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Maharashtra: ठाणे में भाजपा से नाराज शिवसेना की महापौर, बोलीं- अलग-अलग रुख से जनता को गलत संदेश

Wed, 19 Aug 2026 10:59 PM IST
Devesh Tripathi पीटीआई, ठाणे
पीटीआई, ठाणे Published by: Devesh Tripathi Updated Wed, 19 Aug 2026 10:59 PM IST
सार

ठाणे की महापौर शर्मिला पिंपलोलकर ने सहयोगी भाजपा के कुछ फैसलों पर असहमति जताते हुए एकरूपता की जरूरत बताई। उनका कहना है कि सर्वदलीय बैठक में सहमति बनने के बाद आम सभा में उसका विरोध करना उचित नहीं है और इससे नागरिकों के बीच भ्रम पैदा होता है। उन्होंने भाजपा के उपमहापौर के रुख पर भी आपत्ति दर्ज कराई और मतभेदों को महापौर कक्ष में बातचीत से सुलझाने की सलाह दी।

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शिवसेना नेता और महापौर शर्मिला पिंपलोलकर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

ठाणे शहर की महापौर और शिवसेना नेता शर्मिला पिंपलोलकर ने बुधवार को सहयोगी भाजपा के रुख पर नाराजगी जताई। उन्होंने भाजपा से विभिन्न मुद्दों पर स्पष्ट और एक समान रुख बनाए रखने को कहा। उन्होंने ठाणे के विकास के लिए राजनीति से ऊपर उठकर एकजुट होने की जरूरत पर भी जोर दिया।
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पिंपलोलकर ने पत्रकारों से कहा, "सर्वदलीय बैठक में जिन विषयों को मंजूरी दी गई, आम सभा की बैठक में उनका विरोध करना गलत है। ठाणे के विकास के लिए सभी को एक साथ आना चाहिए।" महापौर ने कहा कि सहयोगी भाजपा को अपना रुख स्पष्ट रखना चाहिए।
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भाजपा के उपमहापौर से क्यों खफा है शिंदे की शिवसेना?
उन्होंने कहा, "सर्वदलीय बैठक में एक रुख और आम सभा की बैठक में दूसरा रुख अपनाने से जनता के बीच गलत संदेश जाता है। उपमहापौर, जो भाजपा से हैं, का मौजूदा रुख सही नहीं लगता। अगर कोई आपत्ति है तो आम सभा की बैठक में हंगामा करने के बजाय महापौर के कक्ष में विस्तृत चर्चा के जरिए उसे सुलझाना अधिक उचित है।"
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टैक्स बढ़ाने को लेकर महापौर पिंपलोलकर ने क्या कहा?
कर बढ़ाने के प्रस्ताव पर स्थिति स्पष्ट करते हुए महापौर ने कहा कि इसका उद्देश्य ठाणे के विकास के लिए जरूरी राजस्व जुटाना और लंबे समय से चले आ रहे घाटे को कम करना है। उन्होंने कहा, "इस फैसले का उद्देश्य हर साल करीब 1,600 करोड़ रुपये जुटाना है, जिसका इस्तेमाल सड़कों, जलापूर्ति, स्वच्छता और शिक्षा के लिए किया जाएगा।"
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