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निकाय चुनाव: कांग्रेस-ओवैसी से भाजपा के गठबंधन पर भड़के फडणवीस, प्रदेश अध्यक्ष ने नोटिस जारी कर मांगा जवाब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: लव गौर
Updated Wed, 07 Jan 2026 03:30 PM IST
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सार
Maharashtra News: निकाय चुनाव में अंबरनाथ में कांग्रेस से और अकोट में औवेसी की पार्टी से भाजपा के गठबंधन पर मुख्यमंत्री फडणवीस की कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने साफ कहा कि इस तरह से किसी भी गठबंधन को पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व से मंजूरी नहीं मिली है। यह पार्टी विरोधी काम है। इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
महाराष्ट्र मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
- फोटो : ANI Photos
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विस्तार
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अंबरनाथ और अकोला में कांग्रेस और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के साथ गठबंधन पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए इस गठबंधन को खारिज किया है। अंबरनाथ में भाजपा ने कांग्रेस और अजित पवार की एनसीपी के साथ गठबंधन कर नगर परिषद का अध्यक्षता बनाया है। वहीं अकोट नगर परिषद में भाजपा ने ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के साथ गठबंधन किया है।
सीएम फडणवीस ने स्थानीय भाजपा इकाई के इस कार्य को संगठन विरोधी बताया है। साथ ही कड़ी नाराजगी जताते हुए ऐसे गठबंधन को तुरंत खत्म करने के बाद पार्टी के निर्देशों का उल्लंघन करने वाले नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है।
संगठनात्मक अनुशासन का उल्लंघन: फडणवीस
गठबंधन को खारिज करते हुए सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस तरह के किसी भी तरह के गठबंधनों को पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व की मंजूरी नहीं है। यह संगठनात्मक अनुशासन का उल्लंघन है। अपने बयान में सीएम ने कहा कि भाजपा कभी भी कांग्रेस या एआईएमआईएम के साथ गठबंधन नहीं कर सकती। ऐसे गठबंधन अस्वीकार्य हैं और इन्हें बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सीएम ने दिए कड़ी कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमत्री फडणवीस ने अपने बयान में कहा कि ऐसे गठबंधन को को रद्द करने के निर्देश पहले ही जारी कर दिए गए हैं और यह भी कहा कि इसमें शामिल नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, 'यदि भाजपा के किसी भी स्थानीय नेता ने बिना अनुमति के इन पार्टियों (एआईएमआईएम, कांग्रेस) के साथ गठबंधन किया है, तो यह पार्टी अनुशासन का गंभीर उल्लंघन है और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।'
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने जारी किया नोटिस
इधर, महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने विधायक प्रकाश भरसखले को कारण बताओ नोटिस जारी कर अकोट में AIMIM के साथ पार्टी के गठबंधन पर जवाब मांगा है। अकोट विधायक प्रकाश भरसखले को जारी नोटिस में कहा गया है कि हाल ही में हुए नगर निगम चुनाव 2025 में हमने अकोट में AIMIM के साथ गठबंधन करके भारतीय जनता पार्टी के मिशन और नीति को कमजोर किया है। ऐसा करते समय, हमने किसी को भरोसे में न लेकर पार्टी की छवि खराब की है। हमें तुरंत यह साफ करना चाहिए कि हमारे खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए?
अंबरनाथ में कांग्रेस-NCP के साथ आई भाजपा
ठाणे जिले के अंबरनाथ नगर परिषद में भाजपा ने कांग्रेस और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के साथ मिलकर 'अंबरनाथ विकास अघाड़ी' के बैनर तले नगर परिषद का नेतृत्व संभाला और सहयोगी शिवसेना को दरकिनार कर दिया। भाजपा पार्षद तेजश्री करंजुले पाटिल बुधवार को शिवसेना की मनीषा वालेकर को हराकर परिषद अध्यक्ष चुनी गईं।
20 दिसंबर को हुए 60 सदस्यीय अंबरनाथ नगर परिषद के चुनावों में, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना 27 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जो बहुमत से चार सीटें कम थी। भाजपा ने 14 सीटें, कांग्रेस ने 12, एनसीपी ने चार सीटें जीतीं और दो निर्दलीय उम्मीदवार निर्वाचित हुए। एक निर्दलीय उम्मीदवार के समर्थन से, तीन दलों के गठबंधन की ताकत बढ़कर 32 हो गई, जो बहुमत के 30 के आंकड़े को पार कर गई।
ये भी पढ़ें: Civic Polls: 'तुमको मिर्ची लगी तो मैं क्या करूं', 68 सीटों पर निर्विरोध जीत को लेकर विपक्ष पर फडणवीस का तंज
कांग्रेस ने 12 नए चुने गए पार्षदों को निलंबित किया
कांग्रेस ने बुधवार को अंबरनाथ में पिछले महीने हुए नगर निकाय चुनावों के बाद भाजपा के साथ गठबंधन कर जीतने वाले 12 नए पार्षदों और अपने ब्लॉक अध्यक्ष को पार्टी से निलंबित कर दिया। प्रतिद्वंद्वी पार्टियों भाजपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर विवाद के बाद कांग्रेस ने पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की है। कांग्रेस ने अपने अंबरनाथ ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप पाटिल को निलंबित कर दिया। पत्र में पार्टी की महाराष्ट्र इकाई ने उन्हें यह भी बताया कि उसकी ब्लॉक इकाई को भंग कर दिया गया है।
अकोट में बनाया 'अकोट विकास मंच'
