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क्या बदलेगा लाडकी बहिन योजना का नाम?: उपमुख्यमंत्री अजित पवार पर रखने की मांग, फडणवीस बोले- सरकार विचार करेगी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: हिमांशु चंदेल Updated Wed, 04 Feb 2026 03:45 PM IST
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सार

Ladki Bahin Yojana Scheme: महाराष्ट्र की लाडकी बहिन योजना का नाम दिवंगत अजित पवार के नाम पर रखने की मांग उठी है। एनसीपी नेता अमोल मिटकरी ने प्रस्ताव रखा, जिस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार इस पर विचार करेगी। यह योजना महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये देती है और चुनाव में अहम मानी गई थी।

Ladki Bahin Yojana scheme renamed as Deputy Chief Minister Ajit Pawar Demand Fadnavis says will consider
अजित पवार - फोटो : PTI
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विस्तार
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महाराष्ट्र की चर्चित लाडकी बहिन योजना का नाम बदलकर दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नाम पर रखने की मांग ने सियासी चर्चा तेज कर दी है। इस मांग पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि सरकार इस प्रस्ताव पर विचार करेगी। उन्होंने साफ किया कि इस तरह की कई मांगें आती हैं और सभी पहलुओं को देखकर फैसला लिया जाएगा।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जल्दबाजी में निर्णय नहीं लेगी। उन्होंने बताया कि योजना का नाम बदलने का प्रस्ताव सामने आया है और इस पर सहयोगी दलों के साथ बैठकर चर्चा की जाएगी। फडणवीस ने कहा कि किस तरह आगे बढ़ना है, इस पर सामूहिक रूप से विचार किया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार भावनाओं और प्रशासनिक पहलुओं दोनों को ध्यान में रखेगी।
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क्या है नाम बदलने की मांग?
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के एमएलसी अमोल मिटकरी ने मांग उठाई कि मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना का नाम अजित पवार के नाम पर किया जाए। उन्होंने कहा कि यह योजना अजित पवार के कार्यकाल में शुरू हुई थी, इसलिए उनके नाम से जोड़ना उचित श्रद्धांजलि होगी। यह मांग उनके निधन के बाद सार्वजनिक रूप से रखी गई।

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क्यों दिया जा रहा अजित पवार का हवाला?
अजित पवार का 28 जनवरी को पुणे जिले के बारामती के पास विमान हादसे में निधन हो गया था। इस हादसे में उनके साथ चार अन्य लोगों की भी मौत हुई थी। अमोल मिटकरी ने कहा कि अजित पवार महिलाओं के बीच बेहद लोकप्रिय थे। यात्राओं के दौरान उनकी कलाई राखियों से भरी रहती थी। इसी वजह से समर्थक उन्हें महिलाओं का प्रिय भाई बताते थे।

क्या बोले मिटकरी योजना के नाम पर?
मिटकरी ने कहा कि अगर राज्य सरकार इस योजना का नाम अजितदादांची लाडकी बहिन योजना रखती है तो यह उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उनके मुताबिक यह योजना सीधे तौर पर महिलाओं से जुड़ी है और अजित पवार ने इसे आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई थी। इसलिए योजना और उनके नाम का जुड़ना भावनात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण होगा।

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क्या है लाडकी बहिन योजना?
लाडकी बहिन योजना जुलाई 2024 में शुरू की गई थी, जब अजित पवार वित्त मंत्री थे। इस योजना के तहत 21 से 65 साल की पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में दी जाती है। माना जाता है कि इस योजना ने 2024 के विधानसभा चुनाव में भाजपा नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन की जीत में बड़ी भूमिका निभाई। महिलाओं तक सीधा लाभ पहुंचना इसका मुख्य आधार रहा।

एनसीपी युवा विंग की अस्थि कलश यात्रा शुरू
सत्तारूढ़ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की युवा इकाई ने दिवंगत महाराष्ट्र उपमुख्यमंत्री अजित पवार की स्मृति में चार दिन की देशव्यापी अस्थि कलश यात्रा शुरू की है। पार्टी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार यह यात्रा मुंबई और दिल्ली से शुरू होकर देश के कई प्रमुख धार्मिक स्थलों तक जाएगी। इसका उद्देश्य समर्थकों को श्रद्धांजलि देने का अवसर देना है।

पार्टी ने बताया कि यात्रा की शुरुआत दिल्ली स्थित एनसीपी मुख्यालय में प्रार्थना के साथ हुई। यह यात्रा 7 फरवरी तक चलेगी और इस दौरान 10 से अधिक राज्यों से होकर गुजरेगी। कार्यक्रम के तहत अजित पवार की अस्थियां देश की प्रमुख नदियों और तीर्थ स्थलों पर विसर्जित की जाएंगी।

अजित पवार और चार अन्य लोगों की 28 जनवरी को पुणे जिले के बारामती के पास विमान हादसे में मौत हो गई थी। अंतिम संस्कार के बाद बारामती स्थित आवास पर पारंपरिक विधि से अनुष्ठान किए गए। इसके बाद उनके पुत्र पार्थ पवार ने अस्थि कलश एनसीपी युवा विंग पदाधिकारियों को सौंपा।

यात्रा के दौरान हरिद्वार के हर की पौड़ी, प्रयागराज संगम, वाराणसी मणिकर्णिका घाट, पटना, झारखंड, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और कन्याकुमारी समेत कई स्थानों पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम होंगे। पार्टी ने कहा कि यात्रा में विकास, किसान कल्याण और सामाजिक न्याय से जुड़े उनके विचार भी लोगों तक पहुंचाए जाएंगे।


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