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Maharashtra: पुणे में सड़क हादसे में तीन की मौत; विरोध प्रदर्शन को लेकर विपक्षी कार्यकर्ताओं पर मामला दर्ज

न्यूज डेस्क, अमर उजाला। Published by: ज्योति भास्कर Updated Sun, 02 Nov 2025 11:50 AM IST
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महाराष्ट्र की बड़ी खबरें - फोटो : अमर उजाला
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महाराष्ट्र के वस्त्र उद्योग मंत्री संजय सावकारे ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ का कपड़ा उद्योग पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा। टेक्सटाइल्स उद्योग की शीर्ष संस्था भारत मर्चंट मर्चेंट की ओर से मुंबई में आयोजित एक सम्मेलन में वस्त्र मंत्री ने कहा, कपड़ा उद्यमी बहुत मेहनती हैं। यह उद्योग घरेलू बाजार के साथ अन्य देशों में भी संभावनाएं तलाश रहा है। सावकारे ने कहा, कपड़ा उद्योग की अन्य संभावनाओं को लेकर केंद्र और राज्य सरकार प्रयत्नशील हैं। महाराष्ट्र की कपड़ा नीति देश की सर्वश्रेष्ठ नीति है। विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा, खेती के बाद कपड़ा उद्योग से सबसे अधिक रोजगार का सृजन होता है। यह बात सरकार भी समझती है। सियाराम ग्रुप के चेयरमैन रमेश पोद्दार ने कहा कि देश में कुशल श्रमिकों की कमी नहीं है। हमें इसका फायदा अपने उत्पाद को विश्वस्तरीय बनाने में करना चाहिए। सम्मेलन में भारत मर्चेंट चैंबर के अध्यक्ष राहुल जालान, दक्षिण मुंबई के सांसद अरविंद सावंत, पूर्व मंत्री राज के पुरोहित, चैंबर के उपाध्यक्ष विनोद गुप्ता, मंत्री नवीन बागड़िया आदि उपस्थित रहे।
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पुणे में तेज रफ्तार कार मेट्रो स्टेशन के खंभे से टकराई, तीन की मौत
पुणे में एक तेज रफ्तार कार रविवार सुबह मेट्रो स्टेशन के खंभे से टकरा गई, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या शराब पीकर गाड़ी चलाने से दुर्घटना हुई।
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कोरेगांव पार्क थाने के एक अधिकारी ने बताया, घटना बुंद गार्डन इलाके में हुई। मृतकों की पहचान रितिक भंडारी और यश भंडारी और कुशवंत टेकवानी के रूप में हुई है। रितिक और यश दोनों कामकाजी पेशेवर थे। वहीं कुशवंत पुणे के एक निजी कॉलेज के छात्र थे। 

वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संगीता जाधव ने कहा, तीनों को ले जा रही कार बुंद गार्डन मेट्रो स्टेशन के एक खंभे से टकरा गई। स्थानीय लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां रितिक और यश को मृत घोषित कर दिया गया। बाद में इलाज के दौरान कुशवंत ने भी दम तोड़ दिया। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि दुर्घटना सुबह 4.49 बजे हुई। इलाके के सीसीटीवी फुटेज में कार बहुत तेज गति से चलती हुई और मेट्रो स्टेशन के खंभे से टकराती दिख रही है।

अधिकारी ने कहा, प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया।
उप पुलिस आयुक्त मिलिंद मोहिते ने बाद में मीडिया को बताया कि रितिक और यश पुणे के पास पिंपरी इलाके के निवासी थे, जबकि कुशवंत बीड जिले से थे। अधिकारी ने कहा, हम यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या उन्होंने शराब पी थी। रक्त के नमूने रासायनिक विश्लेषण के लिए भेजे गए हैं। एक पीड़ित ने कथित तौर पर अपनी मां को बताया था कि वे पार्टी में जा रहे थे।

मुंबई: विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं पर मामला दर्ज
मुंबई पुलिस ने विरोध मार्च के दौरान निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने के लिए महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता बाला नंदगांवकर और विपक्षी दलों के कुछ अन्य नेताओं तथा कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।

पुलिस उप आयुक्त प्रवीण मुंधे ने कहा, भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 (लोक सेवक द्वारा विधिवत जारी आदेश की अवज्ञा) और बॉम्बे पुलिस अधिनियम की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।  पुलिस ने पहले कहा था कि उन्होंने शनिवार को महा विकास अघाड़ी और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की रैली के लिए अनुमति नहीं दी थी।

कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और राकांपा (शरद पवार गुट) वाली एमवीए ने मनसे के साथ मिलकर मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के खिलाफ 'सत्याचा मोर्चा' (सत्य के लिए मार्च) निकाला था। मार्च दक्षिण मुंबई के फैशन स्ट्रीट से शुरू हुआ और एक किलोमीटर दूर बीएमसी मुख्यालय पर समाप्त हुआ, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, राकांपा (शरदचंद्र पवार) सुप्रीमो शरद पवार, मनसे के राज ठाकरे और कांग्रेस नेता बालासाहेब थोरात ने भाग लिया।


