{"_id":"6a8071899a56df0dae03b5e3","slug":"mahua-moitra-circuit-house-row-cpim-privilege-motion-mohammed-salim-2026-08-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"महुआ को मिला माकपा का साथ: सलीम बोले-सांसद को सर्किट हाउस में रहने का हक; क्या है मामला और क्यों मचा बवाल?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
महुआ को मिला माकपा का साथ: सलीम बोले-सांसद को सर्किट हाउस में रहने का हक; क्या है मामला और क्यों मचा बवाल?
Sat, 15 Aug 2026 07:32 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, कोलकाता।
पीटीआई, कोलकाता।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sat, 15 Aug 2026 07:32 PM IST
सार
नदिया के सर्किट हाउस विवाद में माकपा ने तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा का समर्थन किया है। पार्टी संसद में विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रही है। महुआ ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने की मांग की है और अदालत जाने की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
महुआ मोइत्रा सर्किट हाउस विवाद
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा के सर्किट हाउस विवाद में अब माकपा ने उनका समर्थन किया है। नदिया जिला प्रशासन पर महुआ को सर्किट हाउस खाली करने के लिए कथित तौर पर दबाव डालने का आरोप है। माकपा (सीपीआई-एम) ने कहा है कि वह इस मामले में संसद में विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने के लिए कदम उठा रही है।
पश्चिम बंगाल माकपा के सचिव और पार्टी पोलित ब्यूरो सदस्य मोहम्मद सलीम ने शनिवार को बताया कि उन्होंने महुआ मोइत्रा से फोन पर बात की है। उन्होंने राज्यसभा में पार्टी के उपनेता जॉन ब्रिटास से संसद में विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने को कहा है।
‘सांसद को अपने क्षेत्र में आने-जाने का अधिकार’
सलीम ने यह भी कहा कि किसी सांसद या विधायक का अपने निर्वाचन क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से घूमना उनका विशेषाधिकार है। उन्होंने कहा कि महुआ मोइत्रा से उनके कई मुद्दों पर राजनीतिक मतभेद हैं। इसके बावजूद कृष्णानगर की सांसद होने के नाते उन्हें सर्किट हाउस में शांतिपूर्वक रहने का अधिकार है। सलीम ने कहा, 'टीएमसी ने कई गलत काम किए हैं और महुआ मोइत्रा भी उनमें से कुछ का हिस्सा हैं। लेकिन आज मुद्दा यह नहीं है।
विज्ञापन
घटना में कई पक्ष शामिल: सलीम
माकपा नेता ने आरोप लगाया कि इस घटना में ‘राज्य और गैर-राज्य दोनों तरह के लोग’ शामिल थे। उन्होंने कहा कि एक तरफ जिला प्रशासन महुआ मोइत्रा को सर्किट हाउस से बाहर निकालने की कोशिश कर रहा था। दूसरी तरफ वहां के बाहर आरएसएस और भाजपा समर्थक ‘जय श्री राम’ के नारे लगा रहे थे।
सलीम ने अपने साथ हुई एक पुरानी घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि रायगंज में एक सर्किट हाउस का कमरा ममता बनर्जी सरकार के दौरान पांच साल तक बंद रहा था। उस समय सलीम उस क्षेत्र के सांसद थे और उन्होंने वहां ठहरने के लिए उस कमरे का इस्तेमाल किया था। उन्होंने कहा कि पार्टी अलग होने के बावजूद ऐसे मामलों में खड़ा होना जरूरी है।
यह भी पढ़ें: बंगाल में बवाल: तिरंगा फहराने पहुंचीं TMC की युवा नेत्री पर अचानक बरसने लगे अंडे, BJP-ABVP पर लगाए गंभीर आरोप
महुआ मोइत्रा ने ओम बिरला से की हस्तक्षेप की मांग
कृष्णानगर की सांसद महुआ मोइत्रा ने इस मामले में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा है। उन्होंने उनसे हस्तक्षेप करने की मांग की है। महुआ ने मामले को लेकर अदालत जाने की चेतावनी भी दी है। उनका कहना है कि शुक्रवार रात सर्किट हाउस के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हुए थे। वहां ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए गए। महुआ के मुताबिक, उन्होंने सर्किट हाउस खाली करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद यह विवाद सामने आया।
क्या है पूरा मामला?
