{"_id":"6a7588c9d2527fae8702310c","slug":"maharashtra-strict-action-on-terror-litrature-hundreds-of-magzine-books-seized-2026-08-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharashtra: महाराष्ट्र में आतंकी लिटरेचर पर सरकार का बड़ा एक्शन, 114 मैगजीन, किताबों और डिजिटल कंटेंट की जब्त","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Maharashtra: महाराष्ट्र में आतंकी लिटरेचर पर सरकार का बड़ा एक्शन, 114 मैगजीन, किताबों और डिजिटल कंटेंट की जब्त
Fri, 07 Aug 2026 12:57 PM IST
नितिन गौतम
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, मुंबई
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, मुंबई
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 07 Aug 2026 12:57 PM IST
विज्ञापन
मुंबई पुलिस
- फोटो : एएनआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महाराष्ट्र सरकार ने उग्रवादी दुष्प्रचार और भड़काऊ सामग्री के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। राज्य के गृह विभाग ने आतंकी संगठनों से जुड़ी 114 चरमपंथी पत्रिकाओं, ट्रेनिंग मैनुअल और डिजिटल सामग्रियों को जब्त करने का आदेश जारी किया है। इस बैन के दायरे में इस्लामिक स्टेट, हिज्ब-उल-मुजाहिद्दीन पीर पंजाल रेजिमेंट और भारतीय उपमहाद्वीप में अल कायदा जैसे खूंखार आतंकी संगठनों का लिटरेचर शामिल है।
यह पूरी कार्रवाई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनसीसी), 2023 की धारा 98(1) के तहत गुरुवार को जारी एक सरकारी नोटिफिकेशन के जरिए की गई है। इंटेलिजेंस इनपुट और महाराष्ट्र एटीएस की गहन जांच के बाद यह कदम उठाया गया। जांच में साफ हुआ था कि किताबों, दस्तावेजों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए ऐसी खतरनाक सामग्री का लगातार प्रचार-प्रसार किया जा रहा था और लोग इन्हें अपने पास रख भी रहे थे।
सरकार के नोटिफिकेशन में कहा गया है कि यह प्रतिबंधित साहित्य युवाओं में कट्टरपंथ को बढ़ावा देता है, उनका ब्रेनवॉश करता है और आतंकी गिरोहों में नई भर्ती का जरिया बनता है। महाराष्ट्र एटीएस के एडिशनल पुलिस महानिदेशक ने 17 मार्च को सरकार को एक चिट्ठी लिखकर इन आतंकवादी संगठनों से जुड़े प्रचार साहित्य को तुरंत जब्त करने का सुझाव दिया था, जिसके बाद सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है।
विज्ञापन
गृह विभाग के मुताबिक, भले ही इन आतंकी गिरोहों के मुख्य संगठन सीधे भारत से काम न कर रहे हों, लेकिन इनके पब्लिकेशन और डिजिटल कंटेंट महाराष्ट्र में पाए गए हैं। साहित्य पर यह बैन लगने से अब राज्य की सुरक्षा एजेंसियों को इसे फैलाने और पढ़ने वाले लोगों पर शिकंजा कसने में काफी मदद मिलेगी। एटीएस की रिपोर्ट के हवाले से एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ये संगठन खुफिया तरीके से मुस्लिम युवाओं को भड़काने और उन्हें कट्टरपंथी बनाने की साजिश में लगे हुए थे।
प्रतिबंधित साहित्य का एक बड़ा हिस्सा 'वॉइस ऑफ खुरासान' के 45 एडिशन हैं, जिन्हें आईएसआईएस से जुड़े अल-अजैम मीडिया द्वारा छापा गया है। इसके अलावा 'आर यू स्टिल सिटिंग?', 'व्हाई शुड यू जॉइन द इस्लामिक स्टेट', अल-बायन रेडियो द्वारा ब्रॉडकास्ट 'निदा-ए-खुरासान' और 'तौहीद लेक्चर्स' पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
इसी तरह हिज्ब-उल-मुजाहिद्दीन से जुड़ी मैगजीन 'द रिवोल्यूशनरी रिसर्जेंस' के 17 एडिशन (जो अक्टूबर 2023 से दिसंबर 2025 के बीच सामने आए थे), 'कश्मीर किफाह - रेजिलीएंस एंड करेज' के 10 एडिशन, 'द सोल ऑफ रेजिस्टेंस' के 7 एडिशन और 'नवाई गजवा-ए-हिंद' के 13 एडिशनों को भी जब्त करने के आदेश जारी किए गए हैं।
