{"_id":"698a423b54511dd06d065058","slug":"maharashtra-zilla-parishad-panchayat-samiti-election-results-mahayuti-alliance-won-bjp-emerges-largest-party-2026-02-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharashtra: जिला परिषद से लेकर पंचायत समिति तक महायुति का दबदबा, BJP सबसे बड़ी पार्टी; जानें चुनाव के परिणाम","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Maharashtra: जिला परिषद से लेकर पंचायत समिति तक महायुति का दबदबा, BJP सबसे बड़ी पार्टी; जानें चुनाव के परिणाम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Tue, 10 Feb 2026 01:53 AM IST
विज्ञापन
सार
महाराष्ट्र जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव में महायुति गठबंधन ने बड़ी जीत दर्ज की है। 731 में से 552 जिला परिषद सीटें गठबंधन को मिलीं और भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी। पंचायत समिति में भी महायुति आगे रही। कई जिलों में करीबी मुकाबले हुए। विपक्ष पीछे रहा।
एकनाथ शिंदे और सीएम फडणवीस
- फोटो : ANI/X
विज्ञापन
विस्तार
महाराष्ट्र की जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीति की दिशा साफ कर दी है। हेडिंग के मुताबिक महायुति गठबंधन ने इन चुनावों में बड़ी जीत दर्ज की है और भाजपा एक बार फिर सबसे आगे रहने वाली पार्टी बनकर उभरी है। नतीजों ने दिखाया है कि शहरी, अर्धशहरी और ग्रामीण इलाकों में सत्तारूढ़ गठबंधन को मजबूत समर्थन मिला है। 2024 विधानसभा चुनाव के बाद यह जीत महायुति की लगातार बढ़त को आगे बढ़ाती दिख रही है।
राज्य चुनाव आयोग के अनुसार 12 जिला परिषदों की 731 सीटों में से महायुति ने 552 सीटें जीतीं। पंचायत समितियों की 1,462 सीटों में से 1,000 से ज्यादा सीटें भी महायुति के खाते में गईं। जिला परिषद स्तर पर भाजपा को 225 सीटें मिलीं। उसके बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को 165 और शिवसेना को 162 सीटें मिलीं। इस तरह तीनों दलों वाला महायुति गठबंधन स्पष्ट बढ़त के साथ आगे रहा और विपक्षी महा विकास अघाड़ी पीछे रह गया।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जनता का आभार जताया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नतीजों के बाद महाराष्ट्र की जनता का धन्यवाद किया। उन्होंने इसे सुशासन के समर्थन का वोट बताया। उन्होंने कहा कि पहले नगर निगम और नगर परिषद चुनावों में मिली सफलता के बाद अब जिला परिषद चुनाव में भी जनता ने महायुति को मजबूत जनादेश दिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि भाजपा शहरी, अर्धशहरी और ग्रामीण महाराष्ट्र में नंबर एक पार्टी बनकर उभरी है। उनके अनुसार नतीजे बताते हैं कि लोगों का भरोसा गठबंधन पर कायम है।
ये भी पढ़ें- 'अब तक प्रकाशित नहीं हुई फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी', जनरल नरवणे की किताब पर पेंगुइन की सफाई
विपक्षी महा विकास अघाड़ी का प्रदर्शन
विपक्षी महा विकास अघाड़ी में कांग्रेस जिला परिषद स्तर पर सबसे बड़ी पार्टी रही, लेकिन कुल आंकड़े में वह महायुति से काफी पीछे रही। कांग्रेस को 55 सीटें मिलीं। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) को 43 और शरद पवार की एनसीपी (एसपी) को 26 सीटें मिलीं। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को लातूर और रत्नागिरी में एक-एक सीट मिली। निर्दलीय उम्मीदवारों ने 20 सीटें जीतीं। अन्य पंजीकृत और अपंजीकृत दलों को भी कुछ सीटें मिलीं, लेकिन वे सत्ता की दौड़ से दूर रहे।
पंचायत समिति में भी महायुति आगे
पंचायत समिति चुनाव में भी तस्वीर लगभग वैसी ही रही। 1,462 सीटों में भाजपा ने 459 सीटें जीतीं। एनसीपी को 306 और शिवसेना को 302 सीटें मिलीं। कांग्रेस को 97, शिवसेना (यूबीटी) को 89 और एनसीपी (एसपी) को 46 सीटें मिलीं। मनसे को 2 सीटें मिलीं। निर्दलीय और छोटे दलों ने भी कुछ सीटें हासिल कीं। मतदान 7 फरवरी को हुआ था और कुल मतदान प्रतिशत 68.28 रहा, जिसे अच्छा माना गया।
