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'अपने रुख से पीछे नहीं हटेगा विपक्ष': तीन मांगों पर खरगे ने सरकार को घेरा; प्रियंका गांधी क्या बोलीं?
Tue, 11 Aug 2026 02:49 PM IST
निर्मल कांत
एएनआई, नई दिल्ली।
एएनआई, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 11 Aug 2026 02:49 PM IST
सार
संसद में गतिरोध के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विपक्ष छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई, राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी और सरकार की माफी की मांग से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों का समाधान होने तक विपक्ष इन्हें उठाता रहेगा। पढ़िए रिपोर्ट-
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मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस अध्यक्ष
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई
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विस्तार
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को कहा कि विपक्ष अपने रुख से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने तीन प्रमुख मुद्दे गिनाए। इनमें 20 जुलाई को छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई, राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी का मामला और इन मुद्दों पर सरकार से माफी की मांग शामिल है।
उन्होंने कहा कि जब तक इन मुद्दों का समाधान नहीं होता, तब तक विपक्ष इन्हें उठाता रहेगा। खरगे ने सरकार पर संसद में बयान देने से बचने का आरोप लगाया। मीडिया से बातचीत में खरगे ने कहा, हम अपना रुख नहीं बदल रहे हैं। शुरुआत से ही हमारा रुख एक जैसा रहा है और हमारे तीन स्पष्ट मुद्दे हैं।
छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर क्या कहा?
छात्रों पर हुई कथित ज्यादती को लेकर उन्होंने कहा, पहला मुद्दा छात्रों पर लाठीचार्ज और गोलीबारी का है। हम जानना चाहते हैं कि आदेश किसने दिया और यह कैसे हुआ। हम इस पर सदन में बयान चाहते हैं।
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खरगे ने आगे कहा, लाठीचार्ज के कारण कई छात्र बीमार पड़ गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। 100 से ज्यादा छात्र घायल हुए। कई छात्रों को पैलेट गन से चोट लगी। हम इस मामले पर भी बयान चाहते हैं। 18 दिन हो चुके हैं और बयान देने की उनकी कोई इच्छा नहीं है। वे सिर्फ जल्दी से एक टिप्पणी करके आगे बढ़ना चाहते हैं। उनका इरादा यही है।
तीन मांगों पर अड़ा विपक्ष
अन्य मांगों को गिनाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, दूसरा मुद्दा 'चढ़ावा चोरी' का है और तीसरा सरकार से माफी की मांग है। ये तीनों मुद्दे शुरुआत से हैं। ये अभी भी अहम हैं और जब तक इनका समाधान नहीं होता, तब तक बने रहेंगे।
झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन और इंडिया ब्लॉक के भीतर दोहरे मापदंड के आरोपों पर खरगे ने कहा, यह अलग मुद्दा है। अगर सैकड़ों मुद्दे हैं, तो क्या उन सभी पर एक साथ चर्चा होगी? क्या हम हर एक मुद्दा उसी दिन उठाएंगे?
एनडीए सांसदों के प्रदर्शन के बीच क्या बोलीं प्रियंका गांधी?
