{"_id":"6a53934a1762a0bdd100170b","slug":"minister-agnimitra-challenges-tmc-to-hold-july-21-rally-at-brigade-parade-ground-2026-07-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"21 जुलाई रैली पर भाजपा का तृणमूल कांग्रेस पर हमला: अग्निमित्रा पॉल बोलीं- TMC अब, टुकड़े-टुकड़े गैंग बन गई है","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
21 जुलाई रैली पर भाजपा का तृणमूल कांग्रेस पर हमला: अग्निमित्रा पॉल बोलीं- TMC अब, टुकड़े-टुकड़े गैंग बन गई है
Sun, 12 Jul 2026 06:44 PM IST
Pavan
पीटीआई, आसनसोल
पीटीआई, आसनसोल
Published by: Pavan
Updated Sun, 12 Jul 2026 06:44 PM IST
सार
पश्चिम बंगाल में 21 जुलाई को होने वाली तृणमूल कांग्रेस की 'शहीद दिवस' रैली को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। राज्य की शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने पूर्व सीएम ममता बनर्जी की पार्टी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर टीएमसी को अपनी वास्तविक ताकत दिखानी है तो वह एस्प्लेनेड की बजाय ब्रिगेड परेड ग्राउंड में रैली करे।
विज्ञापन
अग्निमित्रा पॉल, मंत्री, पश्चिम बंगाल
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पश्चिम बंगाल में 21 जुलाई को होने वाले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 'शहीद दिवस' कार्यक्रम को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। राज्य की शहरी विकास मंत्री और भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल ने रविवार को टीएमसी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अब पार्टी पहले जैसी नहीं रही, बल्कि 'टुकड़े-टुकड़े गैंग (टीटीजी)' बन गई है। उन्होंने टीएमसी को चुनौती दी कि अगर उन्हें अपनी असली ताकत दिखानी है तो वह एस्प्लेनेड की बजाय ब्रिगेड परेड ग्राउंड में रैली करे।
यह भी पढ़ें- Ram Mandir Donation Row: अयोध्या राम मंदिर में दान की चोरी पर RSS ने जताया दुख, तीन दिवसीय बैठक में उठा मुद्दा
आसनसोल में मीडिया से बातचीत में अग्निमित्रा पॉल ने कहा, 'अब कोई तृणमूल कांग्रेस नहीं बची है। यह टुकड़े-टुकड़े गैंग बन गई है। चाहे टीएमसी का कोई भी गुट 21 जुलाई का कार्यक्रम करे, हमें उससे कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन पश्चिम बंगाल की जनता को यह जानने का अधिकार है कि 21 जुलाई 1993 को वास्तव में क्या हुआ था'।
विज्ञापन
आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 1993 की घटना की जांच के लिए आयोग गठित करने और उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करने का वादा किया था, लेकिन आज तक बंगाल के लोगों को वह रिपोर्ट नहीं दिखाई गई। उन्होंने कहा, 'अगर ममता बनर्जी वास्तव में 21 जुलाई के शहीदों को श्रद्धांजलि देना चाहती हैं तो सबसे पहले आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करें'।
ब्रिगेड परेड ग्राउंड में रैली करने की चुनौती
भाजपा नेता ने कहा कि 21 जुलाई का कार्यक्रम एस्प्लेनेड जैसे व्यस्त इलाके में करने से आम लोगों को परेशानी होगी। उन्होंने कहा कि यदि टीएमसी अपनी संगठनात्मक ताकत दिखाना चाहती है तो उसे ब्रिगेड परेड ग्राउंड में रैली करनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'हम भी देखना चाहते हैं कि उनकी वास्तविक ताकत कितनी है। बंगाल की जनता भी यह देखना चाहती है'। अग्निमित्रा पॉल ने यह भी कहा कि विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी भी पहले ब्रिगेड परेड ग्राउंड में रैली आयोजित करने की सलाह दे चुके हैं।
एस्प्लेनेड में रैली के लिए हाई कोर्ट पहुंची टीएमसी
दरअसल, टीएमसी ने इस साल भी अपनी पारंपरिक 'शहीद दिवस' रैली कोलकाता के एस्प्लेनेड में आयोजित करने की अनुमति मांगी थी। हालांकि, कोलकाता पुलिस ने यातायात बाधित होने का हवाला देते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसके बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी ने अनुमति के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया है। वहीं, ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले टीएमसी के बागी गुट को एस्प्लेनेड स्थित गांधी प्रतिमा के पास अपना अलग 'शहीद दिवस' कार्यक्रम आयोजित करने की पुलिस से अनुमति मिल चुकी है।
यह भी पढ़ें- तांत्रिक, टोटके और प्रताड़ना: बहू के आरोपों से घिरा पूर्व सांसद विनायक राउत का परिवार, सच या करोड़ों की साजिश?