पुणे, कोंकण और कई जिलों में अलग तस्वीर
उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद हुए पहले चुनाव में उनकी पार्टी एनसीपी ने पुणे जिला परिषद में बढ़त बनाए रखी और 73 में से 51 सीटें जीतीं। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने रायगढ़ जिला परिषद में 59 में से 23 और रत्नागिरी में 56 में से 41 सीटें जीतीं। भाजपा ने सिंधुदुर्ग में 50 में से 27 सीटें जीतीं। सतारा, सोलापुर, छत्रपति संभाजीनगर, परभणी, धाराशिव और लातूर में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि कोल्हापुर में कांग्रेस आगे रही।
ये भी पढ़ें- एपस्टीन के खुलासों के बाद स्टार्मर की कुर्सी पर संकट; सासंदों से बोले- थोड़ा कार्यकाल बचा, पद से न हटाएं
मराठवाड़ा में भाजपा की बढ़त, पर बहुमत नहीं
मराठवाड़ा क्षेत्र की चार जिला परिषदों में से तीन में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी, लेकिन किसी भी जिले में अकेले बहुमत का आंकड़ा पार नहीं कर सकी। लातूर में कांग्रेस 59 में से 23 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी रही। छत्रपति संभाजीनगर में भाजपा ने 63 में से 23 सीटें जीतीं और उसे सरकार बनाने के लिए सहयोगियों की जरूरत होगी। परभणी में भाजपा को 54 में से 24 सीटें मिलीं। धाराशिव में भाजपा, शिवसेना और एनसीपी मिलकर बढ़त में रहे।
बेहद करीबी मुकाबले भी रहे चर्चा में
कुछ सीटों पर बेहद करीबी मुकाबले देखने को मिले। धाराशिव की धोकी पंचायत समिति सीट पर शिवसेना (यूबीटी) उम्मीदवार ने भाजपा प्रत्याशी को सिर्फ एक वोट से हराया। लातूर में एक जिला परिषद सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार ने भाजपा प्रत्याशी को दो वोट से मात दी। परभणी में पूर्व मंत्री सुरेश वरपुडकर के परिवार के पांच में से चार उम्मीदवार हार गए। यह नतीजे बताते हैं कि स्थानीय स्तर पर मुकाबले बेहद कड़े रहे।
नेताओं के बयान और राजनीतिक संदेश
राज्य भाजपा अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने कहा कि यह जीत प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों और विकास एजेंडा पर भरोसे का नतीजा है। उन्होंने कहा कि कोंकण जैसे इलाकों में भी महायुति को समर्थन मिला। एनसीपी नेता सुनील तटकरे ने नतीजों को अजित पवार के काम को जनता की श्रद्धांजलि बताया। एकनाथ शिंदे ने कहा कि शिवसेना का ग्रामीण आधार और मजबूत हुआ है। कुल मिलाकर नतीजों ने दिखाया कि फिलहाल राज्य में महायुति गठबंधन बढ़त में है।
अन्य वीडियो-
Trending Videos
राज्य चुनाव आयोग के अनुसार 12 जिला परिषदों की 731 सीटों में से महायुति ने 552 सीटें जीतीं। पंचायत समितियों की 1,462 सीटों में से 1,000 से ज्यादा सीटें भी महायुति के खाते में गईं। जिला परिषद स्तर पर भाजपा को 225 सीटें मिलीं। उसके बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को 165 और शिवसेना को 162 सीटें मिलीं। इस तरह तीनों दलों वाला महायुति गठबंधन स्पष्ट बढ़त के साथ आगे रहा और विपक्षी महा विकास अघाड़ी पीछे रह गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जनता का आभार जताया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नतीजों के बाद महाराष्ट्र की जनता का धन्यवाद किया। उन्होंने इसे सुशासन के समर्थन का वोट बताया। उन्होंने कहा कि पहले नगर निगम और नगर परिषद चुनावों में मिली सफलता के बाद अब जिला परिषद चुनाव में भी जनता ने महायुति को मजबूत जनादेश दिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि भाजपा शहरी, अर्धशहरी और ग्रामीण महाराष्ट्र में नंबर एक पार्टी बनकर उभरी है। उनके अनुसार नतीजे बताते हैं कि लोगों का भरोसा गठबंधन पर कायम है।
