकार पर साधा निशाना, बोले- राज्य में भाजपा की बढ़ रही पकड़
इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले केरल की सियासत में गर्माहट बढ़ गई है। ऐसे में आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘न्यू इंडिया, न्यू केरल’ सम्मेलन में सीएम पिनराई विजनय पर जमकर निशाना साधा। साथ ही पीएम मोदी की विकास-केंद्रित राजनीति और जनता को सशक्त बनाने पर जोर दिया।
विस्तार
केरल में इस साल होने वाले विधासनभा से पहले राज्यभर की सियासत में गर्माहट तेज है। राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयारी भी तेज कर दी है। इसी बीच रविवार को केरल दौर पर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक साथ कई मामलों को लेकर राज्य की सत्तारूढ़ विजयन सरकार पर तीखा हमला बोला। तिरुवनंतपुरम में केरल कौमुदी द्वारा आयोजित ‘न्यू इंडिया, न्यू केरल’ सम्मेलन में शाह ने एक साथ कई मुद्दों पर खुलकर अपनी राय दी। उन्होंने केरल के आर्थिक विकास, राजनीति और सुरक्षा से जुड़े कई सवालों उठाए।
सम्मेलन में शाह ने कहा कि अमित शाह ने कहा कि 2004-2014 में यूपीए सरकार ने केरल को 72,000 करोड़ रुपये दिए, जबकि 2014-2024 में एनडीए सरकार ने 3,23,000 करोड़ रुपये दिए, बावजूद इसके कि राज्य में उनकी पार्टी की सरकार नहीं थी। उन्होंने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर आरोप लगाया कि वे गलत तरीके से यह प्रचार कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री मोदी केरल के खिलाफ हैं, जबकि वास्तव में उनके शासन में ही राज्य के साथ अन्याय हुआ।
पीएम मोदी की नेतृत्व शैली और विकास पर जोर
इस दौरान अमित शाह ने पीएम मोदी के नेतृत्व शैाली और विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की पहल से राजनीति प्रदर्शन आधारित हो रही है, शिकायतों पर नहीं, बल्कि समाधान और विकास पर ध्यान है। उन्होंने कहा कि विकास और समानता के लिए राजनीति की जड़ता और शिकायतों से आगे बढ़ना जरूरी है।
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उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के दबाए गए लोग अब मौन नहीं रहेंगे और जनता को सशक्त बनाना ही सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। अमित शाह ने अपने भाषण में केरल में निवेश, विकास, सुरक्षा और राजनीति में बदलाव की दिशा को प्रमुखता से बताया। साथ ही कहा कि एनडीए के नेतृत्व में केरल का भविष्य विकसित और मजबूत बन सकता है।
केरल की अर्थव्यवस्था और विकास
अमित शाह ने कहा कि केरल की अर्थव्यवस्था सिर्फ प्रवासी मजदूरों की रेमिटेंस पर आधारित है, यह लंबे समय में राज्य के हर नागरिक को फायदा नहीं पहुंचा सकती। उन्होंने रेमिटेंस का स्वागत किया, लेकिन कहा कि राज्य के विकास के लिए और उपाय जरूरी हैं।
राजनीतिक बदलाव और भविष्य की योजना पर भी की बात
इस दौरान शाह ने केरल में एनडीए की योजना को लेकर भी बातें की। उन्होंने कहा कि केरल में भाजपा और एनडीए की पकड़ बढ़ रही है। 2014 में भाजपा को 11%, 2019 में एनडीए को 16% और 2024 में 20% वोट मिले। हाल के स्थानीय निकाय चुनावों में पहली बार तिरुवनंतपुरम में भाजपा का मेयर बैठा है। उन्होंने कहा कि केरल को नई विचारधारा, नया नेतृत्व और नई राजनीति की जरूरत है, जिसे केवल भाजपा और एनडीए दे सकते हैं।
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पीएफआई, एसडीपीआई और अन्य संगठन खतरा- शाह
अमित शाह ने कहा कि जब पीएफआई, एसडीपीआई और जामियत-ए-इस्लामी जैसी संगठन राज्य में सक्रिय हैं और शांति में विश्वास नहीं रखते, तो यह केरल की एकता और विकास के लिए खतरा है। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि ऐसे खतरों की पहचान करे और उन्हें खत्म करने का प्रयास करे।
सबरीमाला मामले पर तटस्थ जांच की मांग
इसके साथ ही शाह ने महीनों से चल रहे सबरीमाला मंदिर विवाद को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सबरीमाला मंदिर में विश्वास और धन चोरी के मामले में सरकार की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जनता को अपने मंत्रियों पर संदेह है, तो तटस्थ जांच जरूरी है और उसे ऐसा ही दिखना भी चाहिए।
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