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लोकसभा में क्यों बिफरा विपक्ष?: अमित शाह ने एक-एक कर गिना दिए 12 विधेयक, कहा- राहुल जी ने हिस्सा ही नहीं लिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Pavan
Updated Wed, 11 Mar 2026 06:36 PM IST
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सार
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बुधवार को सदन में तीखी बहस हुई। चर्चा का जवाब देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मौजूद थे। जानिए, उन्होंने विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बारे में क्या कहा...
लोकसभा में राहुल गांधी पर बरसे गृह मंत्री अमित शाह
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर जमकर सवाल उठाए। उन्होंने राहुल गांधी की सदन में उपस्थिति से लेकर महत्वपूर्ण विधेयकों पर होने वाली चर्चा में उनके हिस्सा नहीं लेने पर टिप्पणियां कीं। उन्होंने एक-एक कर 12 ऐसे विधेयकों का जिक्र किया, जो महत्वपूर्ण थे, लेकिन उस पर हुई चर्चा में राहुल गांधी ने हिस्सा नहीं लिया। गृह मंत्री की टिप्पणियों के बाद हंगामा हुआ। विपक्ष के सांसदों ने तीखी नारेबाजी।
यह भी पढ़ें - लोकसभा: 'स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लोकतंत्र की नींव पर हमला', अमित शाह का विपक्ष पर वार; अहम बातें
'पूरे शीतकालीन सत्र में उपस्थित नहीं रहे राहुल'
अमित शाह ने कहा, ''विपक्ष के नेता राहुल गांधी अपने अधिकारों की बात करते हैं। वे तो आरोप भी लगाते हैं। जो स्वयं उनके हाथ में है, उसका मैं परफॉर्मेंस बताना चाहता हूं। 17वीं लोकसभा में उनकी उपस्थिति 51 प्रतिशत रही। राष्ट्रीय औसत 67 प्रतिशत था। 16वीं लोकसभा में उनकी उपस्थिति 52% और 15वीं लोकसभा में उपस्थिति 43% रही। यह सब ऑन रिकॉर्ड है। वो कहते हैं कि हमें बोलने नहीं देते, लेकिन मेरा कहना है कि वो बोलना नहीं चाहते। कई सारे महत्वपूर्ण-युगांतकारी विधेयक आए। जैसे- भूमि अधिग्रहण विधेयक- हिस्सा नहीं। संविधान का 122वां संशोधन विधेयक- हिस्सा नहीं। आधार प्रणाली विधेयक- हिस्सा नहीं। इसी तरह मुस्लिम महिला तलाक विधेयक, जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक, अनुच्छेद 370 रद्द करने से जुड़ा विधेयक, सीएए विधेयक, महामारी रोग संशोधन विधेयक, भारतीय न्याय संहिता से जुड़े विधेयक, आयकर सुधार विधेयक, वित्त विधेयक 2024 और वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा में उन्होंने हिस्सा नहीं लिया। इसी तरह पूरे शीतकालीन सत्र में उपस्थित नहीं रहे।''
शाह ने कहा- यह 'रहस्यप्रद' है...
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, 'वंदे मातरम के 150 वर्ष पर चर्चा हो या और कैप्टन शुभ्रांशु शुक्ला का अभिनंदन प्रस्ताव हो, राहुल गांधी ने इनमें हिस्सा नहीं लिया। राहुल गांधी जी विपक्ष के माननीय नेता हैं। वे कांग्रेस के भी बड़े नेता हैं। हो सकता है कि अपनी पार्टी के प्रचार के लिए उन्हें देशभर में कहीं भी जाना पड़ता हो। कई बार सार्वजनिक जीवन में देखा जाता है कि लोकसभा के वक्त ही पार्टी के बड़े कार्यक्रम आ जाते हैं या चुनाव आ जाते हैं। ऐसे में वरिष्ठ नेताओं को अपने पार्टी के विचार जनता को बताने और प्रचार करने के लिए जाना पड़ता है। यह स्वाभाविक है। सिर्फ राहुल जी के साथ ऐसा नहीं होता। अनेक नेताओं के साथ ऐसा होता है, लेकिन इसमें 'रहस्यप्रद' यह है कि (राहुल गांधी) यहां नहीं थे तो कहां थे?'
