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Maharashtra: गर्भवती पत्नी की आत्महत्या मामले में इंजीनियर बरी, सरकारी विभागों में Sarvam AI को मिली मंजूरी
Fri, 07 Aug 2026 02:13 AM IST
शिवम गर्ग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: शिवम गर्ग
Updated Fri, 07 Aug 2026 02:13 AM IST
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ठाणे की सत्र अदालत ने गुरुवार को 40 वर्षीय एक इंजीनियर को अपनी गर्भवती पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप से बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी द्वारा जानबूझकर की गई क्रूरता या आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप संदेह से परे साबित नहीं कर सका। विकार जैनुद्दीन शेख की पत्नी ताहिरा ने 27 नवंबर 2016 को ठाणे के ब्रह्मांड स्थित रीजेंसी हाइट्स आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
ताहिरा के परिजनों ने आरोप लगाया था कि शेख ने उनके साथ शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना की, गर्भावस्था के दौरान उनकी अनदेखी की और विवाहेतर संबंध भी रखे। हालांकि अदालत ने कहा कि वैवाहिक जीवन के सामान्य विवाद या मामूली उपेक्षा को आत्महत्या के लिए आपराधिक उकसावा नहीं माना जा सकता। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश महेश एस. लोने ने कहा कि ताहिरा की मृत्यु के समय दंपती के संबंधों में तनाव हो सकता था, लेकिन रिकॉर्ड में ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है जिससे यह साबित हो कि आरोपी की आत्महत्या के लिए उकसाने की मंशा थी। अदालत ने अभियोजन पक्ष की जांच में भी गंभीर खामियों का उल्लेख किया। कथित सुसाइड नोट की फोरेंसिक हैंडराइटिंग जांच रिपोर्ट पेश नहीं की गई। मामले में आरोपी की ओर से अधिवक्ता एम. जेड. जी. शेख ने पैरवी की।
महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी विभागों में Sarvam AI लागू करने को दी मंजूरी
महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी विभागों में Sarvam AI के स्वदेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) समाधान लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर दो वर्षों में 11.26 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकारी प्रस्ताव के अनुसार, इस योजना के तहत करीब 2,500 सरकारी कर्मचारियों के लिए Indus नामक AI वर्कस्पेस लागू किया जाएगा। इसके लिए पहले वर्ष में 5.63 करोड़ रुपये और दो वर्षों में कुल 11.26 करोड़ रुपये का अनुमानित खर्च तय किया गया है। इस प्रस्ताव को मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार समिति ने मंजूरी दी।
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सरकार के अनुसार, Sarvam AI के सभी समाधान भारत के सुरक्षित और ऑडिट किए गए इंफ्रास्ट्रक्चर पर होस्ट किए जाएंगे, जिससे सरकारी डेटा देश के बाहर नहीं जाएगा। इस पैकेज में Indus के अलावा Samvaad, Saaras और Bulbul AI मॉडल भी शामिल हैं। Samvaad वॉयस और व्हाट्सएप आधारित नागरिक संवाद प्रणाली है, जबकि Saaras स्पीच रिकग्निशन और Bulbul टेक्स्ट-टू-स्पीच मॉडल हैं, जिन्हें राज्य के MahaAI प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा।
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ताहिरा के परिजनों ने आरोप लगाया था कि शेख ने उनके साथ शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना की, गर्भावस्था के दौरान उनकी अनदेखी की और विवाहेतर संबंध भी रखे। हालांकि अदालत ने कहा कि वैवाहिक जीवन के सामान्य विवाद या मामूली उपेक्षा को आत्महत्या के लिए आपराधिक उकसावा नहीं माना जा सकता। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश महेश एस. लोने ने कहा कि ताहिरा की मृत्यु के समय दंपती के संबंधों में तनाव हो सकता था, लेकिन रिकॉर्ड में ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है जिससे यह साबित हो कि आरोपी की आत्महत्या के लिए उकसाने की मंशा थी। अदालत ने अभियोजन पक्ष की जांच में भी गंभीर खामियों का उल्लेख किया। कथित सुसाइड नोट की फोरेंसिक हैंडराइटिंग जांच रिपोर्ट पेश नहीं की गई। मामले में आरोपी की ओर से अधिवक्ता एम. जेड. जी. शेख ने पैरवी की।
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महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी विभागों में Sarvam AI लागू करने को दी मंजूरी
महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी विभागों में Sarvam AI के स्वदेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) समाधान लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर दो वर्षों में 11.26 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकारी प्रस्ताव के अनुसार, इस योजना के तहत करीब 2,500 सरकारी कर्मचारियों के लिए Indus नामक AI वर्कस्पेस लागू किया जाएगा। इसके लिए पहले वर्ष में 5.63 करोड़ रुपये और दो वर्षों में कुल 11.26 करोड़ रुपये का अनुमानित खर्च तय किया गया है। इस प्रस्ताव को मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार समिति ने मंजूरी दी।
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सरकार के अनुसार, Sarvam AI के सभी समाधान भारत के सुरक्षित और ऑडिट किए गए इंफ्रास्ट्रक्चर पर होस्ट किए जाएंगे, जिससे सरकारी डेटा देश के बाहर नहीं जाएगा। इस पैकेज में Indus के अलावा Samvaad, Saaras और Bulbul AI मॉडल भी शामिल हैं। Samvaad वॉयस और व्हाट्सएप आधारित नागरिक संवाद प्रणाली है, जबकि Saaras स्पीच रिकग्निशन और Bulbul टेक्स्ट-टू-स्पीच मॉडल हैं, जिन्हें राज्य के MahaAI प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा।