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'2031 में बदलाव लाएंगे Gen-Z': अन्नामलाई ने लॉन्च किया वी द लीडर्स आंदोलन, तमिलनाडु के लिए लिया ये बड़ा संकल्प
Sun, 12 Jul 2026 08:00 PM IST
राकेश कुमार
एएनआई, चेन्नई।
एएनआई, चेन्नई।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sun, 12 Jul 2026 08:00 PM IST
सार
भाजपा छोड़ने के बाद के अन्नामलाई ने 'वी द लीडर्स' आंदोलन के जरिए तमिलनाडु की सियासत में अपनी नई और स्वतंत्र पारी का शंखनाद कर दिया है। पोल्लाची में बिना किसी वीआईपी तामझाम के जुटे हजारों लोगों के बीच उन्होंने खुद को 'आम इंसान' बताते हुए जहां एक तरफ राज्य को नशामुक्त करने की हुंकार भरी, वहीं दूसरी तरफ छह महीने में 50 लाख पेड़ लगाने का ऐतिहासिक संकल्प भी लिया।
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के. अन्नामलाई, पूर्व भाजपा नेता
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने अपनी नई राह चुन ली है। भाजपा से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने अपने नए सार्वजनिक आंदोलन 'वी द लीडर्स' के बैनर तले पहली बड़ी जनसभा की है। तमिलनाडु के पोल्लाची में आयोजित 'ड्रग-मुक्त पोल्लाची जागरूकता सम्मेलन' में उमड़ी भारी भीड़ ने राज्य के सियासी समीकरणों को गर्मा दिया है।
अन्नामलाई ने क्या-क्या कहा?
इस मंच से अन्नामलाई ने न केवल नशे के खिलाफ जंग का एलान किया, बल्कि पर्यावरण को लेकर भी एक बहुत बड़ा लक्ष्य सामने रखा है। इस नई शुरुआत के बाद अब हर किसी की नजर इस बात पर टिकी है कि यह आंदोलन आगे चलकर क्या मोड़ लेता है? भाजपा के पूर्व नेता अन्नामलाई ने कहा, 'हमारे आंदोलन में 17% महिलाएं हैं। उनमें से 14% 18-25 साल की उम्र की हैं। 54% लोग 35 साल से कम उम्र के हैं। 2031 के चुनावों में बड़ा बदलाव आएगा। जेन-जी ने 2026 के चुनाव में बदलाव किया था, वे 2031 में भी बदलाव लाएंगे।'
बिना किसी वीआईपी इनविटेशन के क्यों उमड़ पड़ी हजारों की भीड़?
इस सम्मेलन की सबसे खास बात यह रही कि इसमें शामिल होने के लिए किसी को भी औपचारिक रूप से न्योता नहीं दिया गया था और न ही यहां वीआईपी पास जैसी कोई व्यवस्था थी। इसके बावजूद आचीपट्टी में आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोग खुद-ब-खुद पहुंच गए। मंच संभालते ही पूर्व भाजपा नेता अन्नामलाई ने कहा कि वह इस आंदोलन में किसी पद या कद के भूखे नहीं हैं। उन्होंने कहा, 'मैंने इस आंदोलन में शामिल होने के लिए किसी को कोई औपचारिक निमंत्रण नहीं दिया है। 'वी द लीडर्स' में मैं आप लोगों के बीच से ही एक आम इंसान हूं।'
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यह भी पढ़ें: तमिलनाडु: सीएम विजय के चुनाव को हाईकोर्ट में दी गई चुनौती, जानें क्या लगे आरोप; AIADMK में फिर बगावत की अटकलें
अन्नामलाई के आंदोलन की बड़ी बातें
नशे के खिलाफ महाअभियान: आंदोलन की पहली बड़ी शुरुआत ड्रग-मुक्त तमिलनाडु अभियान के तहत पोल्लाची से की गई है, जिसका उद्देश्य युवाओं को नशे के जाल से बाहर निकालना है।
50 लाख पौधों का लक्ष्य: सामाजिक चेतना के साथ-साथ अन्नामलाई ने पर्यावरण को सुधारने का संकल्प लिया है।
कोई वीआईपी कल्चर नहीं: आंदोलन को पूरी तरह जनता से जोड़ने के लिए वीआईपी कुर्सियों और विशेष पास की परंपरा को पूरी तरह खत्म रखा गया।
जनता का आंदोलन: अन्नामलाई ने स्पष्ट किया कि यह किसी एक व्यक्ति की यात्रा नहीं है, बल्कि सकारात्मक बदलाव की चाह रखने वाले आम नागरिकों का सामूहिक प्रयास है।
क्या यह आंदोलन जल्द ही राजनीतिक दल में तब्दील होगा?
