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केरल में महंगाई पर विधानसभा में रार: विपक्ष ने किया वॉकआउट, सीएम बोले- टैक्स पर राहत देने पर कर रहे विचार
पीटीआई, तिरुवनंतपुरम
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 02 Jun 2026 12:46 PM IST
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सार
केरल में मंगलवार को महंगाई को लेकर विधानसभा में हंगामा हो गया। विपक्ष ने बढ़ती महंगाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा और सदन से वॉकआउट किया। इसके बाद सीएम ने संकेत दिए हैं कि वे ईंधन पर लगे अतिरिक्त करों को कम करके आम जनता को राहत देने पर विचार कर सकते हैं।
केरल में महंगाई पर सदन में रार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केरल विधानसभा में महंगाई पर लाए गए स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बहस देखने को मिली। विपक्ष ने सरकार के रुख पर नाराजगी जताते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। वहीं सीएम वीडी सतीशन ने भी विपक्ष के आरोपों से नाराज होकर राज्य की आर्थिक स्थिति पर श्वेत पत्र लाने का एलान कर दिया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ने के बावजूद महंगाई कम करने के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है। इस पर सीएम वीडी सतीशन ने आरोप लगाया कि पिछले 11 महीनों में महंगाई तेजी से बढ़ी है और पिछली एलडीएफ सरकार ने इसे नियंत्रित करने के लिए कुछ नहीं किया।
सदन में क्या-क्या हुआ?
सदन में चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता और पूर्व सीएम पिनाराई विजयन ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने बढ़ती महंगाई के गंभीर मुद्दे पर ठीक से चर्चा न करते हुए केवल औपचारिक टिप्पणी कर बात खत्म कर दी। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से राज्य में गंभीर आर्थिक संकट पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने खुद माना है कि हालात आगे और बिगड़ सकते हैं। उन्होंने इस बढ़ोतरी के पीछे पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को प्रमुख कारण बताया।
विपक्ष नेता ने कहा कि पहले केंद्र सरकार के पास ईंधन मूल्य निर्धारण पर नियंत्रण था, लेकिन बाद में इसे तेल कंपनियों को सौंप दिया गया—जिसकी शुरुआत कांग्रेस के कार्यकाल में हुई और आगे इसे भाजपा सरकार ने जारी रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि तेल कंपनियां भारी मुनाफा कमा रहीं थी, लेकिन सरकारें प्रभावी नियंत्रण लगाने में विफल रही है।
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विपक्ष का सदन से वॉकआउट
महंगाई गंभीर स्तर पर पहुंच चुकी है और सरकार इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि जब एलडीएफ सरकार सत्ता में आई थी, तब टैक्स नहीं बढ़ाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सदन में इस मुद्दे पर उचित चर्चा से बच रही है, इसलिए उनकी पार्टी सदन से वॉकआउट कर रही है।
सीएम का एलान- सरकार लाएगी श्वेत पत्र
पी विजयन के आरोपों पर मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी से परेशानी होने की बात स्वीकार की और ये भी चेताया कि खाड़ी युद्ध के चलते आगे हालात और बिगड़ सकते हैं। हालांकि उन्होंने विपक्ष के उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया कि सरकार महंगाई घटाने के लिए कुछ नहीं कर रही है। सीएम ने कहा कि ठोस कदम उठाने के लिए सरकार को कुछ और समय चाहिए। सीएम ने कहा कि ओमान चांडी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के दौरान पेट्रोल और डीजल पर अतिरिक्त करों में छूट दी गई थी, जिससे राज्य को लगभग 619 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ था।
उन्होंने एलडीएफ को घेरते हुए कहा कि इसके विपरीत, पिछली एलडीएफ सरकार ने ईंधन करों के माध्यम से करीब 3,100 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय इकट्ठा की और करों में कोई कटौती नहीं की। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली सरकार के वित्त मंत्री थॉमस इसाक ने कहा था कि एलडीएफ सरकार करों में कटौती करने जैसी गलती नहीं करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 11 महीनों में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में सबसे तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है लेकिन पिछली एलडीएफ सरकार इस स्थिति को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने में असफल रही थी।
ईंधन में टैक्स कटौती पर हो रही चर्चा
उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी तथा एलपीजी की कमी को रोकने के लिए भी मजबूत हस्तक्षेप किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार प्रदेश में ईंधन पर लगे अतिरिक्त कर में राहत देकर जनता के बोझ को कुछ कम करने पर विचार कर रहे हैं। सीएम ने ये भी कहा कि सरकार जल्द ही राज्य की आर्थिक स्थिति पर एक श्वेत पत्र जारी करेगी, जिसमें सभी सवालों के जवाब होंगे।
सदन में क्या-क्या हुआ?
