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MEA: ऊर्जा सुरक्षा से लेकर पश्चिम एशिया संकट पर विदेश मंत्रालय ने कही ये बात, जानें क्यों PAK को लगाई लताड़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Devesh Tripathi
Updated Fri, 27 Mar 2026 07:07 PM IST
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सार
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के बयान भारत की विदेश नीति के बहुआयामी दृष्टिकोण को दर्शाते हैं। ऊर्जा सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता, ऐतिहासिक न्याय और वैश्विक सहयोग में भारत की सक्रिय भूमिका के बारे में रणधीर जायसवाल ने देश का रुख बताया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल
- फोटो : ANI
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विस्तार
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर जानकारी साझा की। उन्होंने भारत की ऊर्जा सुरक्षा, पश्चिम एशिया में जारी संकट, 1971 के युद्ध के दौरान पाकिस्तान द्वारा किए गए अत्याचार और वैश्विक कूटनीतिक मंचों पर भारत की सक्रिय भूमिका के मुद्दे पर बात की।
ऊर्जा सुरक्षा: सुरक्षित जहाजरानी और आयात रणनीति
रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत ने जलडमरूमध्य होर्मुज को पार करने वाले भारतीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि एलपीजी से लदे चार जहाज सुरक्षित रूप से भारत पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और जहाजों की सुरक्षा के लिए हम कई देशों के संपर्क में हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए एक व्यापक रणनीति पर काम कर रहा है, जिसमें 1.4 अरब लोगों की आवश्यकताओं को पूरा करना, बाजार की गतिशीलता और वैश्विक परिस्थितियों का ध्यान रखना शामिल है। यह बहुआयामी दृष्टिकोण भारत की ऊर्जा कूटनीति का मूल आधार है।
पश्चिम एशिया संकट पर भारत का रुख
पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रमों पर भारत बारीकी से नजर रखे हुए है। जायसवाल ने जलडमरूमध्य होर्मुज से जहाजों के सुरक्षित और निर्बाध आवागमन को प्राथमिकता देने की भारत की निरंतर अपील को दोहराया। उन्होंने कहा कि भारत ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
1971 के युद्ध और बांग्लादेश की न्याय की मांग
रणधीर जायसवाल ने 1971 के 'ऑपरेशन सर्चलाइट' के दौरान पाकिस्तान द्वारा किए गए भयानक अत्याचारों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह नरसंहार लाखों निर्दोष बांग्लादेशी लोगों की लक्षित हत्याओं और महिलाओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर यौन अपराधों से जुड़ा था।
उन्होंने कहा कि इन अत्याचारों ने दुनिया को झकझोर दिया था, लेकिन पाकिस्तान आज भी अपने अपराधों से इनकार करता है। उन्होंने कहा कि भारत बांग्लादेश की न्याय की मांग का समर्थन करता है।
जी7 में विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत की भागीदारी
जायसवाल ने बताया कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर पेरिस में जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग ले रहे हैं। उन्होंने फ्रांस, जर्मनी, दक्षिण कोरिया, जापान और ब्राजील सहित कई देशों के अपने समकक्षों के साथ मुलाकात की है।
उन्होंने बताया कि इस बैठक में विदेश मंत्री ने वैश्विक शासन, सुरक्षा परिषद सुधारों, शांति स्थापना अभियानों को सुव्यवस्थित करने और मानवीय आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर जोर दिया। उन्होंने खाद्य, ईंधन और उर्वरक से संबंधित देशों की चिंताओं को भी उठाया, जो वैश्विक संघर्षों के प्रभावों को दर्शाते हैं।
अबू धाबी से वापस लाया जा रहा भारतीय नागरिक का शव
अबू धाबी में मलबा गिरने से एक भारतीय नागरिक की मृत्यु के बारे में प्रवक्ता ने बताया कि भारतीय मिशन जल्द से जल्द पार्थिव शरीर को वापस भेजने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान स्थिति में किसी भी निकासी की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि खाड़ी देशों और भारत के बीच प्रतिदिन सैकड़ों उड़ानें संचालित हो रही हैं।