ये भी पढ़ें- 'अब तक प्रकाशित नहीं हुई फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी', जनरल नरवणे की किताब पर पेंगुइन की सफाई
विपक्षी महा विकास अघाड़ी का प्रदर्शन
विपक्षी महा विकास अघाड़ी में कांग्रेस जिला परिषद स्तर पर सबसे बड़ी पार्टी रही, लेकिन कुल आंकड़े में वह महायुति से काफी पीछे रही। कांग्रेस को 55 सीटें मिलीं। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) को 43 और शरद पवार की एनसीपी (एसपी) को 26 सीटें मिलीं। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को लातूर और रत्नागिरी में एक-एक सीट मिली। निर्दलीय उम्मीदवारों ने 20 सीटें जीतीं। अन्य पंजीकृत और अपंजीकृत दलों को भी कुछ सीटें मिलीं, लेकिन वे सत्ता की दौड़ से दूर रहे।
पंचायत समिति में भी महायुति आगे
पंचायत समिति चुनाव में भी तस्वीर लगभग वैसी ही रही। 1,462 सीटों में भाजपा ने 459 सीटें जीतीं। एनसीपी को 306 और शिवसेना को 302 सीटें मिलीं। कांग्रेस को 97, शिवसेना (यूबीटी) को 89 और एनसीपी (एसपी) को 46 सीटें मिलीं। मनसे को 2 सीटें मिलीं। निर्दलीय और छोटे दलों ने भी कुछ सीटें हासिल कीं। मतदान 7 फरवरी को हुआ था और कुल मतदान प्रतिशत 68.28 रहा, जिसे अच्छा माना गया।
पुणे, कोंकण और कई जिलों में अलग तस्वीर
उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद हुए पहले चुनाव में उनकी पार्टी एनसीपी ने पुणे जिला परिषद में बढ़त बनाए रखी और 73 में से 51 सीटें जीतीं। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने रायगढ़ जिला परिषद में 59 में से 23 और रत्नागिरी में 56 में से 41 सीटें जीतीं। भाजपा ने सिंधुदुर्ग में 50 में से 27 सीटें जीतीं। सतारा, सोलापुर, छत्रपति संभाजीनगर, परभणी, धाराशिव और लातूर में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि कोल्हापुर में कांग्रेस आगे रही।
ये भी पढ़ें- एपस्टीन के खुलासों के बाद स्टार्मर की कुर्सी पर संकट; सासंदों से बोले- थोड़ा कार्यकाल बचा, पद से न हटाएं
मराठवाड़ा में भाजपा की बढ़त, पर बहुमत नहीं
मराठवाड़ा क्षेत्र की चार जिला परिषदों में से तीन में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी, लेकिन किसी भी जिले में अकेले बहुमत का आंकड़ा पार नहीं कर सकी। लातूर में कांग्रेस 59 में से 23 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी रही। छत्रपति संभाजीनगर में भाजपा ने 63 में से 23 सीटें जीतीं और उसे सरकार बनाने के लिए सहयोगियों की जरूरत होगी। परभणी में भाजपा को 54 में से 24 सीटें मिलीं। धाराशिव में भाजपा, शिवसेना और एनसीपी मिलकर बढ़त में रहे।
बेहद करीबी मुकाबले भी रहे चर्चा में
कुछ सीटों पर बेहद करीबी मुकाबले देखने को मिले। धाराशिव की धोकी पंचायत समिति सीट पर शिवसेना (यूबीटी) उम्मीदवार ने भाजपा प्रत्याशी को सिर्फ एक वोट से हराया। लातूर में एक जिला परिषद सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार ने भाजपा प्रत्याशी को दो वोट से मात दी। परभणी में पूर्व मंत्री सुरेश वरपुडकर के परिवार के पांच में से चार उम्मीदवार हार गए। यह नतीजे बताते हैं कि स्थानीय स्तर पर मुकाबले बेहद कड़े रहे।
नेताओं के बयान और राजनीतिक संदेश
राज्य भाजपा अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने कहा कि यह जीत प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों और विकास एजेंडा पर भरोसे का नतीजा है। उन्होंने कहा कि कोंकण जैसे इलाकों में भी महायुति को समर्थन मिला। एनसीपी नेता सुनील तटकरे ने नतीजों को अजित पवार के काम को जनता की श्रद्धांजलि बताया। एकनाथ शिंदे ने कहा कि शिवसेना का ग्रामीण आधार और मजबूत हुआ है। कुल मिलाकर नतीजों ने दिखाया कि फिलहाल राज्य में महायुति गठबंधन बढ़त में है।
अन्य वीडियो-
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन