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नागरिकता नियमों में बड़ा बदलाव: सीमावर्ती राज्यों के डीएम को मिला नागरिकता देने का अधिकार, क्या है नियम?
Thu, 20 Aug 2026 02:03 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Thu, 20 Aug 2026 02:03 AM IST
सार
केंद्र सरकार ने नागरिकता देने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब गुजरात, राजस्थान, पंजाब, पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा के जिलाधिकारियों के साथ जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी जिलाधिकारी पात्र आवेदकों को पंजीकरण या प्राकृतिककरण के जरिए भारतीय नागरिकता दे सकेंगे। लेकिन नागरिकता पाने के लिए दस्तावेजों की जांच, जरूरी पूछताछ और व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर शपथ लेना अनिवार्य रहेगा। नए नियमों से क्या बदलेगा? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
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नागरिकता पाने वालों के लिए नया नियम
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
केंद्र सरकार ने नागरिकता से जुड़े नियमों में बदलाव करते हुए कुछ सीमावर्ती राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के जिलाधिकारियों को नागरिकता देने का अधिकार दिया है। नए नियमों के तहत गुजरात, राजस्थान, पंजाब, पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा के साथ जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में रहने वाले पात्र आवेदकों की नागरिकता संबंधी अर्जियों पर जिलाधिकारी फैसला कर सकेंगे। असम और त्रिपुरा में यह व्यवस्था जनजातीय क्षेत्रों को छोड़कर लागू होगी।
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अब कौन-कौन से काम जिलाधिकारी कर सकेंगे?
नए नियमों के अनुसार जिलाधिकारी नागरिकता के लिए मिलने वाले आवेदनों को ऑनलाइन प्राप्त करेंगे, उनकी जांच करेंगे और जरूरत पड़ने पर आवेदक से जुड़ी जानकारी की पड़ताल भी करेंगे। यदि जांच के बाद आवेदक को नागरिकता के लिए योग्य और उपयुक्त पाया जाता है तो जिलाधिकारी सीधे भारतीय नागरिकता देने के लिए अधिकृत होंगे। पहले ये अधिकार सशक्त समितियों और नामित अधिकारियों के पास थे। अब इनकी जगह जिलाधिकारी सक्षम प्राधिकारी होंगे।
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लंबित आवेदनों का क्या होगा?
जिन मामलों पर पहले से प्रक्रिया चल रही है और जो सशक्त समितियों या जिला स्तरीय समितियों के पास लंबित हैं, उन्हें संबंधित जिलाधिकारियों को तत्काल भेजा जाएगा। आवेदन जमा होने के बाद व्यवस्था के तहत आवेदक को स्वत: पावती भी मिलेगी। इसके बाद जिलाधिकारी दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे और नागरिकता कानून के तहत आवेदक की पात्रता की जांच करेंगे। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त पूछताछ भी की जा सकेगी।
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