यूएई से प्रत्यर्पित होने के बाद ड्रग जब्ती मामले का मुख्य आरोपी गिरफ्तार
मुंबई पुलिस ने रविवार को मेफेड्रोन की जब्ती से जुड़े एक मुख्य आरोपी को यूएई से प्रत्यर्पित करने के बाद गिरफ्तार किया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया, शहर पुलिस की एंटी-नार्कोटिक्स सेल (एएनसी) ने सलमान सलीम शेख उर्फ शेरा को गिरफ्तार किया, जिसे यूएई में पकड़ा गया और सहयोगी एजेंसियों की मदद से प्रत्यर्पित किया गया। अधिकारियों के अनुसार, शेख कथित तौर पर देशभर में मेफेड्रोन के निर्माण और वितरण के लिए ड्रग फैक्ट्रियों के संचालन में शामिल था और पिछले कुछ वर्षों से विदेश से ही यह काम चला रहा था।

एंटी-नार्कोटिक्स सेल के उपायुक्त नवनाथ धवले ने कहा कि शेख की भूमिका तब सामने आई जब चार अगस्त को 995 ग्राम मेफेड्रोन की जब्ती हुई थी, जिसकी कीमत लगभग दो करोड़ रुपये बताई गई थी और इस मामले में चार लोग गिरफ्तार हुए थे। उन्होंने बताया कि शेख के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था, जिसके बाद उसे कुछ हफ्ते पहले यूएई में गिरफ्तार किया गया। शहर पुलिस ने फिर अपनी सहयोगी एजेंसियों से संपर्क किया और आरोपी को प्रत्यर्पित किया गया। पुलिस के अनुसार, शेख कम से कम चार ड्रग मामलों में शामिल है।
 
निर्विरोध महाराष्ट्र ओलंपिक संघ के अध्यक्ष चुने गए अजित पवार
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता अजित पवार को रविवार को महाराष्ट्र ओलंपिक संघ (एमओए) का अध्यक्ष निर्विरोध चुना गया। यह उनका लगातार चौथा कार्यकाल है।

यह चुनाव महायुति सहयोगी राकांपा और भाजपा के बीच हुए समझौते के बाद हुआ। इसमें महाराष्ट्र ओलंपिक संघ के कुछ अहम पद भाजपा के सांसद और मंत्री मुरलीधर मोहोल के समर्थकों को दिए जाने का फैसला किया गया। इस समझौते से पवार का निर्विरोध चुनाव संभव हुआ और उनका कार्यकाल अगले दो वर्षों के लिए बढ़ गया।

पवार और मोहोल दोनों ने महाराष्ट्र ओलंपिक संघ अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरा था। पवार के पैनल को 31 सदस्यीय खेल संघों में से 22 संघों का समर्थन मिला, जो राज्य के खेल प्रशासन में उनका लगातार प्रभाव दिखाता है। वरिष्ठ खेल प्रशासक आदिल सुमरीवाला, प्रदीप गांधे और प्रशांत देशपांडे को उपाध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुना गया।
 

पालघर: मुआवजे में देरी से नाराज होकर किसान ने बैंक के बाहर रख दिया भैंस का शव
महाराष्ट्र के पालघर जिले में बीमा मुआवजे में देरी से नाराज एक किसान ने अनोखे तरीके से विरोध जताया। किसान ने अपनी मृत भैंस का शव बैंक के बाहर रखकर प्रदर्शन किया, जिससे मौके पर भीड़ जुट गई और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

मामला पालघर के मोखाड़ा क्षेत्र का है, जहां तकपाड़ा गांव के किसान नवसु दिघा ने साल 2022 में बैंक से 12 लाख रुपये का कर्ज लेकर 10 दुग्ध देने वाली भैंसें खरीदी थीं। उन्होंने सभी भैंसों का बीमा भी कराया था, लेकिन पिछले तीन साल में दो भैंसों की मौत के बावजूद उन्हें अब तक बीमा कंपनी से कोई मुआवजा नहीं मिला। गुस्से में आकर दिघा ने भैंस का शव ट्रैक्टर में रखकर बैंक शाखा के बाहर लाकर खड़ा कर दिया और कहा अगर हमें बीमे का पैसा नहीं दिया गया, तो मैं यह मृत भैंस यहीं छोड़ दूंगा। बैंक चाहे तो इसे अपने पास रख ले। 

बैंक के वरिष्ठ अधिकारी ने हस्तक्षेप करते हुए लिखित आश्वासन दिया कि किसानों का बीमा मुआवजा 31 दिनों के भीतर जारी कर दिया जाएगा। आश्वासन मिलने के बाद किसान ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया और मृत भैंस को लेकर वापस लौट गया।

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