{"_id":"69ce3cccb314915ba405afa1","slug":"malda-unrest-bjp-question-tmc-mamata-govt-anarchy-supreme-court-raps-over-bengla-law-and-order-hindi-updates-2026-04-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"मालदा में बवाल पर BJP आक्रामक: सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद ममता सरकार को घेरा, अराजकता फैलाने का लगाया आरोप","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
मालदा में बवाल पर BJP आक्रामक: सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद ममता सरकार को घेरा, अराजकता फैलाने का लगाया आरोप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राकेश कुमार
Updated Thu, 02 Apr 2026 03:24 PM IST
विज्ञापन
सार
पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर वोटर लिस्ट की जांच करने गए 7 न्यायिक अधिकारियों को उग्र भीड़ ने 9 घंटे तक बंधक बनाए रखा। भाजपा ने इसे आजाद भारत के इतिहास का काला दिन बताते हुए ममता सरकार को घेरा है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने इस पर संज्ञान लेते हुए राज्य के बड़े अफसरों को नोटिस जारी किया है।
गौरव भाटिया, भाजपा प्रवक्ता
- फोटो : @अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
पश्चिम बंगाल से एक ऐसी हैरान करने वाली खबर सामने आई है, जिसने देश की न्यायपालिका और कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल, मालदा जिले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मतदाता सूची के सुधार का काम करने पहुंचे सात न्यायिक अधिकारी को एक उग्र भीड़ ने करीब 9 घंटे तक बंधक बनाकर रखा। बंधक बनाए गए अधिकारियों में तीन महिला भी शामिल थीं।
'स्वतंत्र भारत के इतिहास में शायद ही कभी ऐसी स्थिति देखी'
इस घटना के बाद देश की सियासत गरमा गई है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने ममता बनर्जी सरकार पर हमला बोला है। भाटिया ने कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में शायद ही कभी ऐसी स्थिति देखी गई हो, जहां सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद पश्चिम बंगाल में चल रही कानूनी प्रक्रिया को इस तरह से रोका गया हो। उन्होंने कहा कि कोई सोच भी नहीं सकता था कि ममता बनर्जी की सरकार में कानून-व्यवस्था की हालत इतनी बिगड़ जाएगी।
हिंसा और टीएमसी एक-दूसरे के पर्याय- स्मृति ईरानी
भाजपा नेत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि भ्रष्टाचार और टीएमसी, हिंसा और टीएमसी एक-दूसरे के पर्याय बन गए हैं। पश्चिम बंगाल की जनता ने यह संकल्प लिया है कि भ्रष्टाचार-मुक्त पश्चिम बंगाल बनाने के लिए, डर के माहौल को खत्म करने के लिए, महिलाओं की गरिमा को बनाए रखने के लिए, पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनाना जरूरी हो गया है।
अब तक सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या हुई- रवि किशन
वहीं, सांसद रवि किशन ने कहा कि मैं सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद करता हूं। पिछले दो चुनावों से, जब भी मैं प्रचार के लिए बाहर जाता था, तो मुझे वहां सुरक्षा नहीं दी जाती थी। यह एक गंभीर समस्या थी। भाजपा सदस्यों के साथ ऐसा होता रहा है। अब तक वहां सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या की जा चुकी है। दीदी चुनाव हार रही हैं और भाजपा सरकार बना रही है।
यह भी पढ़ें: AAP Politics: क्या राघव चड्ढा से आप का मोहभंग? अब संसद में मौका नहीं मिलेगा! अशोक मित्तल को मिला उप-नेता पद
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट की जांच और सुधार के लिए 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (एसआईआर) प्रक्रिया चलाने का आदेश दिया था। निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इस काम की जिम्मेदारी न्यायिक अधिकारियों को सौंपी गई थी। 1 अप्रैल को मालदा जिले के कालियाचक-II ब्लॉक में ये अधिकारी अपना काम कर रहे थे।
इसी दौरान दोपहर करीब दो से तीन बजे के बीच भीड़ ने दफ्तर को घेर लिया। इतना ही नहीं, भीड़ ने अधिकारियों को बंधक बना लिया। हद तो तब हो गई जब इन अधिकारियों को कई घंटों तक पानी और खाना तक नसीब नहीं हुआ। उपद्रवियों ने नेशनल हाईवे-12 को भी जाम कर दिया। देर रात करीब 1 बजे भारी पुलिस बलों ने बड़ी मुश्किल से न्यायिक अधिकारियों को वहां से सुरक्षित निकाला। इस दौरान अधिकारियों को ले जा रही गाड़ियों पर पथराव की भी खबरें आईं।
सुप्रीम कोर्ट ने लिया कड़ा एक्शन
