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तेलंगाना: हाईकोर्ट ने केंद्रीय मंत्री के बेटे को पॉक्सो मामले में दी जमानत, नाबालिग से यौन उत्पीड़न का आरोप
Thu, 09 Jul 2026 06:32 PM IST
राहुल कुमार
पीटीआई, हैदराबाद।
पीटीआई, हैदराबाद।
Published by: राहुल कुमार
Updated Thu, 09 Jul 2026 06:32 PM IST
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बेटे भगीरथ के साथ बंदी संजय कुमार
- फोटो : IANS
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तेलंगाना हाई कोर्ट ने केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बागीरथ को सशर्त जमानत दे दी है। बागीरथ को पॉक्सो मामले में गिरफ्तार किया गया था। हाई कोर्ट ने 6 जुलाई को बागीरथ की जमानत याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।
अदालत ने बागीरथ की याचिका को एक-एक लाख रुपये के दो जमानती और अन्य शर्तों पर स्वीकार किया। इसमें जांच में सहयोग करने का निर्देश भी शामिल है। इससे पहले, लोक अभियोजक पल्ले नागेश्वर राव ने आरोपी को जमानत देने का विरोध किया था। उन्होंने तर्क दिया था कि जमानत पर रिहा होने पर वह गवाहों को प्रभावित कर सकता है। साथ ही सबूतों के साथ छेड़छाड़ भी कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस आरोप पत्र दाखिल करने वाली है। याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि बागीरथ 40 दिनों से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में है। उन्होंने जमानत देने की मांग की थी।
गिरफ्तारी और आरोप
बागीरथ को 16 मई की रात पॉक्सो मामले में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। यह मामला 8 मई को पेटबशीराबाद पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। एक 17 वर्षीय लड़की की मां की शिकायत पर यह मामला दर्ज हुआ था।
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लड़की और बागीरथ के आरोप
लड़की की मां ने आरोप लगाया था कि बागीरथ उसकी बेटी के साथ रिश्ते में था। उसने उसका यौन उत्पीड़न किया था। लड़की का बयान दर्ज करने के बाद बीएनएस और पॉक्सो एक्ट के तहत गंभीर आरोप लगाए गए। बागीरथ ने भी एक जवाबी शिकायत दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया कि लड़की ने खुद को उससे मिलवाया था। उसने उसे पारिवारिक समारोहों और समूह समारोहों में आमंत्रित किया था। अपनी शिकायत में उसने कहा कि लड़की और उसके माता-पिता ने बाद में उस पर शादी करने का दबाव डाला। जब उसने मना किया, तो उन्होंने पैसे की मांग की। पैसे न देने पर झूठी शिकायत दर्ज करने की धमकी दी। उसकी शिकायत के आधार पर भी एक एफआईआर दर्ज की गई थी।
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अदालत ने बागीरथ की याचिका को एक-एक लाख रुपये के दो जमानती और अन्य शर्तों पर स्वीकार किया। इसमें जांच में सहयोग करने का निर्देश भी शामिल है। इससे पहले, लोक अभियोजक पल्ले नागेश्वर राव ने आरोपी को जमानत देने का विरोध किया था। उन्होंने तर्क दिया था कि जमानत पर रिहा होने पर वह गवाहों को प्रभावित कर सकता है। साथ ही सबूतों के साथ छेड़छाड़ भी कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस आरोप पत्र दाखिल करने वाली है। याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि बागीरथ 40 दिनों से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में है। उन्होंने जमानत देने की मांग की थी।
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गिरफ्तारी और आरोप
बागीरथ को 16 मई की रात पॉक्सो मामले में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। यह मामला 8 मई को पेटबशीराबाद पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। एक 17 वर्षीय लड़की की मां की शिकायत पर यह मामला दर्ज हुआ था।
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लड़की और बागीरथ के आरोप
लड़की की मां ने आरोप लगाया था कि बागीरथ उसकी बेटी के साथ रिश्ते में था। उसने उसका यौन उत्पीड़न किया था। लड़की का बयान दर्ज करने के बाद बीएनएस और पॉक्सो एक्ट के तहत गंभीर आरोप लगाए गए। बागीरथ ने भी एक जवाबी शिकायत दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया कि लड़की ने खुद को उससे मिलवाया था। उसने उसे पारिवारिक समारोहों और समूह समारोहों में आमंत्रित किया था। अपनी शिकायत में उसने कहा कि लड़की और उसके माता-पिता ने बाद में उस पर शादी करने का दबाव डाला। जब उसने मना किया, तो उन्होंने पैसे की मांग की। पैसे न देने पर झूठी शिकायत दर्ज करने की धमकी दी। उसकी शिकायत के आधार पर भी एक एफआईआर दर्ज की गई थी।