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Karnataka: विश्व आर्थिक मंच में कर्नाटक ने 46 कंपनियों से की द्विपक्षीय बातचीत, नहीं हुआ कोई समझौता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 31 Jan 2026 04:49 PM IST
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सार
Karnataka: कर्नाटक के मंत्री एमबी पाटिल ने दावा किया कि दावोस में डब्ल्यूईएफ के दौरान 46 वैश्विक और भारतीय कंपनियों व निवेशकों के साथ द्विपक्षीय बैठकें हुईं। हालांकि वहां किसी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं हुआ। इन बैठकों से एयरोस्पेस, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, विनिर्माण, डाटा केंद्र जैसे क्षेत्रों में कर्नाटक के लिए मजबूत निवेश पाइपलाइन तैयार हुई। पढ़ें रिपोर्ट-
विश्व आर्थिक मंच
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
कर्नाटक के मंत्री एमबी पाटिल ने शनिवार को कहा कि दावोस में हुए विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के दौरान उन्होंने वैश्विक और भारतीय कंपनियों, निवेशकों और विभिन्न देशों के नेतृत्व के साथ 46 द्विपक्षीय बैठकें कीं।
किन क्षेत्रों की कंपनियों के साथ की बैठकें?
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कर्नाटक में निवेश के लिए तैयार हुई मजबूत पाइपलाइन: एमबी पाटिल
पाटिल ने कहा कि इन बैठकों से कर्नाटक के लिए एक मजबूत निवेश पाइपलाइन तैयार हुई है। उन्होंने कहा, दावाओ से कर्नाटक के लिए विमानन और लॉजिस्टिक्स, पेय पदार्थ और खाद्य प्रसंस्करण, स्वच्छ उर्जा, उन्नत विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग), अंतरिक्ष तकनीक, डाटा केंद्र, जीसीसी और अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्रों में निवेश और साझेदारी की एक भरोसेमंद पाइपलाइन बनी है।
सरकार के स्तर पर भी हुई चर्चा
मंत्री के मुताबिक, इस यात्रा के दौरान सरकार के स्तर पर भी बातचीत हुई। उन्होंने कहा, हमने लिकटेंस्टीन और सिंगापुर के साथ सरकार के स्तर पर चर्चाएं कीं, ताकि सहयोग को मजबूत किया जा सके और संयुक्त रूप से कर्नाटक में निवेश आकर्षित किया जा सके।
दिग्गज हस्तियों के साथ भी बैठकें की
उन्होंने कहा, हमने आईएमएफ की गीता गोपीनाथ और उद्यमी निखिल कामत जैसे लोगों से मुलाकात की और वैश्विक आर्थिक रुझानों, उद्यमिता और वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की बदलती भूमिका पर विचार साझा किए।
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डब्ल्यूईएफ के नेतृत्व के साथ बैठकों का जिक्र करते हुए पाटिल ने कहा, हमने अपलिंक के प्रमुख जॉन डटन और डब्ल्यूईएफ में अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं निवेश के प्रमुख सीन डोहर्टी से मुलाकात की, ताकि डब्ल्यूईएफ के मंचों के साथ कर्नाटक की रणनीतिक भागीदारी को और मजबूत किया जा सके और नवाचार, व्यापार व स्थिरता के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जा सके। मंत्री ने बताया कि दावोस में हुई चर्चाओं का फोकस निवेश को आसान बनाने वाले व्यावहारिक उपायों पर था।
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किन क्षेत्रों की कंपनियों के साथ की बैठकें?
- मंत्री एमबी पाटिल ने बंगलूरू में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।
- इस दौरान पाटिल ने बताया कि उन्होंने डब्ल्यूईएफ में वैश्विक और भारतीय कंपनियों, निवेशकों, शिक्षण संस्थानों और विभिन्न देशों के नेताओं के साथ कुल 46 द्विपक्षीय बैठकें कीं।
- उन्होंने बताया कि इनमें 26 अंतरराष्ट्रीय कंपनियां और 15 से अधिक भारतीय कंपनियां शामिल थीं।
- ये बैठकें एयरोस्पेस और रक्षा, विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, जीवन विज्ञान, डाटा केंद्र, डिजिटल बुनियादी ढांचा और स्वच्छ उर्जा जैसे क्षेत्रों से जुड़ी थीं।
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कर्नाटक में निवेश के लिए तैयार हुई मजबूत पाइपलाइन: एमबी पाटिल
पाटिल ने कहा कि इन बैठकों से कर्नाटक के लिए एक मजबूत निवेश पाइपलाइन तैयार हुई है। उन्होंने कहा, दावाओ से कर्नाटक के लिए विमानन और लॉजिस्टिक्स, पेय पदार्थ और खाद्य प्रसंस्करण, स्वच्छ उर्जा, उन्नत विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग), अंतरिक्ष तकनीक, डाटा केंद्र, जीसीसी और अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्रों में निवेश और साझेदारी की एक भरोसेमंद पाइपलाइन बनी है।
सरकार के स्तर पर भी हुई चर्चा
मंत्री के मुताबिक, इस यात्रा के दौरान सरकार के स्तर पर भी बातचीत हुई। उन्होंने कहा, हमने लिकटेंस्टीन और सिंगापुर के साथ सरकार के स्तर पर चर्चाएं कीं, ताकि सहयोग को मजबूत किया जा सके और संयुक्त रूप से कर्नाटक में निवेश आकर्षित किया जा सके।
दिग्गज हस्तियों के साथ भी बैठकें की
उन्होंने कहा, हमने आईएमएफ की गीता गोपीनाथ और उद्यमी निखिल कामत जैसे लोगों से मुलाकात की और वैश्विक आर्थिक रुझानों, उद्यमिता और वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की बदलती भूमिका पर विचार साझा किए।
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डब्ल्यूईएफ के नेतृत्व के साथ बैठकों का जिक्र करते हुए पाटिल ने कहा, हमने अपलिंक के प्रमुख जॉन डटन और डब्ल्यूईएफ में अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं निवेश के प्रमुख सीन डोहर्टी से मुलाकात की, ताकि डब्ल्यूईएफ के मंचों के साथ कर्नाटक की रणनीतिक भागीदारी को और मजबूत किया जा सके और नवाचार, व्यापार व स्थिरता के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जा सके। मंत्री ने बताया कि दावोस में हुई चर्चाओं का फोकस निवेश को आसान बनाने वाले व्यावहारिक उपायों पर था।
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