गृहमंत्री ने गिनवाईं राहुल गांधी विदेश यात्राएं
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, 'शीतकालीन सत्र 2025 में राहुल गांधी जर्मनी की यात्रा पर थे। बजट सत्र 2025 में वियतनाम की यात्रा पर थे। बजट सत्र 2023 में इंग्लैंड, बजट सत्र 2018 में सिंगापुर और मलेशिया की यात्रा पर थे। मानसून सत्र 2020 में विदेश यात्रा पर थे। बजट सत्र 2015 के दौरान 60 दिन विदेश यात्रा पर थे। क्या यह सब इत्तेफाक है कि जब-जब बजट सत्र या महत्वपूर्ण सत्र आता है तो इनकी विदेश यात्रा हो जाती है। फिर कहते हैं कि हमें बोलने नहीं देते।'
'संसद में किसी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बहस नहीं हो सकती है'
उन्होंने कहा कि ये लोग चाहते हैं कि उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस पर सदन में बहस हो, लेकिन ऐसा नहीं हो सकता क्योंकि पहले भी इनके परिवार में बड़े-बड़े नेता हुए हैं, लेकिन किसी की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर संसद में बहस नहीं हो सकती। अमित शाह ने राहुल गांधी को कांग्रेस पार्टी का बड़ा नेता बताते हुए कहा कि शीतकालीन सत्र के दौरान वो जर्मनी यात्रा पर थे। जब जब संसद सत्र चलता है, विदेश यात्रा लग जाती है और फिर कहते हैं कि बोलने नहीं देते। जो व्यक्ति विदेश में है, यहां कैसे बोलेगा। यहां वीडियो कॉन्फ्रेंस की सुविधा नहीं है।
यह भी पढ़ें - विपक्ष के आरोपों पर अमित शाह का पलटवार, बोले- गिरिराज सिंह का बंद किया गया माइक
राहुल गांधी पर अमित शाह ने साधा निशाना
उन्होंने कहा कि ये सदन पक्ष, प्रतिपक्ष, स्पीकर और राष्ट्रपति को मिलाकर बनता है। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि सदन में ऐसा कभी नहीं हुआ कि प्रधानमंत्री बैठे हैं और दौड़कर आकर गले लग जाना। सदन में कभी फ्लाइंग किस किया जाता है तो कभी आंख मटकाई जाती है और ये लोग अब स्पीकर के बर्ताव पर सवाल उठा रहे हैं।
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'पूरे शीतकालीन सत्र में उपस्थित नहीं रहे राहुल'
अमित शाह ने कहा, ''विपक्ष के नेता राहुल गांधी अपने अधिकारों की बात करते हैं। वे तो आरोप भी लगाते हैं। जो स्वयं उनके हाथ में है, उसका मैं परफॉर्मेंस बताना चाहता हूं। 17वीं लोकसभा में उनकी उपस्थिति 51 प्रतिशत रही। राष्ट्रीय औसत 67 प्रतिशत था। 16वीं लोकसभा में उनकी उपस्थिति 52% और 15वीं लोकसभा में उपस्थिति 43% रही। यह सब ऑन रिकॉर्ड है। वो कहते हैं कि हमें बोलने नहीं देते, लेकिन मेरा कहना है कि वो बोलना नहीं चाहते। कई सारे महत्वपूर्ण-युगांतकारी विधेयक आए। जैसे- भूमि अधिग्रहण विधेयक- हिस्सा नहीं। संविधान का 122वां संशोधन विधेयक- हिस्सा नहीं। आधार प्रणाली विधेयक- हिस्सा नहीं। इसी तरह मुस्लिम महिला तलाक विधेयक, जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक, अनुच्छेद 370 रद्द करने से जुड़ा विधेयक, सीएए विधेयक, महामारी रोग संशोधन विधेयक, भारतीय न्याय संहिता से जुड़े विधेयक, आयकर सुधार विधेयक, वित्त विधेयक 2024 और वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा में उन्होंने हिस्सा नहीं लिया। इसी तरह पूरे शीतकालीन सत्र में उपस्थित नहीं रहे।''
शाह ने कहा- यह 'रहस्यप्रद' है...
