Maharashtra: धोखाधड़ी का आरोपी गुजरात से पकड़ा; मुंबई एयरपोर्ट, ताज होटल को बम से उड़ाने की धमकी निकली फर्जी
पुणे के पिंपरी चिंचवाड़ की एक कंपनी से करीब 2 करोड़ की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गुजरात से गिरफ्तार कर लिया है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि कंपनी की एक करोड़ की रकम बरामद कर ली गई है। उन्होंने बताया कि भोसरी एमआईडीसी स्थित कंपनी के अकाउंटेंट को 15 मई को कंपनी के डायरेक्टर के नाम से एक कथित मैसेज मिला। मैसेज में अकाउंटेंट को एक प्रोजेक्ट के लिए क्लाइंट के खाते में 1.95 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने के लिए कहा गया था। मैसेज डायरेक्टर के नाम से होने के चलते अकाउंटेंट ने बिना किसी संदेह के रकम ट्रांसफर कर दी। इसके बाद, असली डायरेक्टर को जब लेनदेन का मैसेज मिला तो धोखाधड़ी के बारे में पता चला। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की, जिसमें पता चला कि रकम गुजरात के सूरत में एक बैंक से निकाली गई है। पुलिस बैंक की सीसीटीवी फुटेज से आरोपी जेनिल वाघेला तक पहुंची, जिसे सूरत से गिरफ्तार कर लिया गया।
अमलनेर में मालगाड़ी पटरी से उतरी
कोयला लेकर गांधीनगर जा रही एक मालगाड़ी बृहस्पतिवार दोपहर 2.36 बजे महाराष्ट्र के अमलनेर स्टेशन पर पटरी से उतर गई। एक लोकोमोटिव और छह वैगन पटरी से उतरने पर नंदुरबार-सूरत मार्ग अवरुद्ध हो गया। सूचना पर मध्य रेलवे के भुसावल डिवीजन ने तुरंत मदद भेजने के लिए दुर्घटना राहत ट्रेन को रवाना किया। टीआरएस (ट्रैक्शन रोलिंग स्टॉक) विभाग से एक समर्पित ब्रेकडाउन टीम भी बहाली के प्रयासों में सहायता के लिए घटनास्थल पर पहुंची। जिसके बाद सेवाएं बहाल कर दी गईं। सीआर ने घटना के एक दिन बाद प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी।
महाराष्ट्र के श्रम अधिकारियों ने शुक्रवार को पालघर के अहिल्यानगर से 69 बंधुआ मजदूरों को मुक्त करा लिया। घटना के बाद पीड़ितों का शोषण करने के तीन आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। छुड़ाए गए बंधुआ मजदूरों में कुछ नाबालिग भी हैं। एक अधिकारी ने बताया कि पीड़ितों को मुख्य रूप से पत्थर काटने और खेतों में काम करने के लिए मजबूर किया जाता था। फिलहाल इन मजदूरों को पालघर जिले में उनके गांवों में वापस भेज दिया गया है।
Maharashtra: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने खरीफ मौसम की समीक्षा बैठक की
अधिकारियों को दिए बड़े निर्देश
शिंदे ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सुनिश्चित करें कि जलाशयों का काम मानसून आने से पहले पूरे हो जाए। किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज और फर्टिलाइजर्स उपलब्ध कराए जाए साथ ही उन्हें मृदा संरचना (मिट्टी की बनावट) में सुधार के लिए आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा कि फल फसल बीमा योजना और मुख्यमंत्री सतत कृषि योजना जैसी पहलों को व्यापक प्रचार की आवश्यकता है। उन्होंने खरीफ ऋण का 100 प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने और समय पर एग्रीस्टैक पंजीकरण की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि कोई भी पात्र प्रधानमंत्री किसान लाभार्थी इससे वंचित न रह जाए।
महाराष्ट्र के मुंबई में राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने खुफिया सूचना के आधार अफ्रीकी देश चाड के नागरिक को गिरफ्तार किया। आरोपी 3.86 करोड़ रुपये का सोना चप्पलों में छिपा कर ला रहा था। निजी तलाशी के दौरान अधिकारियों को उसकी चप्पलों की हील के अंदर चालाकी से छुपाए गए विदेशी सोने के बार मिले। इस जब्त सोने का कुल वजन 4015 ग्राम था।
डीआरआई अधिकारियों के सामने अदीस अबाबा से शुक्रवार 16 मई को आए आरोपी ने सीमा शुल्क की जांच से बचने के लिए खुद सोना छिपाकर लाने की बात स्वीकारी। डीआरआई ने सोने की जब्ती के बाद सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के प्रावधानों के तहत आरोपी को गिरफ्तार किया। मामले की आगे की जांच चल रही है।
महाराष्ट्र की मुंबई पुलिस को शहर के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और होटल ताज महल पैलेस को बम से उड़ाने की धमकी वाला एक ईमेल मिला। हालांकि, जांच के बाद यह ईमेल फर्जी निकला। शनिवार को एक अधिकारी ने बताया कि ईमेल शुक्रवार सुबह एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन के ईमेल पते भेजा गया था। इसमें लिखा था, ताज होटल/एयरपोर्ट पर 7 आरडीएक्स आईईडी रखे हैं, तुरंत सभी लोगों/कर्मचारियों को जल्द ही बाहर निकालें, नहीं तो मुंबई का ताज महल पैलेस और छत्रपति शिवाजी महाराज एयरपोर्ट एक विनाशकारी पाइप बम विस्फोट का शिकार होगा। यह काम कृत्य अफजल गुरु और सवुक्कु शंकर की अन्यायपूर्ण दी गई फांसी की याद में किया गया है। इसके बाद एयरपोर्ट और उपनगरीय सांताक्रूज के लग्जरी होटल ताज में गहन तलाशी अभियान चलाया गया,लेकिन इस दौरान कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। अधिकारी ने बताया कि अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक धमकी,सार्वजनिक उपद्रव और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे जांच की जा रही है।
बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने ऑपरेशन सिंदूर के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट करने पर कॉलेज की ओर से निलंबित की गई विधि छात्रा को राहत देने से इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति रोहित जोशी ने 14 मई के अपने आदेश में कहा कि सिम्बायोसिस लॉ स्कूल द्वारा की गई कार्रवाई दंडात्मक नहीं लगती। यह प्रशासनिक कार्रवाई है। छात्रा ने पिछले सप्ताह अदालत में याचिका दायर कर अपने निलंबन और कॉलेज द्वारा उसके खिलाफ शुरू की गई जांच को रद्द करने की मांग की थी।
उच्च न्यायालय ने छात्रा को राहत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अगर जांच में छात्रा को दोषमुक्त कर दिया जाता है तो बाद में उसके लिए विशेष परीक्षा आयोजित की जाएगी। उसकी परीक्षा 15 मई से शुरू होनी थी। हाईकोर्ट ने कॉलेज को 25 मई तक जांच पूरी करने और छात्रा को निर्णय से अवगत कराने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता छात्रा को भी जांच में सहयोग करना चाहिए। मामले की अगली सुनवाई 27 मई को होगी।