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Ram Mandir Donation Row: अयोध्या राम मंदिर में दान की चोरी पर RSS ने जताया दुख, तीन दिवसीय बैठक में उठा मुद्दा
Sun, 12 Jul 2026 05:50 PM IST
Pavan
पीटीआई, बेलगावी
पीटीआई, बेलगावी
Published by: Pavan
Updated Sun, 12 Jul 2026 05:50 PM IST
सार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर के दानपात्र की गिनती में कथित अनियमितताओं पर गहरा दुख जताया और भरोसा जताया कि एसआईटी जांच व पुलिस कार्रवाई जल्द निर्णायक नतीजे तक पहुंचेगी। बेलगावी में हुई अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक में जनगणना, जनसंख्या असंतुलन, नशा मुक्ति, संघ के शताब्दी कार्यक्रम और संगठनात्मक गतिविधियों पर भी चर्चा की गई।
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कर्नाटक के बेलगावी में RSS की बैठक
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
अयोध्या के श्री राम मंदिर में दानपात्र के चढ़ावे की गिनती में हुई हेराफेरी के मामले पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने गहरा दुख जताया है। संघ ने भरोसा जताया है कि इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) और पुलिस की कार्रवाई जल्द ही किसी बड़े और निर्णायक नतीजे पर पहुंचेगी।
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तीन दिवसीय बैठक में उठा मुद्दा
कर्नाटक के बेलगावी में आरएसएस की सालाना 'अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक' का आयोजन किया गया था। 10 जुलाई से 12 जुलाई तक चली इस तीन दिवसीय बैठक के आखिरी दिन राम मंदिर में दान की चोरी का मुद्दा प्रमुखता से उठा। इस बैठक के बाद संघ द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि, इस बैठक में सभी सदस्यों ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्र के चढ़ावे की गिनती में हुई गड़बड़ी की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। साथ ही, यह विश्वास जताया कि 'तीर्थ क्षेत्र न्यास' (ट्रस्ट) की मांग पर शुरू हुई एसआईटी और पुलिस की जांच जल्द ही एक निर्णायक मोड़ पर पहुंचेगी'। संघ ने राम मंदिर ट्रस्ट से यह भी उम्मीद जताई है कि वे भविष्य में सुरक्षा और पारदर्शिता के ऐसे कड़े इंतजाम करें, जिससे दोबारा ऐसी कोई घटना न हो, जो दुनिया भर के राम भक्तों की आस्था और गहरी श्रद्धा को ठेस पहुंचाए।
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क्या है पूरा मामला?
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बैठक में और किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
आरएसएस प्रमुख (सरसंघचालक) मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले की मौजूदगी में हुई इस बैठक में देश भर के 226 प्रमुख कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान संघ ने अपने कई अन्य एजेंडों पर भी चर्चा की। इसमें-
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तीन दिवसीय बैठक में उठा मुद्दा
कर्नाटक के बेलगावी में आरएसएस की सालाना 'अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक' का आयोजन किया गया था। 10 जुलाई से 12 जुलाई तक चली इस तीन दिवसीय बैठक के आखिरी दिन राम मंदिर में दान की चोरी का मुद्दा प्रमुखता से उठा। इस बैठक के बाद संघ द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि, इस बैठक में सभी सदस्यों ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्र के चढ़ावे की गिनती में हुई गड़बड़ी की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। साथ ही, यह विश्वास जताया कि 'तीर्थ क्षेत्र न्यास' (ट्रस्ट) की मांग पर शुरू हुई एसआईटी और पुलिस की जांच जल्द ही एक निर्णायक मोड़ पर पहुंचेगी'। संघ ने राम मंदिर ट्रस्ट से यह भी उम्मीद जताई है कि वे भविष्य में सुरक्षा और पारदर्शिता के ऐसे कड़े इंतजाम करें, जिससे दोबारा ऐसी कोई घटना न हो, जो दुनिया भर के राम भक्तों की आस्था और गहरी श्रद्धा को ठेस पहुंचाए।
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क्या है पूरा मामला?
- 7 जून को हुआ खुलासा: राम मंदिर के दान में हेराफेरी का यह मामला सबसे पहले 7 जून को सामने आया था।
- एसआईटी जांच और FIR: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी (SIT) की शुरुआती रिपोर्ट के बाद, इस मामले में 25 जून को एक एफआईआर (FIR) दर्ज की गई थी।
- मामले में आठ लोग गिरफ्तार: मंदिर के दान और गिनती की प्रक्रिया से जुड़े 8 आरोपियों को पुलिस अब तक गिरफ्तार कर चुकी है, और मामले की जांच अभी भी जारी है।
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बैठक में और किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
आरएसएस प्रमुख (सरसंघचालक) मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले की मौजूदगी में हुई इस बैठक में देश भर के 226 प्रमुख कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान संघ ने अपने कई अन्य एजेंडों पर भी चर्चा की। इसमें-
- कार्यकर्ताओं की ट्रेनिंग: मार्च 2026 के बाद देश भर में आयोजित हुए 83 'संघ शिक्षा वर्ग' और 12 'कार्यकर्ता विकास वर्ग' की समीक्षा की गई, जिसमें कुल 18,842 स्वयंसेवकों को ट्रेनिंग दी गई। इन्हें आपदा प्रबंधन, पर्यावरण और ग्राम विकास जैसे विषयों की जानकारी दी गई।
- शताब्दी वर्ष और शाखा विस्तार: संघ के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में चल रहे कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। साथ ही, सितंबर महीने में 'शाखा विस्तार योजना' के तहत देश भर में नई शाखाएं खोलने और नए लोगों को सामाजिक कार्यों से जोड़ने पर चर्चा हुई।
- आबादी का असंतुलन और नशाखोरी: बैठक में देश में चल रही जनगणना, जनसंख्या असंतुलन से पैदा होने वाली चुनौतियों और युवाओं में बढ़ती नशाखोरी पर चिंता जताई गई। संघ ने नशामुक्ति के प्रयासों को प्राथमिकता देने की बात कही।
- संत रविदास जयंती: इसके अलावा, महान संत शिरोमणि रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष को बड़े पैमाने पर मनाने के कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार की गई।