पत्रिकाओं और किताबों के अलावा सरकार ने उग्रवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले कई खतरनाक ट्रेनिंग मैनुअल को भी बैन किया है। इनमें 'एक्सप्लोसिव्स - बेसिक्स', 'पेट्रोल बम - मैनुअल', 'मॉडर्न वॉरफेयर', 'हाउ कैन वी बी कंटेंट विथ एबैंडनिंग जिहाद', 'द स्कूल ऑफ यूसुफ', 'हाउ टू स्टे एनोनिमस', 'सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस कोर्स', 'हाउ टू मेक ए सुसाइड रॉकेट', 'केमिकल एक्सप्लोसिव्स बेस्ड ऑन हाइड्रोजन पेरोक्साइड', 'हर्फ़-ए-आग़ाज़' और 'द मुजाहिदीन पॉइज़न हैंडबुक' जैसी किताबें और गाइड शामिल हैं।
विज्ञापन
यह पूरी कार्रवाई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनसीसी), 2023 की धारा 98(1) के तहत गुरुवार को जारी एक सरकारी नोटिफिकेशन के जरिए की गई है। इंटेलिजेंस इनपुट और महाराष्ट्र एटीएस की गहन जांच के बाद यह कदम उठाया गया। जांच में साफ हुआ था कि किताबों, दस्तावेजों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए ऐसी खतरनाक सामग्री का लगातार प्रचार-प्रसार किया जा रहा था और लोग इन्हें अपने पास रख भी रहे थे।
विज्ञापन
सरकार के नोटिफिकेशन में कहा गया है कि यह प्रतिबंधित साहित्य युवाओं में कट्टरपंथ को बढ़ावा देता है, उनका ब्रेनवॉश करता है और आतंकी गिरोहों में नई भर्ती का जरिया बनता है। महाराष्ट्र एटीएस के एडिशनल पुलिस महानिदेशक ने 17 मार्च को सरकार को एक चिट्ठी लिखकर इन आतंकवादी संगठनों से जुड़े प्रचार साहित्य को तुरंत जब्त करने का सुझाव दिया था, जिसके बाद सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है।
विज्ञापन
गृह विभाग के मुताबिक, भले ही इन आतंकी गिरोहों के मुख्य संगठन सीधे भारत से काम न कर रहे हों, लेकिन इनके पब्लिकेशन और डिजिटल कंटेंट महाराष्ट्र में पाए गए हैं। साहित्य पर यह बैन लगने से अब राज्य की सुरक्षा एजेंसियों को इसे फैलाने और पढ़ने वाले लोगों पर शिकंजा कसने में काफी मदद मिलेगी। एटीएस की रिपोर्ट के हवाले से एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ये संगठन खुफिया तरीके से मुस्लिम युवाओं को भड़काने और उन्हें कट्टरपंथी बनाने की साजिश में लगे हुए थे।
प्रतिबंधित साहित्य का एक बड़ा हिस्सा 'वॉइस ऑफ खुरासान' के 45 एडिशन हैं, जिन्हें आईएसआईएस से जुड़े अल-अजैम मीडिया द्वारा छापा गया है। इसके अलावा 'आर यू स्टिल सिटिंग?', 'व्हाई शुड यू जॉइन द इस्लामिक स्टेट', अल-बायन रेडियो द्वारा ब्रॉडकास्ट 'निदा-ए-खुरासान' और 'तौहीद लेक्चर्स' पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
इसी तरह हिज्ब-उल-मुजाहिद्दीन से जुड़ी मैगजीन 'द रिवोल्यूशनरी रिसर्जेंस' के 17 एडिशन (जो अक्टूबर 2023 से दिसंबर 2025 के बीच सामने आए थे), 'कश्मीर किफाह - रेजिलीएंस एंड करेज' के 10 एडिशन, 'द सोल ऑफ रेजिस्टेंस' के 7 एडिशन और 'नवाई गजवा-ए-हिंद' के 13 एडिशनों को भी जब्त करने के आदेश जारी किए गए हैं।
पत्रिकाओं और किताबों के अलावा सरकार ने उग्रवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले कई खतरनाक ट्रेनिंग मैनुअल को भी बैन किया है। इनमें 'एक्सप्लोसिव्स - बेसिक्स', 'पेट्रोल बम - मैनुअल', 'मॉडर्न वॉरफेयर', 'हाउ कैन वी बी कंटेंट विथ एबैंडनिंग जिहाद', 'द स्कूल ऑफ यूसुफ', 'हाउ टू स्टे एनोनिमस', 'सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस कोर्स', 'हाउ टू मेक ए सुसाइड रॉकेट', 'केमिकल एक्सप्लोसिव्स बेस्ड ऑन हाइड्रोजन पेरोक्साइड', 'हर्फ़-ए-आग़ाज़' और 'द मुजाहिदीन पॉइज़न हैंडबुक' जैसी किताबें और गाइड शामिल हैं।