भाजपा ने एआईएमआईएम के साथ मिलकर 'अकोट विकास मंच' का गठन किया। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी), एकनाथ शिंदे की शिवसेना, अजित पवार की एनसीपी, शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) और प्रहार जनशक्ति पार्टी ने भी इसमें सहयोग दिया। 35 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने 11 सीटें जीतीं, जबकि एआईएमआईएम को पांच सीटें मिलीं। अन्य दलों के समर्थन से गठबंधन की कुल संख्या 25 हो गई है। भाजपा की माया धुले ने महापौर का चुनाव जीता। अब 13 जनवरी को उप महापौर और समिति के चुनाव होंगे।
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सीएम फडणवीस ने स्थानीय भाजपा इकाई के इस कार्य को संगठन विरोधी बताया है। साथ ही कड़ी नाराजगी जताते हुए ऐसे गठबंधन को तुरंत खत्म करने के बाद पार्टी के निर्देशों का उल्लंघन करने वाले नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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संगठनात्मक अनुशासन का उल्लंघन: फडणवीस
गठबंधन को खारिज करते हुए सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस तरह के किसी भी तरह के गठबंधनों को पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व की मंजूरी नहीं है। यह संगठनात्मक अनुशासन का उल्लंघन है। अपने बयान में सीएम ने कहा कि भाजपा कभी भी कांग्रेस या एआईएमआईएम के साथ गठबंधन नहीं कर सकती। ऐसे गठबंधन अस्वीकार्य हैं और इन्हें बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सीएम ने दिए कड़ी कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमत्री फडणवीस ने अपने बयान में कहा कि ऐसे गठबंधन को को रद्द करने के निर्देश पहले ही जारी कर दिए गए हैं और यह भी कहा कि इसमें शामिल नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, 'यदि भाजपा के किसी भी स्थानीय नेता ने बिना अनुमति के इन पार्टियों (एआईएमआईएम, कांग्रेस) के साथ गठबंधन किया है, तो यह पार्टी अनुशासन का गंभीर उल्लंघन है और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।'
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने जारी किया नोटिस
इधर, महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने विधायक प्रकाश भरसखले को कारण बताओ नोटिस जारी कर अकोट में AIMIM के साथ पार्टी के गठबंधन पर जवाब मांगा है। अकोट विधायक प्रकाश भरसखले को जारी नोटिस में कहा गया है कि हाल ही में हुए नगर निगम चुनाव 2025 में हमने अकोट में AIMIM के साथ गठबंधन करके भारतीय जनता पार्टी के मिशन और नीति को कमजोर किया है। ऐसा करते समय, हमने किसी को भरोसे में न लेकर पार्टी की छवि खराब की है। हमें तुरंत यह साफ करना चाहिए कि हमारे खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए?
Maharashtra BJP President Ravindra Chavan issues a show-cause notice to MLA Prakash Bharsakhale seeking answers on the party's alliance with AIMIM in Akot. pic.twitter.com/J6LbpDEE6j
— ANI (@ANI) January 7, 2026
अंबरनाथ में कांग्रेस-NCP के साथ आई भाजपा
ठाणे जिले के अंबरनाथ नगर परिषद में भाजपा ने कांग्रेस और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के साथ मिलकर 'अंबरनाथ विकास अघाड़ी' के बैनर तले नगर परिषद का नेतृत्व संभाला और सहयोगी शिवसेना को दरकिनार कर दिया। भाजपा पार्षद तेजश्री करंजुले पाटिल बुधवार को शिवसेना की मनीषा वालेकर को हराकर परिषद अध्यक्ष चुनी गईं।
20 दिसंबर को हुए 60 सदस्यीय अंबरनाथ नगर परिषद के चुनावों में, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना 27 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जो बहुमत से चार सीटें कम थी। भाजपा ने 14 सीटें, कांग्रेस ने 12, एनसीपी ने चार सीटें जीतीं और दो निर्दलीय उम्मीदवार निर्वाचित हुए। एक निर्दलीय उम्मीदवार के समर्थन से, तीन दलों के गठबंधन की ताकत बढ़कर 32 हो गई, जो बहुमत के 30 के आंकड़े को पार कर गई।
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कांग्रेस ने 12 नए चुने गए पार्षदों को निलंबित किया
कांग्रेस ने बुधवार को अंबरनाथ में पिछले महीने हुए नगर निकाय चुनावों के बाद भाजपा के साथ गठबंधन कर जीतने वाले 12 नए पार्षदों और अपने ब्लॉक अध्यक्ष को पार्टी से निलंबित कर दिया। प्रतिद्वंद्वी पार्टियों भाजपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर विवाद के बाद कांग्रेस ने पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की है। कांग्रेस ने अपने अंबरनाथ ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप पाटिल को निलंबित कर दिया। पत्र में पार्टी की महाराष्ट्र इकाई ने उन्हें यह भी बताया कि उसकी ब्लॉक इकाई को भंग कर दिया गया है।
अकोट में बनाया 'अकोट विकास मंच'
भाजपा ने एआईएमआईएम के साथ मिलकर 'अकोट विकास मंच' का गठन किया। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी), एकनाथ शिंदे की शिवसेना, अजित पवार की एनसीपी, शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) और प्रहार जनशक्ति पार्टी ने भी इसमें सहयोग दिया। 35 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने 11 सीटें जीतीं, जबकि एआईएमआईएम को पांच सीटें मिलीं। अन्य दलों के समर्थन से गठबंधन की कुल संख्या 25 हो गई है। भाजपा की माया धुले ने महापौर का चुनाव जीता। अब 13 जनवरी को उप महापौर और समिति के चुनाव होंगे।
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