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बंगाल में बवाल: तिरंगा फहराने पहुंचीं TMC की युवा नेत्री पर अचानक बरसने लगे अंडे, BJP-ABVP पर लगाए गंभीर आरोप
Sat, 15 Aug 2026 06:49 PM IST
राकेश कुमार
आईएएनएस, कोलकाता।
आईएएनएस, कोलकाता।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sat, 15 Aug 2026 06:49 PM IST
सार
कोलकाता के आशुतोष कॉलेज में स्वतंत्रता दिवस पर झंडा फहराने पहुंचीं तृणमूल नेत्री उपासना चौधरी पर अंडे फेंके जाने से राज्य का राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्मा गया है। उपासना ने जहां भाजपा और एबीवीपी पर हमले तथा पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है, वहीं विपक्षी संगठनों ने इसे तृणमूल शासन के खिलाफ जनता का स्वाभाविक आक्रोश करार दिया है।
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उपासना चौधरी, टीएमसीपी, अध्यक्ष
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बड़ा राजनीतिक हंगामा खड़ा हो गया। आशुतोष कॉलेज में राष्ट्रीय ध्वज फहराने पहुंचीं तृणमूल कांग्रेस की युवा नेत्री उपासना चौधरी पर अचानक अंडे बरसाए गए। उपासना तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) की अध्यक्ष भी हैं। वे अपने समर्थकों के साथ कॉलेज परिसर में प्रवेश करने की कोशिश कर रही थीं। इसी दौरान कुछ अज्ञात लोगों ने उन पर अंडे फेंक दिए। इस अचानक हुए हमले से कॉलेज परिसर के बाहर हड़कंप मच गया और देखते ही देखते इलाके में भारी तनाव फैल गया।
गेट पर क्यों रोका गया और कैसे भड़का गुस्सा?
उपासना चौधरी और उनके साथ आए तृणमूल कार्यकर्ताओं के पास कॉलेज का पहचान पत्र नहीं था। इसी वजह से सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों ने उन्हें कॉलेज परिसर के भीतर जाने से रोक दिया। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें कॉलेज के मुख्य गेट के सामने भी जमा होने से साफ मना कर दिया। इस बात को लेकर पुलिस और नेताओं के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते वहां तनाव काफी बढ़ गया। इसी धक्का-मुक्की और हंगामे के बीच भीड़ में से किसी ने उपासना के सिर और शरीर पर सीधे अंडे फेंक दिए।
भाजपा-एबीवीपी पर लगाए आरोप
घटना के तुरंत बाद उपासना चौधरी ने फेसबुक लाइव के जरिए अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉलेज परिसर के भीतर पहले से ही बाहरी लोग मौजूद थे। पुलिस की मौजूदगी में उनके स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम को बिगाड़ने की साजिश रची गई। उपासना ने इस पूरे हमले का ठीकरा भारतीय जनता पार्टी और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सदस्यों पर फोड़ा। उन्होंने कहा कि पुलिस ने हमलावरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की और केवल मूकदर्शक बनी रही। दूसरी ओर, भाजपा और एबीवीपी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
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यह भी पढ़ें: 'RSS को पंजीकरण की जरूरत नहीं': बीएल संतोष ने प्रियांक खरगे को दिया जवाब, अखंड भारत पर भी कही बड़ी बात
क्या जनता के गुस्से का शिकार बनीं तृणमूल नेत्री?
एबीवीपी के एक सदस्य ने इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उपासना चौधरी को आम लोगों के भारी गुस्से का सामना करना पड़ा है। जो लोग तृणमूल कांग्रेस के कामकाज से खुश नहीं हैं, उन्होंने अपना गुस्सा जाहिर किया है। हालिया पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में भाजपा की सरकार बनी है। इसके बाद से जबरन वसूली, मारपीट, छेड़छाड़ और धमकी जैसे मामलों में तृणमूल कांग्रेस के कई पूर्व मंत्रियों और पार्षदों की गिरफ्तारियां हुई हैं। पुलिस हिरासत में ले जाए जा रहे नेताओं पर जनता अक्सर अंडे फेंक कर अपना विरोध दर्ज करा रही है, जिसे प्रदर्शनकारी 'एग थेरेपी' का नाम दे रहे हैं।
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गेट पर क्यों रोका गया और कैसे भड़का गुस्सा?
उपासना चौधरी और उनके साथ आए तृणमूल कार्यकर्ताओं के पास कॉलेज का पहचान पत्र नहीं था। इसी वजह से सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों ने उन्हें कॉलेज परिसर के भीतर जाने से रोक दिया। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें कॉलेज के मुख्य गेट के सामने भी जमा होने से साफ मना कर दिया। इस बात को लेकर पुलिस और नेताओं के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते वहां तनाव काफी बढ़ गया। इसी धक्का-मुक्की और हंगामे के बीच भीड़ में से किसी ने उपासना के सिर और शरीर पर सीधे अंडे फेंक दिए।
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भाजपा-एबीवीपी पर लगाए आरोप
घटना के तुरंत बाद उपासना चौधरी ने फेसबुक लाइव के जरिए अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉलेज परिसर के भीतर पहले से ही बाहरी लोग मौजूद थे। पुलिस की मौजूदगी में उनके स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम को बिगाड़ने की साजिश रची गई। उपासना ने इस पूरे हमले का ठीकरा भारतीय जनता पार्टी और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सदस्यों पर फोड़ा। उन्होंने कहा कि पुलिस ने हमलावरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की और केवल मूकदर्शक बनी रही। दूसरी ओर, भाजपा और एबीवीपी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
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क्या जनता के गुस्से का शिकार बनीं तृणमूल नेत्री?
एबीवीपी के एक सदस्य ने इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उपासना चौधरी को आम लोगों के भारी गुस्से का सामना करना पड़ा है। जो लोग तृणमूल कांग्रेस के कामकाज से खुश नहीं हैं, उन्होंने अपना गुस्सा जाहिर किया है। हालिया पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में भाजपा की सरकार बनी है। इसके बाद से जबरन वसूली, मारपीट, छेड़छाड़ और धमकी जैसे मामलों में तृणमूल कांग्रेस के कई पूर्व मंत्रियों और पार्षदों की गिरफ्तारियां हुई हैं। पुलिस हिरासत में ले जाए जा रहे नेताओं पर जनता अक्सर अंडे फेंक कर अपना विरोध दर्ज करा रही है, जिसे प्रदर्शनकारी 'एग थेरेपी' का नाम दे रहे हैं।