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Khabaron Ke Khiladi: विलय की चर्चा के बीच सुनेत्रा के डिप्टी सीएम बनने की बात क्यों आई? विश्लेषकों से जानें

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Sat, 31 Jan 2026 05:07 PM IST
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सार

अजित पवार का विमान हादसे में नधन होने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में तनाव की स्थिति बनी हुई है। अजित पवार की जगह कौन लेना अब इस पर लगातार चर्चा हो रही है। 

Khabaron Ke Khiladi why did the discussion about Sunetra becoming Deputy CM arise
खबरों के खिलाड़ी में चर्चा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र की सियासत में हलचल जारी है। एनसीपी के दोनों धड़ों के विलय से लेकर महाराष्ट्र सरकार में सुनेत्रा पवार के शामिल होने की बात जारी है। दोनों धड़ों के विलय के पीछे की क्या सियासत है? विलय से पहले सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम बनाने का दांव क्यों चला गया? इस हफ्ते खबरों के खिलाड़ी में इसी पर चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार रामकृपाल सिंह, विनोद अग्निहोत्री, पूर्णिमा त्रिपाठी, समीर चौगांवकर और राकेश शुक्ल मौजूद रहे। 

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समीर चौगांवकर: दोनों धड़ों के बीच विलय की तैयारी हो गई थी। सुनेत्रा पवार जो शपथ लेने जा रही हैं, उसकी जानकारी शरद पवार को नहीं है। इससे लगता है कि अब इस विलय को कुछ दिनों के लिए टाल दिया गया है। ये भी तय था कि सुनेत्रा पवार राज्य की राजनीति में लौटेंगी। वित्त मंत्रालय सुनेत्रा पवार को मिलता है या नहीं ये देखना होगा। संभावना ये है कि सुनेत्रा पवार अजित पवार की सीट से चुनाव लड़ेंगी और उनके बेटे पार्थ राज्यसभा जाएंगे। पार्टी में जो टूट की संभावना नजर आ रही उसे सुनेत्रा पवार कैसे रोक पाएंगी। ये देखना होगा। ये जरूर तय है कि एसीपी महायुति के साथ बनी रहेगी। 

राकेश शुक्ल: 90 के दशक में कांग्रेस इसी तरह के संटक से गुजर चुकी है। आज एनसीपी भी उसी से गुजर रही है। एनसीपी को बचाना इसलिए जरूरी है क्योंकि महाराष्ट्र का मराठा समुदाय नेतृत्व विहीन हो गया है। इसलिए सुनेत्रा पवार को आगे किया गया। पार्टी का अध्यक्ष कोई भी हो सकता है, लेकिन कमान सुनेत्रा पवार के हाथ में रहेगी। कोशिश ये भी हो रही है कि मराठा वोटर एकनाथ शिंदे की तरफ न शिफ्ट हो जाए। 

पूर्णिमा त्रिपाठी: मुझे लगता है कि इसमें भाजपा की अपनी राजनीति है और देवेंद्र फडणवीस की इसमें बड़ी भूमिका है। निधन के साथ ही ये बात हो रही थी कि अजित पवार चाहते थे कि दोनों धड़े एक साथ आ जाएं। अगर ऐसा होता तो शरद पवार एक बार फिर मजबूत भूमिका में आ जाते। शायद इसलिए आनन-फानन में सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम बनाया जा रहा है, जिससे दोनों धड़े जल्दी साथ न आएं और शरद पवार फिर से मजबूत नहीं हों। 

रामकृपाल सिंह: कोई भी किसी व्यक्तित्व का समरूप तो हो सकता है लेकिन अनुरूप नहीं हो सकता है। ये बहुत दुखद रहा। अजित पवार में एक विशेषता थी कि वो जिस क्षेत्र से आते थे वहां बहुत काम किया था। 2024 के चुनाव से पहले शरद पवार ने एक बात कही थी कि क्षेत्रीय पार्टियों का विलय होगा। जो चुनावों के परिणाम आ रहे हैं, उनसे पता चलता है कि महाराष्ट्र की सियासत किस ओर जा रही है।

विनोद अग्निहोत्री: एनसीपी के दोनों धड़ों का विलय होना तय है। अब कोई विचार की राजनीति नहीं हो रही है। अब बाजार की राजनीति हो रही है। अहम बात ये है कि महाराष्ट्र की मराठा राजनीति का क्या होगा। अब माराठा राजनीति तीन चार हिस्सों में बंटी हुई है। एक एकनाथ शिंदे के साथ, दूसरा शरद पवार के साथ, तीसरा महाराष्ट्र भाजपा के अंदर भी कुछ नेता हैं और चौथा उद्धव ठाकरे भी हैं। बड़ा सवाल ये भी है कि विपक्ष की जो जगह है उसे कौन भरेगा। अभी सब भविष्य के गर्भ में है।

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