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कर्नाटक में नए मंत्रियों को कब मिलेंगे विभाग?: कांग्रेस हाईकमान जल्द लेगा फैसला, बैठक के बाद लगेगी अंतिम मुहर
Tue, 11 Aug 2026 03:07 PM IST
निर्मल कांत
एएनआई, नई दिल्ली।
एएनआई, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 11 Aug 2026 03:07 PM IST
सार
कर्नाटक में नए मंत्रियों के लिए विभागों के बंटवारे पर कांग्रेस हाईकमान जल्द अंतिम फैसला ले सकता है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने प्रस्तावित सूची सौंप दी है और मानसून सत्र से पहले विभाग आवंटित करने का दबाव है। पढ़िए रिपोर्ट-
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डीके शिवकुमार, मुख्यमंत्री, कर्नाटक
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
कर्नाटक सरकार कैबिनेट में शामिल नए मंत्रियों के नाम पर अंतिम मुहर लगाने के लिए चर्चा करने जा रही है। वरिष्ठ नेताओं ने मंगलवार को बताया कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की ओर से चर्चा संपन्न होने के बाद विभागों का आवंटन हो जाएगा।
अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की ओर से मंत्रिमंडल के आवंटन को लेकर बैठक होने जा रही है। इस बैठक में मुख्य रूप से अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल और कर्नाटक प्रभारी एआईसीसी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को मंत्रियों की अंतिम सूची सौंपे जाने से पहले उसे कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की ओर से मंजूरी प्रदान की जाएगी।
सूत्रों ने बताया कि सीएम शिवकुमार ने प्रस्तावित विभागों की सूची वेणुगोपाल को सौंप दी है और उम्मीद है कि कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व की ओर से इस पर जल्द ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। कर्नाटक विधानसभा में मानसून सत्र की शुरुआत 13 अगस्त को होगी। ऐसी स्थिति में सरकार पर यह दबाव बढ़ गया है कि वो मानसून सत्र शुरू होने से पहले ही इस संबंध में फैसला ले।
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मंत्री शिवराज तंगदागी ने कोप्पल में पत्रकारों से बातचीत में मंगलवार को कहा कि मंगलवार शाम तक विभागों के आवंटन का काम पूरा हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस बात की प्रबल संभावना है कि शाम तक विभागों का आवंटन हो जाएगा। मुझे जिस किसी भी विभाग की जिम्मेदारी दी जाएगी, उसका मैं निर्वहन करूंगा और उस दिशा में काम करूंगा। ऐसी स्थिति में इस संबंध में दिगभ्रमित होने या दुविधा में पड़ने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता।
तंगदगी ने कहा कि बीएस येदियुरप्पा के शासनकाल में भी विभागों के आवंटन में विलंब हुआ था। ऐसी स्थिति में उन्हें मौजूदा सरकार से मांग की है कि विभागों के आवंटन में विलंब नहीं हो।
विभागों के आवंटन पर मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने क्या कहा?
इस बीच, जल संसाधन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने कोलार में कहा कि विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले विभागों के आवंटन का काम पूरा हो जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पार्टी में कुछ असंतुष्टि जरूरी भी है। 13अगस्त से मानसून सत्र की शुरुआत होने जा रही है। ऐसी स्थिति में सत्र शुरू होने से पहले ही विभागों के आवंटन का काम पूरा हो जाएगा। रेड्डी ने कहा, पार्टी में काफी हद तक असंतुष्टि बरकरार रहेगी। ऐसा मुमकिन नहीं है कि हर जगह समझ और शांति की स्थिति बनी रहे।
मानसून सत्र से पहले होगा विभागों का आवंटन?
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सोमवार को कहा कि मानसून सत्र से पहले ही विभागों के आवंटन का काम पूरा हो जाएगा। हालांकि, कैबिनेट के संबंध में व्यापक चर्चा सत्र समाप्त होने के बाद भी जारी रहेगा।
विभागों के आवंटन को लेकर विलंब के पीछे की एक वजह यह भी है कि अब उप मुख्यमंत्री के पद का सृजन हुआ है। पीडब्ल्यूडी मंत्री सतीश जारकीहोली ने कहा कि इस विषय पर कई बार चर्चा हो चुकी है। लेकिन, अभी तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है।
जारकीहोली ने बेलगावी में कहा, उप मुख्यमंत्री के पद को लेकर चर्चा हो चुकी है। लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। पार्टी की ओर से इस संबंध में फैसला लिया जाएगा। हम इस पार्टी में अपने पार्टी प्लेटफॉर्म पर चर्चा करेंगे। इस संबंध में जो भी फैसला लिया जाएगा, हम उसे मानेंगे।
ये भी पढ़ें: 'अपने रुख से पीछे नहीं हटेगा विपक्ष': तीन मांगों पर खरगे ने सरकार को घेरा; प्रियंका गांधी क्या बोलीं?
मंत्री बालकृष्ण ने विपक्ष पर पलटवार किया
इस बीच, मंत्री एचसी बालकृष्ण ने बंगलूरू में विपक्ष पर पलटवार भी किया। उन्होंने कहा, भाजपा और जेडी (एस) कांग्रेस की आलोचना करने के लिए मौजूद हैं। यह दोनों ही दल हमारी तारीफ करने के लिए तो नहीं हैं। क्या होगा कि अगर सभी विभाग आवंटित नहीं होंगे? क्या हम सब कुछ खुद ही प्रबंध नहीं कर रहे हैं?