वहीं, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मुलाकात की है। संसद में छात्र आंदोलन को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव जारी है। प्रियंका गांधी ने ये बातें एनडीए सांसदों के विरोध प्रदर्शन के बीच संसद पहुंचने के बाद कहीं। एनडीए सांसदों ने विपक्ष पर सदन में चर्चा से भागने का आरोप लगाया।
ये भी पढ़ें: मंगल मिलन: PM मोदी ने NDA सांसदों के साथ लहराया तिरंगा; संसद परिसर में झारखंड मुद्दे पर सत्ता पक्ष का प्रदर्शन
प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, राहुल गांधी ने झारखंड के छात्रों से मुलाकात की है। उन्होंने संसद परिसर में सत्तारूढ़ दल के सांसदों के विरोध प्रदर्शन पर भी निशाना साधा। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में आकर बयान देने की मांग की।
प्रियंका गांधी ने कहा, मैंने पहली बार देखा है कि सत्तारूढ़ दल के सांसद विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कम से कम हमने उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर तो किया है। अब उन्हें यानी अमित शाह को आकर बयान देना चाहिए।
इस बीच, एनडीए सांसदों का विपक्ष के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल संसद में चर्चा से बच रहे हैं। इन जवाबी प्रदर्शनों से जारी मानसून सत्र को लेकर राजनीतिक तनाव और बढ़ गया।
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उन्होंने कहा कि जब तक इन मुद्दों का समाधान नहीं होता, तब तक विपक्ष इन्हें उठाता रहेगा। खरगे ने सरकार पर संसद में बयान देने से बचने का आरोप लगाया। मीडिया से बातचीत में खरगे ने कहा, हम अपना रुख नहीं बदल रहे हैं। शुरुआत से ही हमारा रुख एक जैसा रहा है और हमारे तीन स्पष्ट मुद्दे हैं।
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छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर क्या कहा?
छात्रों पर हुई कथित ज्यादती को लेकर उन्होंने कहा, पहला मुद्दा छात्रों पर लाठीचार्ज और गोलीबारी का है। हम जानना चाहते हैं कि आदेश किसने दिया और यह कैसे हुआ। हम इस पर सदन में बयान चाहते हैं।
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खरगे ने आगे कहा, लाठीचार्ज के कारण कई छात्र बीमार पड़ गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। 100 से ज्यादा छात्र घायल हुए। कई छात्रों को पैलेट गन से चोट लगी। हम इस मामले पर भी बयान चाहते हैं। 18 दिन हो चुके हैं और बयान देने की उनकी कोई इच्छा नहीं है। वे सिर्फ जल्दी से एक टिप्पणी करके आगे बढ़ना चाहते हैं। उनका इरादा यही है।
तीन मांगों पर अड़ा विपक्ष
अन्य मांगों को गिनाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, दूसरा मुद्दा 'चढ़ावा चोरी' का है और तीसरा सरकार से माफी की मांग है। ये तीनों मुद्दे शुरुआत से हैं। ये अभी भी अहम हैं और जब तक इनका समाधान नहीं होता, तब तक बने रहेंगे।
झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन और इंडिया ब्लॉक के भीतर दोहरे मापदंड के आरोपों पर खरगे ने कहा, यह अलग मुद्दा है। अगर सैकड़ों मुद्दे हैं, तो क्या उन सभी पर एक साथ चर्चा होगी? क्या हम हर एक मुद्दा उसी दिन उठाएंगे?
एनडीए सांसदों के प्रदर्शन के बीच क्या बोलीं प्रियंका गांधी?
वहीं, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मुलाकात की है। संसद में छात्र आंदोलन को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव जारी है। प्रियंका गांधी ने ये बातें एनडीए सांसदों के विरोध प्रदर्शन के बीच संसद पहुंचने के बाद कहीं। एनडीए सांसदों ने विपक्ष पर सदन में चर्चा से भागने का आरोप लगाया।
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प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, राहुल गांधी ने झारखंड के छात्रों से मुलाकात की है। उन्होंने संसद परिसर में सत्तारूढ़ दल के सांसदों के विरोध प्रदर्शन पर भी निशाना साधा। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में आकर बयान देने की मांग की।
प्रियंका गांधी ने कहा, मैंने पहली बार देखा है कि सत्तारूढ़ दल के सांसद विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कम से कम हमने उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर तो किया है। अब उन्हें यानी अमित शाह को आकर बयान देना चाहिए।
इस बीच, एनडीए सांसदों का विपक्ष के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल संसद में चर्चा से बच रहे हैं। इन जवाबी प्रदर्शनों से जारी मानसून सत्र को लेकर राजनीतिक तनाव और बढ़ गया।