नेपाल के पीएम बालेन को प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने नेपाल में बालेंद्र शाह के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नेपाल में आज प्रधानमंत्री पद के लिए शपथ ग्रहण हुआ। इस कार्यक्रम में भारत के राजदूत शामिल हुए। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी ने उन्हें बालेंद्र शाह को बधाई दी है। पीएम मोदी ने उनसे भारत और नेपाल के मिलकर काम करने पर बात की।
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रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत ने जलडमरूमध्य होर्मुज को पार करने वाले भारतीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि एलपीजी से लदे चार जहाज सुरक्षित रूप से भारत पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और जहाजों की सुरक्षा के लिए हम कई देशों के संपर्क में हैं।
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए एक व्यापक रणनीति पर काम कर रहा है, जिसमें 1.4 अरब लोगों की आवश्यकताओं को पूरा करना, बाजार की गतिशीलता और वैश्विक परिस्थितियों का ध्यान रखना शामिल है। यह बहुआयामी दृष्टिकोण भारत की ऊर्जा कूटनीति का मूल आधार है।
पश्चिम एशिया संकट पर भारत का रुख
पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रमों पर भारत बारीकी से नजर रखे हुए है। जायसवाल ने जलडमरूमध्य होर्मुज से जहाजों के सुरक्षित और निर्बाध आवागमन को प्राथमिकता देने की भारत की निरंतर अपील को दोहराया। उन्होंने कहा कि भारत ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
1971 के युद्ध और बांग्लादेश की न्याय की मांग
रणधीर जायसवाल ने 1971 के 'ऑपरेशन सर्चलाइट' के दौरान पाकिस्तान द्वारा किए गए भयानक अत्याचारों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह नरसंहार लाखों निर्दोष बांग्लादेशी लोगों की लक्षित हत्याओं और महिलाओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर यौन अपराधों से जुड़ा था।
उन्होंने कहा कि इन अत्याचारों ने दुनिया को झकझोर दिया था, लेकिन पाकिस्तान आज भी अपने अपराधों से इनकार करता है। उन्होंने कहा कि भारत बांग्लादेश की न्याय की मांग का समर्थन करता है।
जी7 में विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत की भागीदारी
जायसवाल ने बताया कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर पेरिस में जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग ले रहे हैं। उन्होंने फ्रांस, जर्मनी, दक्षिण कोरिया, जापान और ब्राजील सहित कई देशों के अपने समकक्षों के साथ मुलाकात की है।
उन्होंने बताया कि इस बैठक में विदेश मंत्री ने वैश्विक शासन, सुरक्षा परिषद सुधारों, शांति स्थापना अभियानों को सुव्यवस्थित करने और मानवीय आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर जोर दिया। उन्होंने खाद्य, ईंधन और उर्वरक से संबंधित देशों की चिंताओं को भी उठाया, जो वैश्विक संघर्षों के प्रभावों को दर्शाते हैं।
अबू धाबी से वापस लाया जा रहा भारतीय नागरिक का शव
अबू धाबी में मलबा गिरने से एक भारतीय नागरिक की मृत्यु के बारे में प्रवक्ता ने बताया कि भारतीय मिशन जल्द से जल्द पार्थिव शरीर को वापस भेजने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान स्थिति में किसी भी निकासी की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि खाड़ी देशों और भारत के बीच प्रतिदिन सैकड़ों उड़ानें संचालित हो रही हैं।
नेपाल के पीएम बालेन को प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने नेपाल में बालेंद्र शाह के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नेपाल में आज प्रधानमंत्री पद के लिए शपथ ग्रहण हुआ। इस कार्यक्रम में भारत के राजदूत शामिल हुए। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी ने उन्हें बालेंद्र शाह को बधाई दी है। पीएम मोदी ने उनसे भारत और नेपाल के मिलकर काम करने पर बात की।
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