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Maharashtra: एसआईआर से पहले प्री-मैपिंग का काम 66% से ज्यादा पूरा, प्रक्रिया में शहरी इलाके छूटे पीछे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Devesh Tripathi
Updated Wed, 29 Apr 2026 12:56 AM IST
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सार
महाराष्ट्र में प्री-एसआईआर मैपिंग का काम दो-तिहाई से अधिक पूरा हो चुका है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में प्रगति धीमी बनी हुई है। अब तक करोड़ों मतदाताओं का डेटा पुराने रिकॉर्ड से मिलाया जा चुका है।
एसआईआर (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : PTI
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विस्तार
महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए प्री-मैपिंग का काम 66.42 प्रतिशत पूरा हो चुका है। अधिकारियों ने बताया कि गढ़चिरौली जिले ने 90.51 प्रतिशत के साथ राज्य में सबसे अधिक प्रगति दर्ज की है। वहीं, शहरी क्षेत्रों में इस प्रक्रिया में धीमी गति देखी जा रही है, जहां मुंबई उपनगरीय, पुणे और ठाणे जैसे जिलों में 50 प्रतिशत से भी कम प्रगति हुई है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय की ओर से यह आंकड़े जारी किए गए हैं। इनके मुताबिक, 14 जिलों में 80 से 90 प्रतिशत के बीच मैपिंग पूरी हो चुकी है, जबकि 13 जिलों में 70 से 80 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है। वहीं, मुंबई शहर (51.40 प्रतिशत), नागपुर (55.57 प्रतिशत), रायगढ़ (57.80 प्रतिशत) और पालघर (59.28 प्रतिशत) जैसे जिलों में काम अपेक्षाकृत धीमा है।
एक अधिकारी ने कहा, "जनसंख्या के पलायन और आबादी बढ़ने के कारण बूथों की संख्या में इजाफा हुआ है, जिसकी वजह से शहरी क्षेत्रों में प्री-SIR का काम धीमा है। 80 से 90 प्रतिशत प्रगति वाले जिलों में वाशिम, लातूर, सांगली, अमरावती, नंदुरबार, नांदेड़, गोंदिया, धाराशिव, परभणी, बीड, बुलढाणा, सिंधुदुर्ग, रत्नागिरी और हिंगोली शामिल हैं।"
आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 9.88 करोड़ मतदाताओं में से अब तक करीब 6.56 करोड़ का मैपिंग कार्य पूरा किया जा चुका है। इस प्रक्रिया में ब्लॉक लेवल अधिकारी मौजूदा मतदाता सूची का 2002 में निर्वाचन आयोग द्वारा तैयार सूची से मिलान कर रहे हैं।
जांच के लिए मौजूदा मतदाताओं के नाम 2002 की सूची में होना जरूरी है। फिलहाल यह सिर्फ सूची मिलान का काम है और भौतिक सत्यापन नहीं किया जा रहा है। जिन युवा मतदाताओं के नाम 2002 की सूची में नहीं हैं, उन्हें अपने माता-पिता के नाम उस सूची में होने का प्रमाण देना होगा।
अधिकारी ने कहा, "एसआईआर के फिजिकल फेज के लिए विस्तृत कार्यक्रम अभी नहीं मिला है। तब तक हम मैपिंग का काम जारी रखेंगे। ग्राउंड एक्सरसाइज के बारे में जानकारी मिलने से पहले समयसीमा या दस्तावेजों पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी। हमारा उद्देश्य मतदाताओं को कम से कम असुविधा देना है।"
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मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय की ओर से यह आंकड़े जारी किए गए हैं। इनके मुताबिक, 14 जिलों में 80 से 90 प्रतिशत के बीच मैपिंग पूरी हो चुकी है, जबकि 13 जिलों में 70 से 80 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है। वहीं, मुंबई शहर (51.40 प्रतिशत), नागपुर (55.57 प्रतिशत), रायगढ़ (57.80 प्रतिशत) और पालघर (59.28 प्रतिशत) जैसे जिलों में काम अपेक्षाकृत धीमा है।
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एक अधिकारी ने कहा, "जनसंख्या के पलायन और आबादी बढ़ने के कारण बूथों की संख्या में इजाफा हुआ है, जिसकी वजह से शहरी क्षेत्रों में प्री-SIR का काम धीमा है। 80 से 90 प्रतिशत प्रगति वाले जिलों में वाशिम, लातूर, सांगली, अमरावती, नंदुरबार, नांदेड़, गोंदिया, धाराशिव, परभणी, बीड, बुलढाणा, सिंधुदुर्ग, रत्नागिरी और हिंगोली शामिल हैं।"
आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 9.88 करोड़ मतदाताओं में से अब तक करीब 6.56 करोड़ का मैपिंग कार्य पूरा किया जा चुका है। इस प्रक्रिया में ब्लॉक लेवल अधिकारी मौजूदा मतदाता सूची का 2002 में निर्वाचन आयोग द्वारा तैयार सूची से मिलान कर रहे हैं।
जांच के लिए मौजूदा मतदाताओं के नाम 2002 की सूची में होना जरूरी है। फिलहाल यह सिर्फ सूची मिलान का काम है और भौतिक सत्यापन नहीं किया जा रहा है। जिन युवा मतदाताओं के नाम 2002 की सूची में नहीं हैं, उन्हें अपने माता-पिता के नाम उस सूची में होने का प्रमाण देना होगा।
अधिकारी ने कहा, "एसआईआर के फिजिकल फेज के लिए विस्तृत कार्यक्रम अभी नहीं मिला है। तब तक हम मैपिंग का काम जारी रखेंगे। ग्राउंड एक्सरसाइज के बारे में जानकारी मिलने से पहले समयसीमा या दस्तावेजों पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी। हमारा उद्देश्य मतदाताओं को कम से कम असुविधा देना है।"

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