शीर्ष अदालत ने घटना पर संज्ञान लेते हुए बेहद सख्त रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली बेंच ने इसे न्यायिक अधिकारियों को डराने और अदालती प्रक्रिया को रोकने का एक 'सोचा-समझा प्रयास' बताया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इतना ही नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई या एनआईए को सौंपने की बात कही है।
ममता सरकार और भाजपा आमने-सामने
इस घटना ने बंगाल की राजनीति में भूचाल ला दिया है। बीजेपी का आरोप है कि ममता बनर्जी के राज में 'जंगलराज' चल रहा है और कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। वहीं, सत्ताधारी टीएमसी का कहना है कि वोटर लिस्ट से जानबूझकर खास वर्ग के लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं।
Trending Videos
'स्वतंत्र भारत के इतिहास में शायद ही कभी ऐसी स्थिति देखी'
इस घटना के बाद देश की सियासत गरमा गई है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने ममता बनर्जी सरकार पर हमला बोला है। भाटिया ने कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में शायद ही कभी ऐसी स्थिति देखी गई हो, जहां सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद पश्चिम बंगाल में चल रही कानूनी प्रक्रिया को इस तरह से रोका गया हो। उन्होंने कहा कि कोई सोच भी नहीं सकता था कि ममता बनर्जी की सरकार में कानून-व्यवस्था की हालत इतनी बिगड़ जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
हिंसा और टीएमसी एक-दूसरे के पर्याय- स्मृति ईरानी
भाजपा नेत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि भ्रष्टाचार और टीएमसी, हिंसा और टीएमसी एक-दूसरे के पर्याय बन गए हैं। पश्चिम बंगाल की जनता ने यह संकल्प लिया है कि भ्रष्टाचार-मुक्त पश्चिम बंगाल बनाने के लिए, डर के माहौल को खत्म करने के लिए, महिलाओं की गरिमा को बनाए रखने के लिए, पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनाना जरूरी हो गया है।
अब तक सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या हुई- रवि किशन
वहीं, सांसद रवि किशन ने कहा कि मैं सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद करता हूं। पिछले दो चुनावों से, जब भी मैं प्रचार के लिए बाहर जाता था, तो मुझे वहां सुरक्षा नहीं दी जाती थी। यह एक गंभीर समस्या थी। भाजपा सदस्यों के साथ ऐसा होता रहा है। अब तक वहां सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या की जा चुकी है। दीदी चुनाव हार रही हैं और भाजपा सरकार बना रही है।
यह भी पढ़ें: AAP Politics: क्या राघव चड्ढा से आप का मोहभंग? अब संसद में मौका नहीं मिलेगा! अशोक मित्तल को मिला उप-नेता पद
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट की जांच और सुधार के लिए 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (एसआईआर) प्रक्रिया चलाने का आदेश दिया था। निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इस काम की जिम्मेदारी न्यायिक अधिकारियों को सौंपी गई थी। 1 अप्रैल को मालदा जिले के कालियाचक-II ब्लॉक में ये अधिकारी अपना काम कर रहे थे।
इसी दौरान दोपहर करीब दो से तीन बजे के बीच भीड़ ने दफ्तर को घेर लिया। इतना ही नहीं, भीड़ ने अधिकारियों को बंधक बना लिया। हद तो तब हो गई जब इन अधिकारियों को कई घंटों तक पानी और खाना तक नसीब नहीं हुआ। उपद्रवियों ने नेशनल हाईवे-12 को भी जाम कर दिया। देर रात करीब 1 बजे भारी पुलिस बलों ने बड़ी मुश्किल से न्यायिक अधिकारियों को वहां से सुरक्षित निकाला। इस दौरान अधिकारियों को ले जा रही गाड़ियों पर पथराव की भी खबरें आईं।
सुप्रीम कोर्ट ने लिया कड़ा एक्शन
शीर्ष अदालत ने घटना पर संज्ञान लेते हुए बेहद सख्त रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली बेंच ने इसे न्यायिक अधिकारियों को डराने और अदालती प्रक्रिया को रोकने का एक 'सोचा-समझा प्रयास' बताया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इतना ही नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई या एनआईए को सौंपने की बात कही है।
ममता सरकार और भाजपा आमने-सामने
इस घटना ने बंगाल की राजनीति में भूचाल ला दिया है। बीजेपी का आरोप है कि ममता बनर्जी के राज में 'जंगलराज' चल रहा है और कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। वहीं, सत्ताधारी टीएमसी का कहना है कि वोटर लिस्ट से जानबूझकर खास वर्ग के लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन