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लद्दाख में झड़प के बाद पूर्वी कमान में कोई घुसपैठ या टकराव की घटना नहीं हुई
Thu, 17 Dec 2020 03:20 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, कोलकाता।
एजेंसी, कोलकाता।
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 17 Dec 2020 03:20 AM IST
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पूर्वी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान
- फोटो : ANI
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सेना की पूर्वी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान ने बुधवार को कहा, लद्दाख में एलएसी पर भारतीय सैनिकों और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प के बाद से पूर्वी कमान क्षेत्र में कोई घुसपैठ या टकराव की घटना नहीं हुई है।
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गलवां घाटी में हुई झड़प के बाद से दोनों देशों के बीच भरोसा खत्म हो गया है और चीजों को सामान्य व स्थिर होने में वक्त लगेगा। भारतीय सेना और चीनी सेना ने लद्दाख संकट के दौरान एहतियातन एलएसी पर बलों की तैनाती की थी, जिसमें सर्दियां शुरू होने के लगातार कमी आ रही है।
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चौहान ने बुधवार को विजय दिवस के मौके पर कहा, भारतीय सेना सर्दियों में किसी भी चुनौती से निपटने को तैयार है। चीनी सेना अरुणाचल प्रदेश के केमांग व सिक्किम सीमा पर तेजी से सड़कें व ट्रैक निर्माण कर रहा है। चीनी सैनिक सीमा पर कुछ गांवों को विकसित करने में जुटे हैं। हम भी इसके मुताबिक तैयारी कर रहे हैं और किसी भी चुनौती के लिए तैयार हैं।
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सितंबर में चीनी सैनिकों द्वारा अरुणाचल प्रदेश के पांच युवकों के अपहरण पर चौहान ने कहा, पाकिस्तान के साथ एलओसी की तुलना में एलएसी पर तैनाती काफी अलग है। कई इलाके ऐसे हैं जहां एक भी सैनिक तैनात नहीं है, लेकिन वहां लगातार पेट्रोलिंग होती है।
मैकमोहन रेखा गलत सर्वे पर आधारित है और इसलिए कई जगहों पर विवाद है। लिहाजा कई बार नागरिक अनजाने में सीमा पार कर दूसरी तरफ चले जाते हैं। हालांकि पांच युवकों के मामले में वे सभी भारतीय सीमा में थे, जब उन्हें चीनी सैनिकों ने पकड़ा था।