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, 'वंदे मातरम के 150 वर्ष पर चर्चा हो या और कैप्टन शुभ्रांशु शुक्ला का अभिनंदन प्रस्ताव हो, राहुल गांधी ने इनमें हिस्सा नहीं लिया। राहुल गांधी जी विपक्ष के माननीय नेता हैं। वे कांग्रेस के भी बड़े नेता हैं। हो सकता है कि अपनी पार्टी के प्रचार के लिए उन्हें देशभर में कहीं भी जाना पड़ता हो। कई बार सार्वजनिक जीवन में देखा जाता है कि लोकसभा के वक्त ही पार्टी के बड़े कार्यक्रम आ जाते हैं या चुनाव आ जाते हैं। ऐसे में वरिष्ठ नेताओं को अपने पार्टी के विचार जनता को बताने और प्रचार करने के लिए जाना पड़ता है। यह स्वाभाविक है। सिर्फ राहुल जी के साथ ऐसा नहीं होता। अनेक नेताओं के साथ ऐसा होता है, लेकिन इसमें 'रहस्यप्रद' यह है कि (राहुल गांधी) यहां नहीं थे तो कहां थे?'
गृहमंत्री ने गिनवाईं राहुल गांधी विदेश यात्राएं
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, 'शीतकालीन सत्र 2025 में राहुल गांधी जर्मनी की यात्रा पर थे। बजट सत्र 2025 में वियतनाम की यात्रा पर थे। बजट सत्र 2023 में इंग्लैंड, बजट सत्र 2018 में सिंगापुर और मलेशिया की यात्रा पर थे। मानसून सत्र 2020 में विदेश यात्रा पर थे। बजट सत्र 2015 के दौरान 60 दिन विदेश यात्रा पर थे। क्या यह सब इत्तेफाक है कि जब-जब बजट सत्र या महत्वपूर्ण सत्र आता है तो इनकी विदेश यात्रा हो जाती है। फिर कहते हैं कि हमें बोलने नहीं देते।'
'संसद में किसी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बहस नहीं हो सकती है'
उन्होंने कहा कि ये लोग चाहते हैं कि उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस पर सदन में बहस हो, लेकिन ऐसा नहीं हो सकता क्योंकि पहले भी इनके परिवार में बड़े-बड़े नेता हुए हैं, लेकिन किसी की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर संसद में बहस नहीं हो सकती। अमित शाह ने राहुल गांधी को कांग्रेस पार्टी का बड़ा नेता बताते हुए कहा कि शीतकालीन सत्र के दौरान वो जर्मनी यात्रा पर थे। जब जब संसद सत्र चलता है, विदेश यात्रा लग जाती है और फिर कहते हैं कि बोलने नहीं देते। जो व्यक्ति विदेश में है, यहां कैसे बोलेगा। यहां वीडियो कॉन्फ्रेंस की सुविधा नहीं है।
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राहुल गांधी पर अमित शाह ने साधा निशाना
उन्होंने कहा कि ये सदन पक्ष, प्रतिपक्ष, स्पीकर और राष्ट्रपति को मिलाकर बनता है। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि सदन में ऐसा कभी नहीं हुआ कि प्रधानमंत्री बैठे हैं और दौड़कर आकर गले लग जाना। सदन में कभी फ्लाइंग किस किया जाता है तो कभी आंख मटकाई जाती है और ये लोग अब स्पीकर के बर्ताव पर सवाल उठा रहे हैं।
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