{"_id":"69b15e67967a60c7830146f6","slug":"vhp-will-demand-a-definition-of-the-term-minority-and-will-raise-this-issue-with-mps-2026-03-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"VHP: अल्पसंख्यक शब्द की परिभाषा तय करने की मांग करेगी विहिप, सांसदों से मिलकर उठाएगी ये मुद्दा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
VHP: अल्पसंख्यक शब्द की परिभाषा तय करने की मांग करेगी विहिप, सांसदों से मिलकर उठाएगी ये मुद्दा
डिजिटल ब्यूरो ,अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Asmita Tripathi
Updated Wed, 11 Mar 2026 05:52 PM IST
विज्ञापन
सार
विश्व हिंदू परिषद अल्पसंख्यक शब्द की परिभाषा तय करने की मांग करेगी। वह देश के विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों से मिलकर यह मुद्दा संसद के पटल पर उठाने और इससे संबंधित कानून पास कराने की मांग करेगी।
विश्व हिंदू परिषद
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
विश्व हिंदू परिषद (VHP) अल्पसंख्यक शब्द की परिभाषा तय करने की मांग करेगी। वह देश के विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों से मिलकर यह मुद्दा संसद के पटल पर उठाने और इससे संबंधित कानून पास कराने की मांग करेगी। इसके लिए विहिप का एक प्रतिनिधि मंडल 9 मार्च से 27 मार्च के बीच विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों से मुलाकात करेगा।
Trending Videos
विहिप नेता बजरंग लाल बागड़ा ने बुधवार को कहा कि अल्पसंख्यक शब्द की परिभाषा तय न होने से समाज में विपरीत परिस्थिति पैदा हो रही है। किसी राज्य या स्थान विशेष में एक समुदाय की आबादी बहुत अधिक होने के बाद भी वे अल्पसंख्यक माने जाते हैं और सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाते हैं, जबकि उसी स्थान पर जनसंख्या में बहुत कम होने के बाद भी हिंदू समुदाय के लोगों को इसका लाभ नहीं मिलता।
विज्ञापन
विज्ञापन
कई राज्यों और जिलों में हिंदुओं की आबादी बहुत कम है, लेकिन वे अपने बच्चों के लिए दूसरे वर्गों की तरह स्कूल-कॉलेज में शिक्षा देने में वह लाभ नहीं ले पाते जो दूसरे अल्पसंख्यक वर्ग ले रहे हैं। वहीं, कुछ समुदाय कुछ राज्यों में भारी आबादी होने के बाद भी अल्पसंख्यक होने का लाभ ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक शब्द की परिभाषा तय होने से यह विसंगति दूर हो सकेगी। विहिप नेता सांसदों से मिलकर जनसंख्या नियंत्रण कानून लाने की मांग भी करेंगे। इसमें अलग-अलग समुदायों की जनसंख्या में पैदा हो रहे असंतुलन का मुद्दा भी उठाया जाएगा जिससे सभी समुदाय का विकास संतुलित दर से हो।
देश का पर्यटन विभाग सभी क्षेत्रों में पर्यटन के विकास की संभावनाएं तलाशता है, लेकिन इसमें धार्मिक स्थलों के पर्यटन से जुड़े विषय शामिल नहीं होते। विहिप का कहना है कि विभिन्न धर्मों के धार्मिक स्थलों को विकसित करने और इन स्थलों के पर्यटन को बढ़ावा देना चाहिए। इससे राज्यों की आय बढ़ेगी। लेकिन अब तक यह सरकारों की प्राथमिकता में शामिल नहीं है।
कमेंट
कमेंट X