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CJP: ममता बनर्जी का केंद्र पर निशाना, कहा- जरूरत पड़ी तो सीजेपी के आंदोलन में शामिल होने दिल्ली जाऊंगी
सार
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वह स्वयं आंदोलन के समर्थन में दिल्ली जाएंगी। उन्होंने केंद्र सरकार पर विरोध की आवाज दबाने और लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। ममता ने कोविड काल की खरीद, धार्मिक आयोजनों और केंद्र की नीतियों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।
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ममता बनर्जी, टीएमसी सुप्रीमो
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई
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विस्तार
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने दिल्ली में सीजेपी के संसद मार्च के दौरान छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो वह सीजेपी के आंदोलन में शामिल होने के लिए दिल्ली जाएंगी। मंगलवार को कोलकाता में टीएमसी की वार्षिक 21 जुलाई शहीद दिवस रैली को संबोधित करते हुए ममता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नीत केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों को दबाने का आरोप लगाया।
ममता ने मंगलवार को दिल्ली में हुई झड़पों का जिक्र करते हुए कहा, अगर जरूरत पड़ी तो मैं दिल्ली जाऊंगी और सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल होऊंगी। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारी जब संसद परिसर के करीब पहुंचे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी कार घुमा ली और वहां से चले गए। हालांकि, ममता ने इस दावे के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया।
भाजपा सरकार पर लगाए कौन से गंभीर आरोप?
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने छात्रों के आंदोलन के खिलाफ कार्रवाई कर लोकतंत्र के प्रति असहिष्णुता दिखाई है। ममता ने आरोप लगाया कि सवाल पूछने वाले छात्रों को संवाद के बजाय लाठी और आंसू गैस का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने भाजपा सरकार पर तानाशाही की हदें पार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह लोकतंत्र बचाने की लड़ाई है।
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ममता ने कोविड-19 महामारी के दौरान कथित खरीद अनियमितताओं की जांच को लेकर भी केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को 1993 के पुलिस गोलीकांड की लंबित जांच रिपोर्ट विधानसभा में पेश की थी। साथ ही अम्फान राहत वितरण और कोविड काल में चिकित्सा उपकरणों की खरीद में कथित अनियमितताओं से जुड़ी रिपोर्ट सदन में रखने की बात कही थी। इस पर ममता ने दावा किया कि कोविड से जुड़े मामलों की जांच हुई तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम भी सामने आएगा।
धार्मिक आधार पर भेदभाव का लगाया आरोप
उन्होंने धार्मिक आयोजनों को लेकर भी केंद्र पर भेदभाव का आरोप लगाया। ममता ने कहा कि योग दिवस कार्यक्रम के लिए रेड रोड को सात दिनों तक बंद रखा गया, लेकिन बकरीद पर नमाज की अनुमति नहीं दी गई।
सीजेपी का आंदोलन कथित परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध से शुरू हुआ था। सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के बाद प्रदर्शन तेज हुआ। प्रदर्शनकारी वांगचुक की रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और कथित आत्महत्या करने वाले एनईईटी अभ्यर्थियों के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। सोमवार को संसद मार्च के दौरान हुई झड़पों में 118 से अधिक पुलिसकर्मी और करीब 60 प्रदर्शनकारी घायल हुए।
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ममता ने मंगलवार को दिल्ली में हुई झड़पों का जिक्र करते हुए कहा, अगर जरूरत पड़ी तो मैं दिल्ली जाऊंगी और सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल होऊंगी। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारी जब संसद परिसर के करीब पहुंचे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी कार घुमा ली और वहां से चले गए। हालांकि, ममता ने इस दावे के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया।
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भाजपा सरकार पर लगाए कौन से गंभीर आरोप?
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने छात्रों के आंदोलन के खिलाफ कार्रवाई कर लोकतंत्र के प्रति असहिष्णुता दिखाई है। ममता ने आरोप लगाया कि सवाल पूछने वाले छात्रों को संवाद के बजाय लाठी और आंसू गैस का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने भाजपा सरकार पर तानाशाही की हदें पार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह लोकतंत्र बचाने की लड़ाई है।
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ममता ने कोविड-19 महामारी के दौरान कथित खरीद अनियमितताओं की जांच को लेकर भी केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को 1993 के पुलिस गोलीकांड की लंबित जांच रिपोर्ट विधानसभा में पेश की थी। साथ ही अम्फान राहत वितरण और कोविड काल में चिकित्सा उपकरणों की खरीद में कथित अनियमितताओं से जुड़ी रिपोर्ट सदन में रखने की बात कही थी। इस पर ममता ने दावा किया कि कोविड से जुड़े मामलों की जांच हुई तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम भी सामने आएगा।
धार्मिक आधार पर भेदभाव का लगाया आरोप
उन्होंने धार्मिक आयोजनों को लेकर भी केंद्र पर भेदभाव का आरोप लगाया। ममता ने कहा कि योग दिवस कार्यक्रम के लिए रेड रोड को सात दिनों तक बंद रखा गया, लेकिन बकरीद पर नमाज की अनुमति नहीं दी गई।
सीजेपी का आंदोलन कथित परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध से शुरू हुआ था। सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के बाद प्रदर्शन तेज हुआ। प्रदर्शनकारी वांगचुक की रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और कथित आत्महत्या करने वाले एनईईटी अभ्यर्थियों के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। सोमवार को संसद मार्च के दौरान हुई झड़पों में 118 से अधिक पुलिसकर्मी और करीब 60 प्रदर्शनकारी घायल हुए।