{"_id":"6a22a01eca6a0958d70280ae","slug":"kerala-power-minister-sunny-joseph-defends-benny-thomas-appointment-amid-nepotism-row-udf-politics-2026-06-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kerala: केरल के बिजली मंत्री पर भाई-भतीजावाद का आरोप, निजी स्टाफ में जीजा की नियुक्ति पर दी सफाई","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Kerala: केरल के बिजली मंत्री पर भाई-भतीजावाद का आरोप, निजी स्टाफ में जीजा की नियुक्ति पर दी सफाई
पीटीआई, तिरुवनंतपुरम
Published by: अमन तिवारी
Updated Fri, 05 Jun 2026 03:38 PM IST
विज्ञापन
सार
केरल के बिजली मंत्री सनी जोसेफ ने अपने जीजा को निजी स्टाफ में नियुक्त करने के फैसले का बचाव किया है। विपक्ष ने उन पर भाई-भतीजावाद का आरोप लगाया है। मंत्री का कहना है कि यह नियुक्ति योग्यता और अनुभव के आधार पर हुई है, न कि पारिवारिक रिश्तों की वजह से।
सनी जोसेफ
- फोटो : एक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
केरल के बिजली मंत्री सनी जोसेफ ने अपने पर्सनल स्टाफ में अपने जीजा की नियुक्ति पर उठ रहे सवालों का जवाब दिया है। उन पर भाई-भतीजावाद के आरोप लग रहे हैं। मंत्री ने शुक्रवार को कहा कि यह फैसला पारिवारिक रिश्तों पर नहीं, बल्कि उनके सार्वजनिक सेवा के रिकॉर्ड पर आधारित है।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
विवाद तब शुरू हुआ जब कन्नूर जिला कांग्रेस कमेटी (DCC) के महासचिव बेनी थॉमस को मंत्री का अतिरिक्त निजी सचिव नियुक्त किया गया। बेनी थॉमस मंत्री की बहन के पति हैं। विपक्षी दल माकपा (CPI-M) की आलोचना का जवाब देते हुए जोसेफ ने कहा कि थॉमस को रिश्तेदार होने के कारण स्टाफ में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने थॉमस को एक बेहतरीन जनसेवक बताया।
क्या बोले मंत्री?
जोसेफ ने पत्रकारों को जानकारी दी कि थॉमस ने विधानसभा चुनाव के दौरान पेरावूर में उनके मुख्य चुनाव एजेंट के रूप में काम किया था। उन्होंने बताया कि यह नियुक्ति DCC अध्यक्ष की सिफारिश पर की गई है। मंत्री के अनुसार, थॉमस लंबे समय से सार्वजनिक सेवा में सक्रिय हैं और वे पंचायत सदस्य भी रह चुके हैं।
विज्ञापन
मंत्री ने किसी भी गलत काम के आरोप को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि इस नियुक्ति में कोई कानूनी बाधा नहीं है। उन्होंने थॉमस को एक आदर्श जनसेवक बताया। जोसेफ ने कहा कि उनके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है, इसलिए उन्होंने थॉमस को कहीं और रखने के बजाय सीधे अपने निजी स्टाफ में नियुक्त किया।
ये भी पढ़ें: 'मेरी सीट से लड़िए उपचुनाव, दूंगा साथ': हुमायूं कबीर ने ममता को दिया प्रस्ताव, बोले-जो भी हूं आपकी वजह से हूं
स्वास्थ्य मंत्री ने किया नियुक्ति का समर्थन
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के मुरलीधरन ने भी इस नियुक्ति का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि थॉमस के पास राजनीतिक अनुभव और पृष्ठभूमि है। वे पहले पंचायत अध्यक्ष भी रह चुके हैं। मुरलीधरन ने तंज कसते हुए कहा कि जब मोहम्मद रियास को मंत्री बनाया गया था, तब हमने यह नहीं कहा था कि ससुर की कैबिनेट में दामाद को मंत्री बनाया गया है। उनका इशारा पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के दामाद पीए मोहम्मद रियास की तरफ था।
माकपा ने कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ (UDF) पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। माकपा विधायक वी जॉय ने विधानसभा में यह मुद्दा उठाया। डीवाईएफआई (DYFI) नेता वीके सनोज ने इसे भाई-भतीजावाद बताते हुए जोसेफ के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने सवाल किया कि जो कांग्रेस नेता पहले ऐसी नियुक्तियों का विरोध करते थे, वे अब चुप क्यों हैं। उन्होंने इस फैसले को निंदनीय बताया।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
विवाद तब शुरू हुआ जब कन्नूर जिला कांग्रेस कमेटी (DCC) के महासचिव बेनी थॉमस को मंत्री का अतिरिक्त निजी सचिव नियुक्त किया गया। बेनी थॉमस मंत्री की बहन के पति हैं। विपक्षी दल माकपा (CPI-M) की आलोचना का जवाब देते हुए जोसेफ ने कहा कि थॉमस को रिश्तेदार होने के कारण स्टाफ में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने थॉमस को एक बेहतरीन जनसेवक बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन
क्या बोले मंत्री?
जोसेफ ने पत्रकारों को जानकारी दी कि थॉमस ने विधानसभा चुनाव के दौरान पेरावूर में उनके मुख्य चुनाव एजेंट के रूप में काम किया था। उन्होंने बताया कि यह नियुक्ति DCC अध्यक्ष की सिफारिश पर की गई है। मंत्री के अनुसार, थॉमस लंबे समय से सार्वजनिक सेवा में सक्रिय हैं और वे पंचायत सदस्य भी रह चुके हैं।
Trending Videos
मंत्री ने किसी भी गलत काम के आरोप को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि इस नियुक्ति में कोई कानूनी बाधा नहीं है। उन्होंने थॉमस को एक आदर्श जनसेवक बताया। जोसेफ ने कहा कि उनके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है, इसलिए उन्होंने थॉमस को कहीं और रखने के बजाय सीधे अपने निजी स्टाफ में नियुक्त किया।
ये भी पढ़ें: 'मेरी सीट से लड़िए उपचुनाव, दूंगा साथ': हुमायूं कबीर ने ममता को दिया प्रस्ताव, बोले-जो भी हूं आपकी वजह से हूं
स्वास्थ्य मंत्री ने किया नियुक्ति का समर्थन
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के मुरलीधरन ने भी इस नियुक्ति का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि थॉमस के पास राजनीतिक अनुभव और पृष्ठभूमि है। वे पहले पंचायत अध्यक्ष भी रह चुके हैं। मुरलीधरन ने तंज कसते हुए कहा कि जब मोहम्मद रियास को मंत्री बनाया गया था, तब हमने यह नहीं कहा था कि ससुर की कैबिनेट में दामाद को मंत्री बनाया गया है। उनका इशारा पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के दामाद पीए मोहम्मद रियास की तरफ था।
माकपा ने कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ (UDF) पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। माकपा विधायक वी जॉय ने विधानसभा में यह मुद्दा उठाया। डीवाईएफआई (DYFI) नेता वीके सनोज ने इसे भाई-भतीजावाद बताते हुए जोसेफ के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने सवाल किया कि जो कांग्रेस नेता पहले ऐसी नियुक्तियों का विरोध करते थे, वे अब चुप क्यों हैं। उन्होंने इस फैसले को निंदनीय बताया।