सदन में चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता और पूर्व सीएम पिनाराई विजयन ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने बढ़ती महंगाई के गंभीर मुद्दे पर ठीक से चर्चा न करते हुए केवल औपचारिक टिप्पणी कर बात खत्म कर दी। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से राज्य में गंभीर आर्थिक संकट पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने खुद माना है कि हालात आगे और बिगड़ सकते हैं। उन्होंने इस बढ़ोतरी के पीछे पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को प्रमुख कारण बताया।
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विपक्ष नेता ने कहा कि पहले केंद्र सरकार के पास ईंधन मूल्य निर्धारण पर नियंत्रण था, लेकिन बाद में इसे तेल कंपनियों को सौंप दिया गया—जिसकी शुरुआत कांग्रेस के कार्यकाल में हुई और आगे इसे भाजपा सरकार ने जारी रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि तेल कंपनियां भारी मुनाफा कमा रहीं थी, लेकिन सरकारें प्रभावी नियंत्रण लगाने में विफल रही है।
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विपक्ष का सदन से वॉकआउट
महंगाई गंभीर स्तर पर पहुंच चुकी है और सरकार इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि जब एलडीएफ सरकार सत्ता में आई थी, तब टैक्स नहीं बढ़ाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सदन में इस मुद्दे पर उचित चर्चा से बच रही है, इसलिए उनकी पार्टी सदन से वॉकआउट कर रही है।
सीएम का एलान- सरकार लाएगी श्वेत पत्र
पी विजयन के आरोपों पर मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी से परेशानी होने की बात स्वीकार की और ये भी चेताया कि खाड़ी युद्ध के चलते आगे हालात और बिगड़ सकते हैं। हालांकि उन्होंने विपक्ष के उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया कि सरकार महंगाई घटाने के लिए कुछ नहीं कर रही है। सीएम ने कहा कि ठोस कदम उठाने के लिए सरकार को कुछ और समय चाहिए। सीएम ने कहा कि ओमान चांडी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के दौरान पेट्रोल और डीजल पर अतिरिक्त करों में छूट दी गई थी, जिससे राज्य को लगभग 619 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ था।
उन्होंने एलडीएफ को घेरते हुए कहा कि इसके विपरीत, पिछली एलडीएफ सरकार ने ईंधन करों के माध्यम से करीब 3,100 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय इकट्ठा की और करों में कोई कटौती नहीं की। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली सरकार के वित्त मंत्री थॉमस इसाक ने कहा था कि एलडीएफ सरकार करों में कटौती करने जैसी गलती नहीं करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 11 महीनों में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में सबसे तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है लेकिन पिछली एलडीएफ सरकार इस स्थिति को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने में असफल रही थी।
ईंधन में टैक्स कटौती पर हो रही चर्चा
उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी तथा एलपीजी की कमी को रोकने के लिए भी मजबूत हस्तक्षेप किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार प्रदेश में ईंधन पर लगे अतिरिक्त कर में राहत देकर जनता के बोझ को कुछ कम करने पर विचार कर रहे हैं। सीएम ने ये भी कहा कि सरकार जल्द ही राज्य की आर्थिक स्थिति पर एक श्वेत पत्र जारी करेगी, जिसमें सभी सवालों के जवाब होंगे।