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Kerala: महिलाओं की फ्री बस योजना में गड़बड़ी कैसे आई सामने? केरल सरकार ने KSRTC कर्मचारियों को दी सख्त चेतावनी

Sun, 26 Jul 2026 02:24 PM IST
शिवम गर्ग पीटीआई, तिरुवनंतपुरम
पीटीआई, तिरुवनंतपुरम Published by: शिवम गर्ग Updated Sun, 26 Jul 2026 02:24 PM IST
सार

केरल सरकार ने महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा योजना के दुरुपयोग पर सख्त रुख अपनाया है। परिवहन मंत्री सी. पी. जॉन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई KSRTC कर्मचारी महिलाओं के लिए जारी होने वाले 'जीरो टिकट' पुरुष यात्रियों को देता पाया गया तो उसके खिलाफ तत्काल निलंबन और जरूरत पड़ने पर बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी।

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Kerala Transport Minister Warns KSRTC Staff Against Misuse of Free Travel Scheme
केरल में मुफ्त बस योजना को लेकर बड़ा फैसला - फोटो : Amar Ujala Graphics

विस्तार

केरल के परिवहन मंत्री सी. पी. जॉन ने महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा योजना के दुरुपयोग पर केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) कर्मचारियों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि कोई कर्मचारी महिलाओं के लिए जारी किए जाने वाले जीरो टिकट पुरुष यात्रियों को जारी करता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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मंत्री ने गड़बड़ी को लेकर क्या कहा?

हाल ही में सामने आई रिपोर्टों में आरोप लगाया गया था कि कुछ परिचालकों ने महिलाओं के लिए निर्धारित जीरो वैल्यू टिकट पुरुष यात्रियों को जारी किए। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि ऐसी अनियमितता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। केएसआरटीसी ने पिछले महीने साधारण श्रेणी की बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा योजना शुरू की थी।

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कार्रवाई को लेकर सरकार ने क्या चेतावनी दी?

मंत्री ने कहा कि योजना नई होने के कारण शुरुआती दिनों में गलतियां सुधारने का अवसर दिया गया था, लेकिन अब किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि जो भी कर्मचारी इस तरह की अनियमितता में शामिल पाया जाएगा, उसे तुरंत निलंबित किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर सेवा से भी बर्खास्त किया जा सकता है।

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मंत्री ने इस योजना को क्या बताया?

सी. पी. जॉन ने प्रियदर्शिनी मुफ्त यात्रा योजना को केएसआरटीसी की नहीं, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण की योजना बताया। उन्होंने कहा कि यदि कोई इस योजना को कमजोर करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने कहा कि केएसआरटीसी के 99 प्रतिशत से अधिक कर्मचारी ईमानदारी से योजना को लागू कर रहे हैं। उनके अनुसार, महिलाओं की संख्या में 80 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और कर्मचारियों के सम्मानजनक व्यवहार के कारण यह योजना सफलतापूर्वक चल रही है। उन्होंने कहा कि केवल बहुत कम कर्मचारी ही इस तरह की अनियमितताओं में शामिल हैं।

बसों में भीड़ को लेकर क्या कहा गया?

योजना लागू होने के बाद बसों में बढ़ी भीड़ पर मंत्री ने कहा कि शुरुआती दौर में ऐसी स्थिति की उम्मीद थी। उन्होंने कहा कि मौजूदा सामाजिक परिस्थितियों में यात्रियों को बस में चढ़ने से रोका नहीं जा सकता। फिलहाल सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी सभी यात्रियों को सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराना है और चालक-परिचालकों को सावधानी से सेवाएं संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।

निजी बसों को लीज पर लेने का फैसला क्यों किया गया?

ओणम और सबरीमाला सीजन के दौरान केएसआरटीसी सेवाओं के लिए निजी बसों को लीज पर लेने के फैसले पर मंत्री ने कहा कि यह बसों की कमी के कारण लिया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में पर्याप्त नई बसें नहीं खरीदी गईं और कई पुरानी बसें अब उपयोग के लायक नहीं रहीं। ऐसे में त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली यात्रियों की संख्या को संभालना मुश्किल हो रहा है।

निजी बस मालिकों से क्या अपील की गई?

मंत्री ने निजी बस मालिकों से अपनी बसें केएसआरटीसी को लीज पर देने की अपील की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बसों की प्रतिदिन की पूरी टिकट आय उन्हें दी जाएगी। उन्होंने कहा कि भुगतान को लेकर चिंता की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि केएसआरटीसी अब वित्तीय रूप से स्थिर है। सबरीमाला सीजन में भी भारी भीड़ को देखते हुए इसी तरह की व्यवस्था करने पर विचार किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि निजी बसों को लीज पर लेने का फैसला केएसआरटीसी के निजीकरण की दिशा में कदम नहीं है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य केवल व्यस्त यात्रा सीजन में बसों की कमी को दूर करना है।

राजनीतिक मुद्दों पर मंत्री ने क्या कहा?

सी. पी. जॉन ने हालिया राजनीतिक घटनाक्रम पर कहा कि कथित नीट परीक्षा पेपर लीक को लेकर देशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों ने भाजपा के राजनीतिक प्रभुत्व को कमजोर किया है। उन्होंने अयोध्या राम मंदिर परियोजना में कथित अनियमितताओं को लेकर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की और कहा कि मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह से व्यक्तिगत रूप से जुड़े होने के कारण उन्हें इस मुद्दे पर उठ रहे सवालों का जवाब देना चाहिए।

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