कृष्णानगर से टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा सर्किट हाउस में ठहरी थीं। उनका आरोप है कि जिला प्रशासन ने रात में उन्हें कमरा खाली करने को कहा। महुआ ने कमरा खाली करने से इनकार कर दिया। इसके बाद सर्किट हाउस के बाहर भीड़ जमा हुई और ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए गए। महुआ ने इसे परेशान करने की कोशिश बताया और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से शिकायत की। मामले में अब माकपा ने भी महुआ का समर्थन किया है और संसद में विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने की बात कही है।
विज्ञापन
पश्चिम बंगाल माकपा के सचिव और पार्टी पोलित ब्यूरो सदस्य मोहम्मद सलीम ने शनिवार को बताया कि उन्होंने महुआ मोइत्रा से फोन पर बात की है। उन्होंने राज्यसभा में पार्टी के उपनेता जॉन ब्रिटास से संसद में विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने को कहा है।
विज्ञापन
‘सांसद को अपने क्षेत्र में आने-जाने का अधिकार’
सलीम ने यह भी कहा कि किसी सांसद या विधायक का अपने निर्वाचन क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से घूमना उनका विशेषाधिकार है। उन्होंने कहा कि महुआ मोइत्रा से उनके कई मुद्दों पर राजनीतिक मतभेद हैं। इसके बावजूद कृष्णानगर की सांसद होने के नाते उन्हें सर्किट हाउस में शांतिपूर्वक रहने का अधिकार है। सलीम ने कहा, 'टीएमसी ने कई गलत काम किए हैं और महुआ मोइत्रा भी उनमें से कुछ का हिस्सा हैं। लेकिन आज मुद्दा यह नहीं है।
विज्ञापन
घटना में कई पक्ष शामिल: सलीम
माकपा नेता ने आरोप लगाया कि इस घटना में ‘राज्य और गैर-राज्य दोनों तरह के लोग’ शामिल थे। उन्होंने कहा कि एक तरफ जिला प्रशासन महुआ मोइत्रा को सर्किट हाउस से बाहर निकालने की कोशिश कर रहा था। दूसरी तरफ वहां के बाहर आरएसएस और भाजपा समर्थक ‘जय श्री राम’ के नारे लगा रहे थे।
सलीम ने अपने साथ हुई एक पुरानी घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि रायगंज में एक सर्किट हाउस का कमरा ममता बनर्जी सरकार के दौरान पांच साल तक बंद रहा था। उस समय सलीम उस क्षेत्र के सांसद थे और उन्होंने वहां ठहरने के लिए उस कमरे का इस्तेमाल किया था। उन्होंने कहा कि पार्टी अलग होने के बावजूद ऐसे मामलों में खड़ा होना जरूरी है।
यह भी पढ़ें: बंगाल में बवाल: तिरंगा फहराने पहुंचीं TMC की युवा नेत्री पर अचानक बरसने लगे अंडे, BJP-ABVP पर लगाए गंभीर आरोप
महुआ मोइत्रा ने ओम बिरला से की हस्तक्षेप की मांग
कृष्णानगर की सांसद महुआ मोइत्रा ने इस मामले में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा है। उन्होंने उनसे हस्तक्षेप करने की मांग की है। महुआ ने मामले को लेकर अदालत जाने की चेतावनी भी दी है। उनका कहना है कि शुक्रवार रात सर्किट हाउस के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हुए थे। वहां ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए गए। महुआ के मुताबिक, उन्होंने सर्किट हाउस खाली करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद यह विवाद सामने आया।
क्या है पूरा मामला?
कृष्णानगर से टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा सर्किट हाउस में ठहरी थीं। उनका आरोप है कि जिला प्रशासन ने रात में उन्हें कमरा खाली करने को कहा। महुआ ने कमरा खाली करने से इनकार कर दिया। इसके बाद सर्किट हाउस के बाहर भीड़ जमा हुई और ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए गए। महुआ ने इसे परेशान करने की कोशिश बताया और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से शिकायत की। मामले में अब माकपा ने भी महुआ का समर्थन किया है और संसद में विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने की बात कही है।