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि अन्नामलाई का यह आंदोलन सिर्फ एक सामाजिक शुरुआत नहीं है। जानकारों का मानना है कि 'वी द लीडर्स' के जरिए वह जमीन पर एक मजबूत कैडर तैयार कर रहे हैं। इस आंदोलन का लक्ष्य 50 लाख सदस्य जोड़ने का है, जिसके पूरा होते ही इसे एक राजनीतिक दल का रूप दिया जा सकता है, जो आगामी विधानसभा चुनावों में राज्य की स्थापित पार्टियों को कड़ी टक्कर दे सकता है।
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अन्नामलाई ने क्या-क्या कहा?
इस मंच से अन्नामलाई ने न केवल नशे के खिलाफ जंग का एलान किया, बल्कि पर्यावरण को लेकर भी एक बहुत बड़ा लक्ष्य सामने रखा है। इस नई शुरुआत के बाद अब हर किसी की नजर इस बात पर टिकी है कि यह आंदोलन आगे चलकर क्या मोड़ लेता है? भाजपा के पूर्व नेता अन्नामलाई ने कहा, 'हमारे आंदोलन में 17% महिलाएं हैं। उनमें से 14% 18-25 साल की उम्र की हैं। 54% लोग 35 साल से कम उम्र के हैं। 2031 के चुनावों में बड़ा बदलाव आएगा। जेन-जी ने 2026 के चुनाव में बदलाव किया था, वे 2031 में भी बदलाव लाएंगे।'
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बिना किसी वीआईपी इनविटेशन के क्यों उमड़ पड़ी हजारों की भीड़?
इस सम्मेलन की सबसे खास बात यह रही कि इसमें शामिल होने के लिए किसी को भी औपचारिक रूप से न्योता नहीं दिया गया था और न ही यहां वीआईपी पास जैसी कोई व्यवस्था थी। इसके बावजूद आचीपट्टी में आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोग खुद-ब-खुद पहुंच गए। मंच संभालते ही पूर्व भाजपा नेता अन्नामलाई ने कहा कि वह इस आंदोलन में किसी पद या कद के भूखे नहीं हैं। उन्होंने कहा, 'मैंने इस आंदोलन में शामिल होने के लिए किसी को कोई औपचारिक निमंत्रण नहीं दिया है। 'वी द लीडर्स' में मैं आप लोगों के बीच से ही एक आम इंसान हूं।'
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अन्नामलाई के आंदोलन की बड़ी बातें
नशे के खिलाफ महाअभियान: आंदोलन की पहली बड़ी शुरुआत ड्रग-मुक्त तमिलनाडु अभियान के तहत पोल्लाची से की गई है, जिसका उद्देश्य युवाओं को नशे के जाल से बाहर निकालना है।
50 लाख पौधों का लक्ष्य: सामाजिक चेतना के साथ-साथ अन्नामलाई ने पर्यावरण को सुधारने का संकल्प लिया है।
कोई वीआईपी कल्चर नहीं: आंदोलन को पूरी तरह जनता से जोड़ने के लिए वीआईपी कुर्सियों और विशेष पास की परंपरा को पूरी तरह खत्म रखा गया।
जनता का आंदोलन: अन्नामलाई ने स्पष्ट किया कि यह किसी एक व्यक्ति की यात्रा नहीं है, बल्कि सकारात्मक बदलाव की चाह रखने वाले आम नागरिकों का सामूहिक प्रयास है।
क्या यह आंदोलन जल्द ही राजनीतिक दल में तब्दील होगा?
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि अन्नामलाई का यह आंदोलन सिर्फ एक सामाजिक शुरुआत नहीं है। जानकारों का मानना है कि 'वी द लीडर्स' के जरिए वह जमीन पर एक मजबूत कैडर तैयार कर रहे हैं। इस आंदोलन का लक्ष्य 50 लाख सदस्य जोड़ने का है, जिसके पूरा होते ही इसे एक राजनीतिक दल का रूप दिया जा सकता है, जो आगामी विधानसभा चुनावों में राज्य की स्थापित पार्टियों को कड़ी टक्कर दे सकता है।