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Kerala: केरल विश्वविद्यालय के कुलपति का विवादित बयान; कहा- जो वंदे मातरम् नहीं कहते, नहीं जानते उनकी मां कौन
Sat, 15 Aug 2026 10:03 PM IST
Devesh Tripathi
पीटीआई, तिरुवनंतपुरम
पीटीआई, तिरुवनंतपुरम
Published by: Devesh Tripathi
Updated Sat, 15 Aug 2026 10:03 PM IST
सार
केरल विश्वविद्यालय के कुलपति मोहनन कुन्नुम्मल की 'वंदे मातरम्' को लेकर की गई टिप्पणी पर राज्य में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने आरएसएस के एक युवा सम्मेलन में भारत को मां बताते हुए कहा कि देशभक्ति के इस संबोधन का विरोध करने वालों को अपनी मां की पहचान नहीं है। उनके बयान के बाद छात्र संगठनों एसएफआई और केएसयू ने कुलपति पर विश्वविद्यालय में आरएसएस का एजेंडा आगे बढ़ाने का आरोप लगाया।
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केरल विश्वविद्यालय के कुलपति मोहनन कुन्नुम्मल
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
केरल विश्वविद्यालय के कुलपति मोहनन कुन्नुम्मल ने शनिवार को कहा कि जो लोग "वंदे मातरम्" नहीं कहते, वे नहीं जानते कि उनकी मां कौन है। वह मणिविला में आरएसएस के युवा सम्मेलन 'संकल्प 2026 युवा संगम' को संबोधित कर रहे थे। कुन्नुम्मल ने कहा कि भारत माता ने ही बच्चों को उनके माता-पिता को सौंपा है।
उन्होंने कहा, "इन बच्चों को विकसित भारत के लिए आपके घरों में भेजा गया है। उन्हें प्रतिभाशाली बच्चे और आदर्श नागरिक बनाने की जिम्मेदारी परिवार के हर पुरुष और महिला मुखिया की है। मैं कहूंगा कि यह जिम्मेदारी परिवार की महिला मुखिया पर और भी अधिक लागू होती है। क्योंकि जहां तक भारत की बात है, यह हमारी मां है।"
केरल विश्वविद्यालय के कुलपति ने दिया क्या बयान?
कुलपति मोहनन कुन्नुम्मल ने कहा कि इसी वजह से देश को "मदर इंडिया" कहा जाता है। कुन्नुम्मल ने कहा, "इसीलिए जब हम प्रार्थना करते हैं तो 'वंदे मातरम्' कहते हैं। यह हमारी मां है। इसलिए हम 'वंदे मातरम्' कहते और गाते हैं। जो लोग 'वंदे मातरम्' कहने का विरोध करते हैं, वे नहीं जानते कि उनकी मां कौन है। लेकिन जो लोग जानते हैं कि उनकी मां कौन है, जो लोग समझते हैं कि मां क्या होती है, वे हमेशा 'वंदे मातरम्' कहेंगे। इसे इसी तरह कहा जाना चाहिए।"
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छात्र संगठनों एसएफआई और केएसयू ने आरोप लगाया है कि कुन्नुम्मल केरल विश्वविद्यालय में आरएसएस के एजेंडे को लागू करने की कोशिश कर रहे हैं। केरल के राज्यपाल द्वारा कुन्नुम्मल को कुलपति नियुक्त किए जाने पर एलडीएफ और यूडीएफ ने सवाल उठाए हैं। दोनों गठबंधनों ने आरोप लगाया है कि यह केरल की शिक्षा व्यवस्था को "भगवा रंग" देने की कोशिश है।
कुलपति पर लगे आरएसएस के कार्यक्रमों में शामिल होने के आरोप
एलडीएफ और यूडीएफ विश्वविद्यालय के कुलपतियों, जिनमें कुन्नुम्मल भी शामिल हैं, पर आरएसएस द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में कथित रूप से शामिल होने को लेकर लगातार आरोप लगाते रहे हैं। केंद्र सरकार के निर्देश के बावजूद राज्य सरकार ने स्वतंत्रता दिवस के अपने आधिकारिक समारोह में 'वंदे मातरम्' का पाठ नहीं किया।
केरल में राज्यपाल विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति होते हैं और कुलपतियों की नियुक्ति करते हैं। पिछली एलडीएफ सरकार का राज्यपाल के साथ कुलपतियों की नियुक्ति को लेकर विवाद रहा था। मौजूदा यूडीएफ सरकार ने भी राज्य के विश्वविद्यालयों में कुछ लोगों को अंतरिम कुलपति नियुक्त किए जाने पर नाराजगी जताई है।
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उन्होंने कहा, "इन बच्चों को विकसित भारत के लिए आपके घरों में भेजा गया है। उन्हें प्रतिभाशाली बच्चे और आदर्श नागरिक बनाने की जिम्मेदारी परिवार के हर पुरुष और महिला मुखिया की है। मैं कहूंगा कि यह जिम्मेदारी परिवार की महिला मुखिया पर और भी अधिक लागू होती है। क्योंकि जहां तक भारत की बात है, यह हमारी मां है।"
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केरल विश्वविद्यालय के कुलपति ने दिया क्या बयान?
कुलपति मोहनन कुन्नुम्मल ने कहा कि इसी वजह से देश को "मदर इंडिया" कहा जाता है। कुन्नुम्मल ने कहा, "इसीलिए जब हम प्रार्थना करते हैं तो 'वंदे मातरम्' कहते हैं। यह हमारी मां है। इसलिए हम 'वंदे मातरम्' कहते और गाते हैं। जो लोग 'वंदे मातरम्' कहने का विरोध करते हैं, वे नहीं जानते कि उनकी मां कौन है। लेकिन जो लोग जानते हैं कि उनकी मां कौन है, जो लोग समझते हैं कि मां क्या होती है, वे हमेशा 'वंदे मातरम्' कहेंगे। इसे इसी तरह कहा जाना चाहिए।"
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छात्र संगठनों एसएफआई और केएसयू ने आरोप लगाया है कि कुन्नुम्मल केरल विश्वविद्यालय में आरएसएस के एजेंडे को लागू करने की कोशिश कर रहे हैं। केरल के राज्यपाल द्वारा कुन्नुम्मल को कुलपति नियुक्त किए जाने पर एलडीएफ और यूडीएफ ने सवाल उठाए हैं। दोनों गठबंधनों ने आरोप लगाया है कि यह केरल की शिक्षा व्यवस्था को "भगवा रंग" देने की कोशिश है।
कुलपति पर लगे आरएसएस के कार्यक्रमों में शामिल होने के आरोप
एलडीएफ और यूडीएफ विश्वविद्यालय के कुलपतियों, जिनमें कुन्नुम्मल भी शामिल हैं, पर आरएसएस द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में कथित रूप से शामिल होने को लेकर लगातार आरोप लगाते रहे हैं। केंद्र सरकार के निर्देश के बावजूद राज्य सरकार ने स्वतंत्रता दिवस के अपने आधिकारिक समारोह में 'वंदे मातरम्' का पाठ नहीं किया।
केरल में राज्यपाल विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति होते हैं और कुलपतियों की नियुक्ति करते हैं। पिछली एलडीएफ सरकार का राज्यपाल के साथ कुलपतियों की नियुक्ति को लेकर विवाद रहा था। मौजूदा यूडीएफ सरकार ने भी राज्य के विश्वविद्यालयों में कुछ लोगों को अंतरिम कुलपति नियुक्त किए जाने पर नाराजगी जताई है।