राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सात लोकसभा सीटों में से सबसे पुरानी 'नई दिल्ली लोकसभा' सीट है। सुप्रीम कोर्ट के साथ ही राष्ट्रपति भवन, संसद भवन और प्रधानमंत्री आवास इसी सीट के तहत आते हैं। इस सीट से वर्तमान सांसद भाजपा की मीनाक्षी लेखी हैं। वह साल 2014 के आम चुनाव में दिल्ली से जीत दर्ज करने वाली इकलौती महिला प्रत्याशी थीं। 2004 और 2009 में इस सीट पर कांग्रेस के अजय माकन ने जीत दर्ज की थी। यह सीट रिहाइशी और व्यस्त व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र है। सीलिंग के चलते व्यापारी वर्ग खासा नाराज है। सीलिंग अभियान सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चला था। इस सीट पर प्रमुख चुनावी मुद्दा भी सीलिंग ही है। इसके अलावा, पानी, स्वच्छता और प्रदूषण भी चुनावी मुद्दा है। इस सीट पर छठे चरण में 12 मई को मतदान है। दिल्ली में सीलिंग अभियान सबसे पहले साल 2006 में शुरू हुआ और इसका आखिरी चरण दिसंबर 2017 में चालू हुआ। चुनाव में सीलिंग का भी असर रहेगा। आइए इस सीट पर एक नजर डालते हैं...
{"_id":"5cd12c2abdec22070352a67c","slug":"lok-sabha-chunav-2019-know-everythings-about-new-delhi-constituency-aap-bjp-congress","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"नई दिल्ली सीट पर 'सीलिंग' सबसे अहम मुद्दा, भाजपा-'आप' और कांग्रेस से नाराज हैं व्यापारी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
नई दिल्ली सीट पर 'सीलिंग' सबसे अहम मुद्दा, भाजपा-'आप' और कांग्रेस से नाराज हैं व्यापारी
Tue, 07 May 2019 01:50 PM IST
ललित फुलारा
चुनाव डेस्क, अमर उजाला
चुनाव डेस्क, अमर उजाला
Published by: ललित फुलारा
Updated Tue, 07 May 2019 01:50 PM IST
विज्ञापन
नई दिल्ली लोकसभा सीट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोकसभा चुनाव 2019
- फोटो : PTI
विधानसभा सीटें
करोल बाग
पटेल नगर
मोती नगर
दिल्ली कैंट
राजेंद्र नगर
नई दिल्ली
कस्तूरबा नगर
मालवीय नगर
आर के पुरम
ग्रेटर कैलाश
करोल बाग
पटेल नगर
मोती नगर
दिल्ली कैंट
राजेंद्र नगर
नई दिल्ली
कस्तूरबा नगर
मालवीय नगर
आर के पुरम
ग्रेटर कैलाश
मतदान की सांकेतिक तस्वीर
मतदाताओं की संख्या
कुल मतदाता-16,15,994
पुरुष मतदाता- 8,95,079
महिला मतदाता- 7,20,891
ट्रांसजेंडर- 24
कुल मतदाता-16,15,994
पुरुष मतदाता- 8,95,079
महिला मतदाता- 7,20,891
ट्रांसजेंडर- 24
विज्ञापन
विज्ञापन
sealing protest
- फोटो : himanshu soni
नई दिल्ली में व्यापारी संगठन सीलिंग को रोकने के लिए अध्यादेश लाने की मांग कर रहे हैं। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल का कहना है कि सीलिंग अभियान से लाखों व्यापारियों पर बुरा असर पड़ा है। पेपर मर्चेंट्स एसोसिएशन, दिल्ली के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र गुप्ता ने कहा कि सीलिंग अभियान ने वाकई व्यापारियों की कमर तोड़ दी और वहां इसे लेकर नाराजगी है क्योंकि यह आजीविका का मुद्दा है।
विज्ञापन
ajay maken
सीलिंग कार्रवाई के केंद्र में भाजपा के शासन वाले नगर निगम के होने के कारण उसके लिए यहां की राह कठिन हो सकती है। भाजपा सबसे ज्यादा बार इस सीट पर विजयी रही है। हालांकि, भाजपा की मौजूदा सांसद मीनाक्षी लेखी इसे लेकर आश्वस्त है कि उनका ‘शानदार’ रिपोर्ट कार्ड लोकसभा में उनकी वापसी का मार्ग प्रशस्त करेगा। वह इस सीट से फिर से चुनाव लड़ रही हैं। सीलिंग के मुद्दे पर 52 वर्षीय वकील ने कहा कि कांग्रेस के उनके प्रतिद्वंद्वी अजय माकन जब केंद्रीय विकास मंत्री थे तो उन्होंने इस सिलसिले में जो लचर काम किया वह इस वर्तमान अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार है।