बालकृष्ण ने कहा कि वो अपने जिले में सभी विभागों के लिए प्रमुख रूप से जिम्मेदार हैं। ऐसी स्थिति में अगर उनके क्षेत्र में कुछ होता है, तो वो इसके जिम्मेदार होंगे।
अब शीर्ष नेतृत्व प्रस्तावित सूची की समीक्षा कर रहा है। विधानसभा सत्र के समाप्त होने में महज दो ही दिन शेष हैं। ऐसी स्थिति में कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व पर यह दबाव है कि वो इस अनिश्चितता पर विराम लगाए। साथ ही, नवनिर्वाचित मंत्रियों को उनके विभाग सौंपे।
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अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की ओर से मंत्रिमंडल के आवंटन को लेकर बैठक होने जा रही है। इस बैठक में मुख्य रूप से अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल और कर्नाटक प्रभारी एआईसीसी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला शामिल होंगे।
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मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को मंत्रियों की अंतिम सूची सौंपे जाने से पहले उसे कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की ओर से मंजूरी प्रदान की जाएगी।
सूत्रों ने बताया कि सीएम शिवकुमार ने प्रस्तावित विभागों की सूची वेणुगोपाल को सौंप दी है और उम्मीद है कि कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व की ओर से इस पर जल्द ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। कर्नाटक विधानसभा में मानसून सत्र की शुरुआत 13 अगस्त को होगी। ऐसी स्थिति में सरकार पर यह दबाव बढ़ गया है कि वो मानसून सत्र शुरू होने से पहले ही इस संबंध में फैसला ले।
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मंत्री शिवराज तंगदागी ने कोप्पल में पत्रकारों से बातचीत में मंगलवार को कहा कि मंगलवार शाम तक विभागों के आवंटन का काम पूरा हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस बात की प्रबल संभावना है कि शाम तक विभागों का आवंटन हो जाएगा। मुझे जिस किसी भी विभाग की जिम्मेदारी दी जाएगी, उसका मैं निर्वहन करूंगा और उस दिशा में काम करूंगा। ऐसी स्थिति में इस संबंध में दिगभ्रमित होने या दुविधा में पड़ने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता।
तंगदगी ने कहा कि बीएस येदियुरप्पा के शासनकाल में भी विभागों के आवंटन में विलंब हुआ था। ऐसी स्थिति में उन्हें मौजूदा सरकार से मांग की है कि विभागों के आवंटन में विलंब नहीं हो।
विभागों के आवंटन पर मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने क्या कहा?
इस बीच, जल संसाधन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने कोलार में कहा कि विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले विभागों के आवंटन का काम पूरा हो जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पार्टी में कुछ असंतुष्टि जरूरी भी है। 13अगस्त से मानसून सत्र की शुरुआत होने जा रही है। ऐसी स्थिति में सत्र शुरू होने से पहले ही विभागों के आवंटन का काम पूरा हो जाएगा। रेड्डी ने कहा, पार्टी में काफी हद तक असंतुष्टि बरकरार रहेगी। ऐसा मुमकिन नहीं है कि हर जगह समझ और शांति की स्थिति बनी रहे।
मानसून सत्र से पहले होगा विभागों का आवंटन?
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सोमवार को कहा कि मानसून सत्र से पहले ही विभागों के आवंटन का काम पूरा हो जाएगा। हालांकि, कैबिनेट के संबंध में व्यापक चर्चा सत्र समाप्त होने के बाद भी जारी रहेगा।
विभागों के आवंटन को लेकर विलंब के पीछे की एक वजह यह भी है कि अब उप मुख्यमंत्री के पद का सृजन हुआ है। पीडब्ल्यूडी मंत्री सतीश जारकीहोली ने कहा कि इस विषय पर कई बार चर्चा हो चुकी है। लेकिन, अभी तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है।
जारकीहोली ने बेलगावी में कहा, उप मुख्यमंत्री के पद को लेकर चर्चा हो चुकी है। लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। पार्टी की ओर से इस संबंध में फैसला लिया जाएगा। हम इस पार्टी में अपने पार्टी प्लेटफॉर्म पर चर्चा करेंगे। इस संबंध में जो भी फैसला लिया जाएगा, हम उसे मानेंगे।
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मंत्री बालकृष्ण ने विपक्ष पर पलटवार किया
इस बीच, मंत्री एचसी बालकृष्ण ने बंगलूरू में विपक्ष पर पलटवार भी किया। उन्होंने कहा, भाजपा और जेडी (एस) कांग्रेस की आलोचना करने के लिए मौजूद हैं। यह दोनों ही दल हमारी तारीफ करने के लिए तो नहीं हैं। क्या होगा कि अगर सभी विभाग आवंटित नहीं होंगे? क्या हम सब कुछ खुद ही प्रबंध नहीं कर रहे हैं?
बालकृष्ण ने कहा कि वो अपने जिले में सभी विभागों के लिए प्रमुख रूप से जिम्मेदार हैं। ऐसी स्थिति में अगर उनके क्षेत्र में कुछ होता है, तो वो इसके जिम्मेदार होंगे।
अब शीर्ष नेतृत्व प्रस्तावित सूची की समीक्षा कर रहा है। विधानसभा सत्र के समाप्त होने में महज दो ही दिन शेष हैं। ऐसी स्थिति में कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व पर यह दबाव है कि वो इस अनिश्चितता पर विराम लगाए। साथ ही, नवनिर्वाचित मंत्रियों को उनके विभाग सौंपे।