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'मोदी 2.0' कैबिनेट में मंत्री बने अमित शाह तो नड्डा या प्रधान हो सकते हैं भाजपा अध्यक्ष

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Nilesh Kumar Updated Tue, 28 May 2019 08:43 AM IST
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Lok Sabha Election: Amit Shah may be Minister, JP Nadda or dharmendra pradhan may be BJP President
PM Modi, Amit Shah - फोटो : PTI
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मोदी कैबिनेट में गुजरात के गृह मंत्री रह चुके अमित शाह भाजपा की इस शानदार जीत में एक बार फिर 'चाणक्य' के तौर पर उभरे हैं। विधानसभा चुनावों के दौरान उत्तर प्रदेश में शानदार जीत के बाद लोकसभा चुनाव में उन्होंने अपनी शानदार रणनीति और मेहनत का प्रदर्शन किया है। ऐसे में उन्हें केंद्रीय मंत्री बनाकर इनाम दिया जा सकता है। 

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गुरुवार को जब राष्ट्रपति भवन में नई सरकार का शपथ ग्रहण शुरू होगा, तब 'मोदी 2.0' कैबिनेट की तस्वीर साफ होगी। साथ ही इस पर से भी पर्दा उठ जाएगा कि अमित शाह को मोदी कैबिनेट में कौन सी जगह मिलती है। भाजपा की पारंपरिक सीट गुजरात के गांधीनगर से रिकॉर्ड जीत दर्ज करने वाले अमित शाह को अगर केंद्रीय मंत्री बनाया जाता है तो एक व्यक्ति, एक पद के सिद्धांत पर काम कर रही भाजपा में पार्टी अध्यक्ष की कुर्सी खाली हो जाएगी।
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ऐसे में भाजपा का अध्यक्ष कौन होगा, इसको लेकर भी सियासी चर्चा जोरों पर है। सियासी गलियारे में जो दो नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं, वह है केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और धर्मेंद्र प्रधान का। भाजपा की शानदार जीत के बाद भाजपा मुख्यालय में जीत के जश्न के दौरान पीएम मोदी और शाह के साथ राजनाथ सिंह तो थे ही, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा भी मंच साझा करते दिखे थे। 

अमित शाह का विकल्प तलाशना मुश्किल, लेकिन...

Lok Sabha Election: Amit Shah may be Minister, JP Nadda or dharmendra pradhan may be BJP President
अमित शाह-नरेंद्र मोदी - फोटो : (File)
पिछले साल के अंत में हुए विधानसभा चुनावों को छोड़ दें तो अध्यक्ष बनने के बाद उत्तर प्रदेश में करिश्माई परिणाम लाने और फिर देशभर में हुए नगर निगम, विधानसभा चुनावों से लेकर लोकसभा चुनावों तक में रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन में अमित शाह ने जादुई प्रभाव छोड़ा है। ऐसे में उनकी जगह बहुत मजबूत दावेदारी की जरुरत है। 

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता की मानें तो शाह ने सफलता के जो मानक तैयार किए हैं, किसी भी दूसरे नेता के लिए अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी चुनौती से कम नहीं होगी। पार्टी में इस बात की चर्चाएं जोरों पर हैं कि अमित शाह का कैबिनेट में रहना तय है, ताकि वह नरेंद्र मोदी के नजदीक रहें और सरकार की महत्वकांक्षी योजनाओं को बखूबी अमली जामा पहना सकें।

'धर्मेंद्र की प्रधानी' में उज्जवला तो 'नड्डा के नेतृत्व' में 'आयुष्मान भारत' का कमाल

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जेपी नड्डा (दाएं) और धर्मेंद्र प्रधान - फोटो : AmarUjala

धर्मेंद्र प्रधान मोदी सरकार में पेट्रोलियम मंत्री रह चुके हैं और उनके मंत्री रहते ही मोदी सरकार ने गांव-गांव की रसोई को धुंआमुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया और नि:शुल्क रसोई गैस कनेक्शन के लिए उज्जवला योजना लेकर आई। इस योजना से गरीब परिवारों को काफी लाभ मिला। 

वहीं, जेपी नड्डा मोदी के स्वास्थ्य मंत्री रहते मोदी सरकार ने देश में 'आयुष्मान भारत योजना' लागू की थी। यह विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना बताई जाती है। इस योजना से गरीब परिवारों का पांच लाख तक का इलाज नि:शुल्क होता है। भाजपा सरकार अपनी योजनाओं में इन दोनों ही योजनाओं को क्रांतिकारी बताती रही है। जेपी नड्डा का नाम उस वक्त भी चर्चा में आया था, जब अमित शाह को पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया था। ऐसे में चर्चाओं के मुताबिक उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। 

स्वास्थ्य कारणों से अरुण जेटली ने लिया ब्रेक तो...

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Arun jaitley - फोटो : (File)

पिछले पांच सालों में हर मोर्चे पर सफलता का दावा करने वाली मोदी सरकार आर्थिक मोर्चे पर न केवल विपक्ष के, बल्कि अर्थशास्त्रियों और आलोचकों के भी निशाने पर रही है। ऐसे में वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी और बढ़ेगी। अरुण जेटली एक समय 'योग्य' रहे हों, लेकिन पिछले लंबे समय से उनका स्वास्थ्य बहुत ठीक नहीं रहता है। पिछले दिनों जब जेटली का विदेश में इलाज चल रहा था, तो उनकी जगह पीयूष गोयल मंत्रालय का काम देख रहे थे और उन्होंने ही अंतरिम बजट पेश किया था। 

पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह लगभग तय है कि उन्हें मोदी कैबिनेट में शाह को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी ही सौंपी जाएगी। माना जा रहा है कि अगर अरुण जेटली स्वास्थ्य कारणों के चलते सरकार से ब्रेक लेना चाहेंगे, तो शाह को वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी भी सौंपी जा सकती है। हालांकि इससे पहले सियासी गलियारों में शाह को गृहमंत्री बनाए जाने की चर्चा हो रही थी, जबकि वित्त मंत्रालय के लिए गोयल के नाम की संभावना जताई जा रही थी। 

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