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महादेव ऐप घोटाले में CBI की नई चार्जशीट: 66 आरोपियों पर कसा शिकंजा, क्या अब खुलेंगे प्रोटेक्शन मनी के राज?
Thu, 09 Jul 2026 05:41 PM IST
राकेश कुमार
एएनआई, नई दिल्ली।
एएनआई, नई दिल्ली।
Published by: राकेश कुमार
Updated Thu, 09 Jul 2026 05:41 PM IST
सार
सीबीआई ने महादेव ऐप घोटाले में 72 से अधिक आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट और पुख्ता सबूत दाखिल कर सट्टेबाजी सिंडिकेट की कमर तोड़ दी है। विदेश से चल रहे इस रैकेट के राजनीतिक और प्रशासनिक संपर्कों को खंगालने के लिए जांच अभी भी जारी है, जिससे आने वाले दिनों में कई बड़े चेहरों पर गाज गिर सकती है।
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सीबीआई की बड़ी कार्रवाई
- फोटो : @ANI/अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
देश के चर्चित महादेव ऐप सट्टेबाजी मामले में सीबीआई ने जांच को और तेज कर दिया है। एजेंसी ने दो अलग-अलग मामलों में कई आरोपियों के खिलाफ नई चार्जशीट दाखिल की है। एक मामले में छह आरोपियों पर भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। वहीं दूसरे मामले में सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल समेत 66 आरोपियों के खिलाफ पांच अलग-अलग चार्जशीट अदालत में पेश की गई हैं।
किन लोगों के खिलाफ दाखिल हुई चार्जशीट?
सीबीआई ने असीम दास, रोहित गुलाटी, विकास छपारिया, अनिल धम्मानी, विशाल आहूजा और धीरज आहूजा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के साथ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया है। इसके अलावा महादेव ऐप के कथित प्रमुख संचालकों सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल से जुड़े मामलों में भी अतिरिक्त साक्ष्य अदालत के समक्ष पेश किए गए हैं। दूसरे मामले में जांच एजेंसी ने कुल 66 आरोपियों के खिलाफ पांच चार्जशीट दाखिल की हैं। इनमें ऐप के प्रमोटर और कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्य भी शामिल हैं।
कैसे काम करता था यह कथित नेटवर्क?
सीबीआई के अनुसार, महादेव ऐप के जरिए देशभर में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क संचालित किया जाता था। जांच में सामने आया है कि अलग-अलग पैनलों के माध्यम से नए यूजर्स को जोड़ा जाता था और कथित तौर पर सट्टेबाजी का संचालन किया जाता था। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस नेटवर्क से होने वाली कमाई को फर्जी बैंक खातों (म्यूल अकाउंट्स) के जरिए इधर-उधर भेजा गया और बाद में विदेशों तक पहुंचाया गया। इन आरोपों की जांच अभी जारी है।
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यह भी पढ़ें: UP: ऑनलाइन गेमिंग बेहद खतरनाक, बच्चे दे रहे जान और खाली हो रहे खाते; पुलिस ने दी ये सलाह
इस कार्रवाई की पांच बड़ी बातें
रिश्वत और संरक्षण राशि के आरोप
सीबीआई का आरोप है कि अवैध कमाई का एक हिस्सा कुछ सरकारी कर्मचारियों और लोक सेवकों को कथित तौर पर प्रोटेक्शन मनी के रूप में दिया जाता था, ताकि नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई प्रभावित हो सके। एजेंसी इन आरोपों से जुड़े वित्तीय लेनदेन और अन्य सबूतों की भी जांच कर रही है।
विदेश में बैठे आरोपियों पर भी कार्रवाई
जांच एजेंसी के अनुसार, मामले के कुछ प्रमुख आरोपी पहले ही देश छोड़ चुके हैं और विदेश से कथित तौर पर नेटवर्क संचालित कर रहे थे। चार मुख्य आरोपियों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा चुका है। साथ ही, उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कराने की कानूनी प्रक्रिया भी जारी है।
CBI का कहना है कि जांच अभी जारी है और चार्जशीट में शामिल आरोपों के अलावा भी कई पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। एजेंसी वित्तीय लेनदेन, कथित मनी लॉन्ड्रिंग और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
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किन लोगों के खिलाफ दाखिल हुई चार्जशीट?
सीबीआई ने असीम दास, रोहित गुलाटी, विकास छपारिया, अनिल धम्मानी, विशाल आहूजा और धीरज आहूजा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के साथ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया है। इसके अलावा महादेव ऐप के कथित प्रमुख संचालकों सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल से जुड़े मामलों में भी अतिरिक्त साक्ष्य अदालत के समक्ष पेश किए गए हैं। दूसरे मामले में जांच एजेंसी ने कुल 66 आरोपियों के खिलाफ पांच चार्जशीट दाखिल की हैं। इनमें ऐप के प्रमोटर और कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्य भी शामिल हैं।
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कैसे काम करता था यह कथित नेटवर्क?
सीबीआई के अनुसार, महादेव ऐप के जरिए देशभर में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क संचालित किया जाता था। जांच में सामने आया है कि अलग-अलग पैनलों के माध्यम से नए यूजर्स को जोड़ा जाता था और कथित तौर पर सट्टेबाजी का संचालन किया जाता था। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस नेटवर्क से होने वाली कमाई को फर्जी बैंक खातों (म्यूल अकाउंट्स) के जरिए इधर-उधर भेजा गया और बाद में विदेशों तक पहुंचाया गया। इन आरोपों की जांच अभी जारी है।
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इस कार्रवाई की पांच बड़ी बातें
- दो मामलों में कई नई चार्जशीट दाखिल।
- एक मामले में छह और दूसरे में 66 आरोपियों पर कार्रवाई।
- सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल से जुड़े मामलों में अतिरिक्त साक्ष्य पेश।
- मनी लॉन्ड्रिंग और कथित रिश्वत के आरोपों की जांच जारी।
- विदेश में मौजूद आरोपियों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी।
रिश्वत और संरक्षण राशि के आरोप
सीबीआई का आरोप है कि अवैध कमाई का एक हिस्सा कुछ सरकारी कर्मचारियों और लोक सेवकों को कथित तौर पर प्रोटेक्शन मनी के रूप में दिया जाता था, ताकि नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई प्रभावित हो सके। एजेंसी इन आरोपों से जुड़े वित्तीय लेनदेन और अन्य सबूतों की भी जांच कर रही है।
विदेश में बैठे आरोपियों पर भी कार्रवाई
जांच एजेंसी के अनुसार, मामले के कुछ प्रमुख आरोपी पहले ही देश छोड़ चुके हैं और विदेश से कथित तौर पर नेटवर्क संचालित कर रहे थे। चार मुख्य आरोपियों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा चुका है। साथ ही, उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कराने की कानूनी प्रक्रिया भी जारी है।
CBI का कहना है कि जांच अभी जारी है और चार्जशीट में शामिल आरोपों के अलावा भी कई पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। एजेंसी वित्तीय लेनदेन, कथित मनी लॉन्ड्रिंग और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।