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Maharashtra: CM फडणवीस का बड़ा एलान- राज्य में बनाई जाएंगी एक करोड़ लखपति दीदियां, आर्थिक विकास को मिलेगी गति

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: तरुणेंद्र चतुर्वेदी Updated Sat, 09 Aug 2025 08:59 PM IST
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सार

Maharashtra: रक्षा बंधन के खास मौके पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा एलान किया है। सरकार ने लाडली बहना योजना के अंतर्गत 1 करोड़ 'लखपति दीदियां' बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।   
 

Maharashtra govt wants to create 1 cr lakhpati didis says CM Fadnavis Ladki Bahin Yojana
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को राखी बांधती हुई बहनें. - फोटो : एक्स/ @Dev_Fadnavis
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विस्तार

रक्षाबंधन के अवसर पर शनिवार को लाडली बहनों ने एक कार्यक्रम के दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की कलाई पर राखी बांधीं। वहीं, मुख्यमंत्री ने उनके अच्छे भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इसके साथ ही उन्होंने एलान किया कि सरकार ने लाडली बहना योजना के तहत एक करोड़ 'लखपति दीदियां' बनाने का लक्ष्य तय किया है। सरकार के इस कदम से प्रदेश में महिला सशक्तिकरण होगा। लखपति दीदियां बनाने के लिए केंद्र सरकार ने देशभर में खास पहल की शुरुआत की थी। इसके तहत स्वयं सहायता समूह में शामिल महिला सदस्यों की सालाना आय एक लाख रुपये तक करने पर जोर दिया जा रहा है।
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इस वर्ष 25 लाख और लखपति दीदियां बनाना चाहते हैं- मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि पिछले साल हमने राज्य की 25 दीदियों को लखपति बनाया था। इस वर्ष हम 25 लाख और लखपति दीदियां बनाना चाहते हैं। हमला लक्ष्य है कि प्रदेश में एक करोड़ लखपति दीदियां बनाईं जाएं।मुख्यमंत्री ने योजना को लेकर फैलाई जा रहीं अफवाहों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग यह कह रहे थे कि यह योजना बंद कर दी जाएगी। ये बात झूठी है। सच यह है कि हम इस योजना में मिलने वाली मदद को और अधिक करेंगे। लखपति दीदी अभियान मुख्यमंत्री माझी लड़की बहन योजना का हिस्सा है। 

फडणवीस ने कहा कि लाडली बहना योजना के तहत सरकार बहनों को 1500 रुपये का मासिक लाभ दे रही है। यह लाभ उन बहनों को दिया जा रहा है, जो योजना के मानदंडों को पूरा करती हैं। कुछ लोग इस योजना का गलत लाभ उठा रहे हैं। उनकी पहचान करके उन्हें इस योजना से बाहर किया जाएगा।

'कर्ज चुकाने में आगे महिलाएं'
उन्होंने आगे कहा, महाराष्ट्र में देशभर में सबसे ज्यादा स्वयं सहायता समूह हैं। सरकार की अब अगली योजना राज्य के 10 जिलों में मॉल बनाने की है। इससे रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे। बहनें आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगी। इन मॉल में स्वयं सहायता समूह  द्वारा बनाए गए उत्पादों की बिक्री की जाएगी। साथ ही सरकार ने इन महिला समूहों के लिए ऋण की सीमा भी बढ़ा दी है। वहीं, पुरुषों की तुलना में महिलाओं में कर्ज चुकाने का प्रतिशत अधिक है। कई योजनाओं में पुरुषों ने 50 प्रतिशत ऋण भी नहीं चुकाया है।  

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'बदलाव में कारगर साबित हो रहीं योजनाएं'
उन्होंने आगे कहा कि बहनों को सशक्त बनाने के लिए भाइयों को बड़ी भूमिका का निर्वहन करना चाहिए। पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मुद्रा (ऋण) योजना और लखपति दीदी जैसी पहलों को विस्तार दे रही है। बहनों के जीवन स्तर में बदलाव लाने में इन योजनाओं की अहम भूमिका साबित हो रही है। इसकी वजह से देश करीब 25 करोड़ परिवार गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिना बहनों के सहयोग के देश आगे नहीं बढ़ सकता। एक दौर ऐसा था जब भारत की विश्व व्यापार में 35 प्रतिशत और दुनिया के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 30 प्रतिशत भागीदारी रहती थी। इसलिए एक बार फिर से देश को और मजबूत बनाने के लिए हम सबको महिलाओं का सम्मान करना होगा। उन्हें विकास की मुख्यधारा से उनको जोड़ना होगा। 
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