Maharashtra: CM फडणवीस का बड़ा एलान- राज्य में बनाई जाएंगी एक करोड़ लखपति दीदियां, आर्थिक विकास को मिलेगी गति
Maharashtra: रक्षा बंधन के खास मौके पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा एलान किया है। सरकार ने लाडली बहना योजना के अंतर्गत 1 करोड़ 'लखपति दीदियां' बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
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इस वर्ष 25 लाख और लखपति दीदियां बनाना चाहते हैं- मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि पिछले साल हमने राज्य की 25 दीदियों को लखपति बनाया था। इस वर्ष हम 25 लाख और लखपति दीदियां बनाना चाहते हैं। हमला लक्ष्य है कि प्रदेश में एक करोड़ लखपति दीदियां बनाईं जाएं।मुख्यमंत्री ने योजना को लेकर फैलाई जा रहीं अफवाहों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग यह कह रहे थे कि यह योजना बंद कर दी जाएगी। ये बात झूठी है। सच यह है कि हम इस योजना में मिलने वाली मदद को और अधिक करेंगे। लखपति दीदी अभियान मुख्यमंत्री माझी लड़की बहन योजना का हिस्सा है।
'कर्ज चुकाने में आगे महिलाएं'
उन्होंने आगे कहा, महाराष्ट्र में देशभर में सबसे ज्यादा स्वयं सहायता समूह हैं। सरकार की अब अगली योजना राज्य के 10 जिलों में मॉल बनाने की है। इससे रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे। बहनें आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगी। इन मॉल में स्वयं सहायता समूह द्वारा बनाए गए उत्पादों की बिक्री की जाएगी। साथ ही सरकार ने इन महिला समूहों के लिए ऋण की सीमा भी बढ़ा दी है। वहीं, पुरुषों की तुलना में महिलाओं में कर्ज चुकाने का प्रतिशत अधिक है। कई योजनाओं में पुरुषों ने 50 प्रतिशत ऋण भी नहीं चुकाया है।
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'बदलाव में कारगर साबित हो रहीं योजनाएं'
उन्होंने आगे कहा कि बहनों को सशक्त बनाने के लिए भाइयों को बड़ी भूमिका का निर्वहन करना चाहिए। पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मुद्रा (ऋण) योजना और लखपति दीदी जैसी पहलों को विस्तार दे रही है। बहनों के जीवन स्तर में बदलाव लाने में इन योजनाओं की अहम भूमिका साबित हो रही है। इसकी वजह से देश करीब 25 करोड़ परिवार गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिना बहनों के सहयोग के देश आगे नहीं बढ़ सकता। एक दौर ऐसा था जब भारत की विश्व व्यापार में 35 प्रतिशत और दुनिया के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 30 प्रतिशत भागीदारी रहती थी। इसलिए एक बार फिर से देश को और मजबूत बनाने के लिए हम सबको महिलाओं का सम्मान करना होगा। उन्हें विकास की मुख्यधारा से उनको जोड़ना होगा।