21 जुलाई का क्या है महत्व?
तृणमूल कांग्रेस हर साल 21 जुलाई को 'शहीद दिवस' मनाती है। यह कार्यक्रम वर्ष 1993 में हुई उस कथित पुलिस फायरिंग की याद में आयोजित किया जाता है, जिसमें ममता बनर्जी के नेतृत्व में निकाली गई रैली के दौरान युवा कांग्रेस के 13 कार्यकर्ताओं की मौत हुई थी। वर्षों से एस्प्लेनेड स्थित विक्टोरिया हाउस के सामने होने वाली यह रैली टीएमसी के सबसे बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में मानी जाती है, जिसमें राज्यभर से लाखों कार्यकर्ता शामिल होते हैं।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- Ram Mandir Donation Row: अयोध्या राम मंदिर में दान की चोरी पर RSS ने जताया दुख, तीन दिवसीय बैठक में उठा मुद्दा
विज्ञापन
आसनसोल में मीडिया से बातचीत में अग्निमित्रा पॉल ने कहा, 'अब कोई तृणमूल कांग्रेस नहीं बची है। यह टुकड़े-टुकड़े गैंग बन गई है। चाहे टीएमसी का कोई भी गुट 21 जुलाई का कार्यक्रम करे, हमें उससे कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन पश्चिम बंगाल की जनता को यह जानने का अधिकार है कि 21 जुलाई 1993 को वास्तव में क्या हुआ था'।
विज्ञापन
#WATCH | Asansol, West Bengal: On July 21 Martyrs' Day Rally by TMC, State Minister Agnimitra Paul says, "There is no Trinamool left... It has become a 'Tukde-Tukde Gang'. It is no longer TMC; it has become TTG... Whichever faction it is, they can observe July 21st rally. But we… pic.twitter.com/FoJNL8dX6U
— ANI (@ANI) July 12, 2026
आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 1993 की घटना की जांच के लिए आयोग गठित करने और उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करने का वादा किया था, लेकिन आज तक बंगाल के लोगों को वह रिपोर्ट नहीं दिखाई गई। उन्होंने कहा, 'अगर ममता बनर्जी वास्तव में 21 जुलाई के शहीदों को श्रद्धांजलि देना चाहती हैं तो सबसे पहले आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करें'।
ब्रिगेड परेड ग्राउंड में रैली करने की चुनौती
भाजपा नेता ने कहा कि 21 जुलाई का कार्यक्रम एस्प्लेनेड जैसे व्यस्त इलाके में करने से आम लोगों को परेशानी होगी। उन्होंने कहा कि यदि टीएमसी अपनी संगठनात्मक ताकत दिखाना चाहती है तो उसे ब्रिगेड परेड ग्राउंड में रैली करनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'हम भी देखना चाहते हैं कि उनकी वास्तविक ताकत कितनी है। बंगाल की जनता भी यह देखना चाहती है'। अग्निमित्रा पॉल ने यह भी कहा कि विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी भी पहले ब्रिगेड परेड ग्राउंड में रैली आयोजित करने की सलाह दे चुके हैं।
एस्प्लेनेड में रैली के लिए हाई कोर्ट पहुंची टीएमसी
दरअसल, टीएमसी ने इस साल भी अपनी पारंपरिक 'शहीद दिवस' रैली कोलकाता के एस्प्लेनेड में आयोजित करने की अनुमति मांगी थी। हालांकि, कोलकाता पुलिस ने यातायात बाधित होने का हवाला देते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसके बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी ने अनुमति के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया है। वहीं, ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले टीएमसी के बागी गुट को एस्प्लेनेड स्थित गांधी प्रतिमा के पास अपना अलग 'शहीद दिवस' कार्यक्रम आयोजित करने की पुलिस से अनुमति मिल चुकी है।
यह भी पढ़ें- तांत्रिक, टोटके और प्रताड़ना: बहू के आरोपों से घिरा पूर्व सांसद विनायक राउत का परिवार, सच या करोड़ों की साजिश?
21 जुलाई का क्या है महत्व?
तृणमूल कांग्रेस हर साल 21 जुलाई को 'शहीद दिवस' मनाती है। यह कार्यक्रम वर्ष 1993 में हुई उस कथित पुलिस फायरिंग की याद में आयोजित किया जाता है, जिसमें ममता बनर्जी के नेतृत्व में निकाली गई रैली के दौरान युवा कांग्रेस के 13 कार्यकर्ताओं की मौत हुई थी। वर्षों से एस्प्लेनेड स्थित विक्टोरिया हाउस के सामने होने वाली यह रैली टीएमसी के सबसे बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में मानी जाती है, जिसमें राज्यभर से लाखों कार्यकर्ता शामिल होते हैं।